” भैया, परसों नये मकान पे हवन है। छुट्टी (इतवार) का दिन है। आप सभी को आना है, मैं गाड़ी भेज दूँगा।” छोटे भाई लक्ष्मण ने बड़े भाई भरत से मोबाईल पर बात करते हुए कहा। ” क्या छोटे, किराये के किसी दूसरे मकान में शिफ्ट हो रहे हो ?” ” नहीं भैया, ये अपना मकान है, किराये का नहीं …
Read More »Ramayan
श्रीराम-राज्याभिषेक
रात्रि में विश्राम के बाद प्रात: काल विभीषण ने श्रीराम से हाथ जोड़कर कहा- प्रभो! अब आप स्नान करके दिव्य वस्त्र, मालांए तथा अंगराग का सदुपयोग करें। उसके बाद सुंदर व्यंजनों को स्वीकार कर मुझे कुछ दिन अपने आतिथ्य-सत्कार का सौभाग्य प्रदान करें। भगवान श्रीराम ने कहा –विभीषण! मेरे लिए इस समय सत्य का आश्रय लेने वाले महाबाहु भरत बहुत …
Read More »केवट के भाग्य (Fate of Kevat)
श्रीराम के बार-बार मना करने पर भी अयोध्यावासी वापस नहीं लौट रहे थे। श्रीराम भी उनके दु:ख से दु: खी थे। पूरी रात अभी बाकी थी। तभी श्रीराम ने सुमन्त्र को रथ ले चलने के लिए कहा और सीता तथा लक्ष्मण के साथ अयोध्या वासियों को सोता हुआ छोड़कर वे चल दिए। जब राम, लक्ष्मण, सीता गंगा पार करने …
Read More »ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां
ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां | किलकि किलकि उठत धाय, गिरत भूमि लटपटाय | धाय मात गोद लेत, दशरथ की रनियां || अंचल रज अंग झारि, विविध भांति सो दुलारि | तन मन धन वारि वारि, कहत मृदु बचनियां || विद्रुम से अरुण अधर, बोलत मुख मधुर मधुर | सुभग नासिका में चारु, लटकत लटकनियां || तुलसीदास अति आनंद, देख …
Read More »पायो जी मैंने राम रतन धन पायो
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो | वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु | कृपा कर अपनायो || जन्म जन्म की पूंजी पाई | जग में सबी खुमायो || खर्च ना खूटे, चोर ना लूटे | दिन दिन बढ़त सवायो || सत की नाव खेवटिया सतगुरु | भवसागर तरवयो || मीरा के प्रभु गिरिधर नगर | हर्ष हर्ष जस गायो …
Read More »भज मन राम चरण सुखदाई
भज मन राम चरण सुखदाई जिहि चरननसे निकसी सुरसरि संकर जटा समाई । जटासंकरी नाम परयो है, त्रिभुवन तारन आई ॥ जिन चरननकी चरनपादुका भरत रह्यो लव लाई । सोइ चरन केवट धोइ लीने तब हरि नाव चलाई ॥ सोइ चरन संत जन सेवत सदा रहत सुखदाई । सोइ चरन गौतमऋषि-नारी परसि परमपद पाई ॥ दंडकबन प्रभु पावन कीन्हो ऋषियन …
Read More »तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार
राम नाम सोहि जानिये, जो रमता सकल जहान घट घट में जो रम रहा, उसको राम पहचान तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदास मन काहे को करे । नैया तेरी राम हवाले, लहर लहर हरि आप सँभाले | हरि आप ही उठावे तेरा भार, उदास मन काहे को करे || काबू में मँझधार उसी के, हाथों में पतवार उसी के …
Read More »रघुपति राघव राजाराम
रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम | सीताराम सीताराम, भज प्यारे तू सीताराम | ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सब को सन्मति दे भगवान | जय रघुनंदन जय सिया राम, जानकी वल्लभ सीताराम wish4me to English raghupati raaghav raajaaraam , patit paavan seetaaraam | seetaaraam seetaaraam , bhaj pyaare too seetaaraam | eeshvar allaah tero naam , sab ko sanmati de …
Read More »सूरज की गर्मी से जलते हुए
सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर की छाया, ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है, मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम | भटका हुआ मेरा मन था, कोई मिल ना रहा था सहारा | लहरों से लगी हुई नाव को जैसे मिल ना रहा हो किनारा | इस लडखडाती हुई नव को …
Read More »हे रोम रोम मे बसने वाले राम
हे रोम रोम मे बसने वाले राम, जगत के स्वामी, हे अन्तर्यामी, मे तुझ से क्या मांगूं | आप का बंधन तोड़ चुकी हूं, तुझ पर सब कुछ छोड़ चुकी हूं | नाथ मेरे मै क्यूं कुछ सोचूं तू जाने तेरा काम || तेरे चरण की धुल जो पायें, वो कंकर हीरा हो जाएँ | भाग मेरे जो मैंने पाया, …
Read More »