एक सज्जन स्वामी रामकृष्ण परमहंस के पास सत्संग के लिए पहुँचे। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रश्न किया, ‘महाराज, मुक्ति कब होगी?’ परमहंसजी ने कहा, ‘जब ‘मैं’ चला जाएगा, तब स्वतः मुक्ति की अनुभूति करने लगोगे। स्वामीजी ने बताया, ‘मैं दो तरह का होता है-एक पक्का मैं और दूसरा कच्चा मैं। जो कुछ मैं देखता, सुनता या महसूस करता हूँ, उसमें …
Read More »Gyan Ganga
सत्य और सुख
खलील जिब्रान से किसी ने पूछा, ‘आज दानवता, हिंसा और अनैतिकता का बोलबाला क्यों हो रहा है? जिब्रान ने उसे बताया, ‘ईश्वर ने जब आदमी को दुनिया में भेजा, तो उसके दोनों हाथों में एक-एक घड़ा थमा दिया था। परमात्मा ने उससे कहा, एक घड़े में सत्य भरा है, जिसका पालन कल्याणकारी होगा। दूसरे घड़े में सुख है, जो विषय-वासना …
Read More »पिला दे साँवरिया अपने नाम की मस्ती
पिला दे साँवरिया, अपने नाम की मस्ती तेरे हवाले करदी मैंने ll,,अपनी जीवन हस्ती,,,पिला दे,,, जय हो lll साँवरिया, अपने नाम की मस्ती मैं तेरे चरणों में आया, “मन में लेकर आशा” lजी भर मुझको पिला दे बाबा, “न जाऊँ मैं प्यासा” ll*दाम की मुझको, फ़िक्र नहीं है ll,,मँहगी हो या सस्ती,,,पिला दे,,, जय हो lll साँवरिया, अपने नाम की …
Read More »राज़ी तेरी राजा में मुझे एतराज़ क्या हैं
राज़ी तेरी राजा में मुझे एतराज़ क्या हैं,तेरे पास बिजलिया हैं मेरे पास आशियाना,तेरे नाम ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना.मुझे इसका गम नहीं हैं कि बदल गया ज़माना,मेरे ज़िन्दगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना, वो जो इश्क था मोनो वो जूनून था,लेकिन ये जो विरह, मानों ये मेरा नसीब हैं,तेरी बंदगी से पहले मुझे कौन जानता था, …
Read More »घणी दूर से दोड़्यो थारी गाडुली के लार
घणी दूर से दोड़्यो थारी गाडुली के लार,अर र र, थारी गाडूली के लार,गाड़ी में बिठा ले रे बाबा,जाणों है नगर अंजार। नरसी बोल्यो म्हारे सागे, के करसी,ओढ़न कपडा नाहीं,बैठ सियां मरसी,बूढ़ा बैल टूट्योड़ी गाड़ी,पैदल जावे हार,अर र र, पैदल जावे हार,गाड़ी में बिठा ले रे बाबा,जाणों है नगर अंजार। ज्ञान दासजी कहवे गाडुली तोड़ेगा,ज्ञान दासजी कहवे तूमड़ा फोड़ेगा,घणी भीड़ …
Read More »सखी री छैल बिहारी से निगोड़ी लड़ गयी अँखियाँ
सखी री छैल बिहारी से निगोड़ी लड़ गयी अँखियाँ सखी री छैल बिहारी से,निगोड़ी लड़ गयी अँखियाँ,मनाई लाख ना मानी,छिछोरी लड़ गयी अँखियाँ,सखी री छैल ……… निरखि सखी रूप मोहन का,दमकती रह गयी अँखियाँ,श्याम मिलि श्यामल बन जाऊं,तरसती रह गयी अँखियाँ,सखी री छैल…….. वह छैला कर गया जादू,कि तकती रह गयी अँखियाँ,चलाई बान नैनन से,जिगर में गड़ गयी अँखियाँ,सखी री …
Read More »हे गोपाल सांवरिया मेरे, नन्दलाल सांवरिया मेरे
हे गोपाल सांवरिया मेरे नन्दलाल सांवरिया मेरे,मेरा कोई नहीं बिन तेरे, नन्दलाल सांवरियां मेरे,हे गोपाल सांवरिया मेरे, नन्दलाल सांवरिया मेरे,हे गोविन्द …. हे गोपाल …. जितना दिया सरकार ने, उतनी मेरी औकात नहीं,ये तो कर्म हैं मेरे दाता का, मुझमें कोई ऐसी बात नहीं. गोपाल ….पूजा का अधिकार दे दिया, मैं वरदान और क्या मांगू,जीवन दान दे दिया तूने, अब …
Read More »खा ले रोटी मक्खना दे नाल ठाकरा
खा ले रोटी मक्खना दे नाल ठाकराघोटे हुए साग दा कमाल ठाकराखा ले रोटी वे खा ले रोटी…. मक्की दीयां रोटियां तू साग नाल खालस्सी दा वी छन्ना तेनु दे मागी मंगारखिया ए आम दा अचार ठाकराघोटे हुए साग दा कमाल ठाकराखा ले रोटी वे खा ले रोटी….. पंडिता दे घर खांदा खीर कड़ाहलड्डू पेड़ा बर्फी दा तु भोग भी …
Read More »श्री राम जपो रघुवंश मणि, मिट जाए तीनो ताप
श्री राम जपो रघुवंश मणि, मिट जाए तीनो तापकाल काँपे, जम थरथरे, ऐसा है नाम प्रताप भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर देहिया बार बार ना मिली,बिना भजन के देहिया भाव से पार ना चली भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर देहिया बार बार ना मिली,बिना भजन के देहिया भाव से पार ना चली भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर …
Read More »राम को जब तिलक की तैयारी हुई
राम को जब तिलक की तैयारी हुई,फिर तो खुशियाँ अयोध्या में भारी हुई,चंद घड़ियों में बदली ख़ुशी की घड़ी,एक दासी ने कर दी मुसीबत खड़ी,रानी कैकई को मंथरा ने भड़का दिया,यह बचन मांगों राजा से समझा दिया,राज गद्दी हो मेरे भरत के लिए,राम बनबास चौदह बरस के लिए| राजा दशरथ यूं रो रो के कहने लगे,हाय बनबास मेरा दुलारा गयालुट …
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