*माँ जी ने दो दिनों से अनाज नहीं खाया, लिक्विड पर कब तक रहेंगी?”* *”क्यों?..उनकी पसंद का कुछ..* *””सबकुछ पूछा..जिद्द भी किया..पर बच्चे की तरह कर रहीं हैं”* *मैं कुछ दिनों के लिए ऑफिस टूर पर था, हालांकि जाना ज्यादा जरूरी नहीं था। आते ही नीलिमा ने बताया तो मैं चिंतित हो उठा।* *बच्चे अपने कमरे में सो रहे थे। …
Read More »Gyan Ganga
एक सत्य कथा
एक सत्य कथा* *हनुमान चालीसा की उत्पत्ति* *यह कहानी नही एक सत्य कथा है* *शायद कुछ ही लोगो को यह पता होगा* *पवन पुत्र हनुमान जी की आराधना तो* *सभी लोग करते है और हनुमान* *चालीसा का पाठ भी करते है, पर इसकी उत्पत्ति कहा और कैसे हुई यह जानकारी बहुत ही कम लोगो को होगी* *बात 1600 ई.की है …
Read More »श्री कामध्वज जी
राजस्थान के उदैपुर राज्य में एक सेवक परिवार रहता था। उस परिवार में चार भाई थे।उसमे से तीन भाई तो उदैपुर के शासक रणजी के यहाँ सेवा कार्य करते थे, परन्तु चौथे भाई श्री कामध्वज जी भगवद्भक्त थे।वे वन में रहकर भजन करते और समय पर घर आकर भोजन-प्रसाद पाकर फिर वन में चले जाते। यही उनका नित्य का कार्य …
Read More »Kanha teri bansi hai jadu bhari
कान्हा तोरी बंसी है जादू भरी नींदिया चुराई मोरी चैन चुराया,चैन चुराया मोरा जीया लुभायाबेकल कर गई मोहे दिन रातीकान्हा तोरी बंसी है जादू भरी| गगरी भरन गई गिर आये बादल छन छनन छन छलके पायल,घेर गई मुझे सखियाँ सहेलीकान्हा तोरी बंसी है जादू भरी| मधुर मुरलिया की तीर सुहानीछवि तोरी न्यारी लीला न्यारीरीजत सब ब्रिज के नर नारीकान्हा तोरी …
Read More »Mangal failaye tera naam hari
मंगल फैलाए तेरा नाम हरितेरे नाम में आनंद आ जाएदुःख चिंता सब मिट जाएतेरे नाम में मन जो लग जाए| निर्मलता हरि नाम से मिलतीजप से भाग्य की रेखा बदलतीउसका जीवन धन्य हैं होतागुरुदीक्षा जिसे मिल जाएहरि नाम में आनंद आ जाए| जो भी मुख से नाम हैं जपतानाम जपने से पाप हैं मिटताबिगड़ी बने उसकी जीवन मेंहरि हरि जो …
Read More »Mor pankh wala mil gya
अकेली गई थी ब्रिज में कोई नही था मेरे मन मेंमोर पंख वाला मिल गया| नींद चुराई बंसी बजा के चैन चुराया सैन चुरा केलगी आस मेरे मन में गई थी मैं वृंदावन में बांसुरी वाला मिल गयामोर पंख वाला मिल गया| उसी ने बुलाया उसी ने रुलाया ऐसा सलोना श्याम मेरे मन भायातेरी बांकी चाल देखी तेरा मुकट भी …
Read More »Mere kanha sath nibhana
और नही कुछ तुम से केहना सेवा में तेरी मुझको रेहनामेरे कान्हा मेरे कान्हा मेरे कान्हा साथ निभाना…… तू दाता मैं तेरी पुजारन तेरे दर की मैं हु भिखारन,बन ना चाहू मीरा से जोगन पूरी करदो मेरी तमना,मेरे कान्हा मेरे कान्हा मेरे कान्हा साथ निभाना….. हारे का हो तुम तो सहारा तुम से चलता सब का गुजारादिल से दिल ने …
Read More »Pancheda lal achi padiyo re ulti paati
पंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटीईश्वर ने तू भूल गयो रै लख चौरासी काटीपंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी गर्भवास में दुःख पायो थारे घणां दीना री घाटीबाहर आय राम ने भूल्यों उल्टी पढ़ ली पाटीपंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी जीव जन्तु ने खाय खाय ने बदन बणायो बाटीअपने स्वारथ कारणे ने लाखा री गर्दन काटीपंछीड़ा …
Read More »कामाख्या मंदिर
कामाख्या मंदिर का यह गुप्त 5 अनोखी रहस्य जानकार होश उड़ जायेंगे आपके यहां लगता है अम्बुवाची मेला हर साल यहां अम्बुबाची मेला के दौरान पास में स्थित ब्रह्मपुत्र का पानी तीन दिन के लिए लाल हो जाता है। पानी का यह लाल रंग कामाख्या देवी के मासिक धर्म के कारण होता है। फिर तीन दिन बाद दर्शन के लिए …
Read More »स्वामी विवेकानंद की प्रेरक कहानी – घमंड कभी न करने का ज्ञान
तो बात उस समय की है, जब स्वामी विवेकानंद अपने लोकप्रिय शिकागो धर्म सम्मेलन के भाषण के बाद भारत वापस आ गये थे। अब उनकी चर्चा विश्व के हर देश में हो रही थी। सब लोग उन्हें जानने लगे थे। स्वामी जी भारत वापस आकर अपने स्वभाव अनुरूप भ्रमण कर रहे थे। इस समय वे हिमालय और इसके आसपास के …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…