बंसी वाले को हम याद आने लगे,कान्हा मंदिर में आंसू बहाने लगे| अब ना कीर्तन में नर्तन कहीं हो रहा,अब ना भक्तों का दर्शन कहीं हो रहा,कितना सुनसान मंदिर पड़ा देख कर,कान्हा अश्क़ों में भी मुस्कुराने लगे,बंसी वाले को …………….. अब ना याचक कोई ना दया पात्र है,पूजा को कुछ पुजारी ही बस मात्र हैं,अपना जीवन बचने में सब लग …
Read More »Rama
नमो नमो विष्णु हरी जी
नमो नमो विष्णु हरी जी जग के पालनहार है,सुंदर रूप मनोहर सूरत भगतन के प्रतिपाल है| माथे मूकटा स्वर्ण का है रूप चतुर भुज आप का,शंख चकर पदम् के धारी गल वैजयन्ती माल है,नमो नमो विष्णु हरी जी… तुमने धुरव प्रहलाद उभारे पापी तुम सब मार दिए,जब जब धरा संकट में आई आप धरे अवतार है,नमो नमो विष्णु हरी जी…… …
Read More »सिक्का वही उछाला जाए
टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। इसके बाद ही उनकी तस्वीर के साथ वाहिद अली वाहिद की पंक्तियां साझा होने लगीं। वह विशेष पंक्तियां हैं कि – दोनों ओर लिखा हो भारत, सिक्का वही उछाला जाए, तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहां तक भाला जाए। वाहिल अली वाहिद का इसी साल 59 की उम्र में …
Read More »विधि का विधान
श्री राम का विवाह और राज्याभिषेक, दोनों शुभ मुहूर्त देख कर किए गए थे; फिर भी न वैवाहिक जीवन सफल हुआ, न ही राज्याभिषेक! और जब मुनि वशिष्ठ से इसका उत्तर मांगा गया, तो उन्होंने साफ कह दिया “सुनहु भरत भावी प्रबल, बिलखि कहेहूं मुनिनाथ। हानि लाभ, जीवन मरण, यश अपयश विधि हाथ।।” अर्थात – जो विधि ने निर्धारित किया …
Read More »हनुमान चालीसा का सत्य -FACT OF HANUMAN CHALISA-तुलसीदास जी को हनुमान चालीसा जेल में क्यों लिखनी पड़ी
आज हम बात करेंगे हनुमान चालीसा के बारे में, हनुमान चालीसा कब लिखी गयी इसके पीछे का रहस्य क्या है। और इससे चालीसा क्यों कहा कहा जाता है। इसको हम कैसे पढ़ें की हमें इसका पूरा – पूरा फल मिले। यह साड़ी बातें हम आज की इस वीडियो में करने वाले हैं। जानना चाहते हैं तो वीडियो को अंत तक …
Read More »श्री राम जपो रघुवंश मणि, मिट जाए तीनो ताप
श्री राम जपो रघुवंश मणि, मिट जाए तीनो तापकाल काँपे, जम थरथरे, ऐसा है नाम प्रताप भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर देहिया बार बार ना मिली,बिना भजन के देहिया भाव से पार ना चली भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर देहिया बार बार ना मिली,बिना भजन के देहिया भाव से पार ना चली भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर …
Read More »राम को जब तिलक की तैयारी हुई
राम को जब तिलक की तैयारी हुई,फिर तो खुशियाँ अयोध्या में भारी हुई,चंद घड़ियों में बदली ख़ुशी की घड़ी,एक दासी ने कर दी मुसीबत खड़ी,रानी कैकई को मंथरा ने भड़का दिया,यह बचन मांगों राजा से समझा दिया,राज गद्दी हो मेरे भरत के लिए,राम बनबास चौदह बरस के लिए| राजा दशरथ यूं रो रो के कहने लगे,हाय बनबास मेरा दुलारा गयालुट …
Read More »सच्चे भक्त जीवन के हर क्षण को भगवान का आशीर्वाद मानकर उसे स्वीकार करते हैं
एक बार भगवान राम और लक्ष्मण एक सरोवर में स्नान के लिए उतरे। उतरते समय उन्होंने अपने-अपने धनुष बाहर तट पर गाड़ दिए जब वे स्नान करके बाहर निकले तो लक्ष्मण ने देखा की उनकी धनुष की नोक पर रक्त लगा हुआ था! उन्होंने भगवान राम से कहा -” भ्राता ! लगता है कि अनजाने में कोई हिंसा हो गई ।” …
Read More »उदेश्यों की पवित्रता से मिलती है महानता
कान्यकुब्ज देश के राजा कौशिक एक दिन अपने दल-बल समेत आखेट के लिए वन की ओर गए। लौटते समय वशिष्ठ ऋषि के आश्रम में कौशिक का ठहरना हुआ। राजा और उनकी विशाल सेना की वशिष्ठ ने भरपूर आवभगत की। कौशिक को आश्चर्य हुआ कि इस घने जंगल में एक त्यागी- तपस्वी ऋषि के पास इतने साधन कहां से आए। पूछने …
Read More »*नारी गहने क्यों पहनती हैं…….?*
*रामायण के अनुसार* भगवान राम ने धनुष तोड दिया था, सीताजी को सात फेरे लेने के लिए सजाया जा रहा था तो वह अपनी मां से प्रश्न पूछ बैठी, *‘‘माताश्री इतना श्रृंगार क्यों?’’* ‘‘बेटी विवाह के समय वधू का 16 श्रृंगार करना आवश्यक है, क्योंकि श्रृंगार वर या वधू के लिए नहीं किया जाता, यह तो आर्यवर्त की संस्कृति का …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…