श्री गणेश चालीसा (Shri Ganesha Chalisa in Hindi) ॥दोहा॥ जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू ॥ ॥चौपाई॥ जै गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥ वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥ राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट …
Read More »Gyan Ganga
अमरनाथ धाम का महात्म्य एवं यात्रा का फल(Importance of Amarnaath Dhaam Yatra)
कहते हैं जिस पर भोले बाबा की कृपा होती है वही अमरनाथ धाम पहुंचता है. यहां पहुंचना ही सबसे बड़ा पुण्य है. जो भक्त बाबा हिमानी का दर्शन करता है उसे इस संसार में सर्व सुख की प्राप्ति होती है. व्यक्ति के कई जन्मों के पाप कटित हो जाते हैं और शरीर त्याग करने के पश्चात उत्तम लोक में स्थान …
Read More »अमरनाथ धाम हिन्दु मुस्लिम एकता का प्रतीक(Amarnaath dhaam is the symbol of unity between Hindu and Muslim)
भगवान अपने भक्तों में किसी प्रकार का अंतर नहीं करता है. इसका प्रमाण है अमरनाथ धाम. हिन्दु जिस अमरनाथ धाम की यात्रा को अपना सौभाग्य मानते हैं उस अमरनाथ धाम के विषय में बताने वाला एक मुस्लिम गड़रिया था. जिसे पशु चराते बाबा हिमानी अमरनाथ का पता उसी प्रकार लगा जिस तरह बैजू को बाबा बैद्यनाथ का पता चला. आज …
Read More »भगवान मानव रूप नहीं ले सकते (God can not take human form)
सिख धर्म का अवतारवाद में विश्वास नहीं है। सिख धर्म इस बात का पुरजोर विरोध करता है कि भगवान अवतार लेते हैं या भगवान के कई रूप होते हैं। सिख धर्म की मान्यता है कि भगवान ना तो जीवन लेते हैं और ना मृत्यु को प्राप्त होते हैं। वह एक ऐसी शक्ति हैं जो इस संसार में सदैव व्याप्त है। …
Read More »श्री गायत्री चालीसा
ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड ॥ शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखण्ड ॥ १॥ जगत जननी मङ्गल करनि गायत्री सुखधाम । प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम ॥ २॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी । गायत्री नित कलिमल दहनी ॥॥ अक्षर चौविस परम पुनीता । इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता ॥॥ शाश्वत सतोगुणी सत रूपा । …
Read More »अद्भुत है अमरनाथ शिवलिंग (Amazing is the Amarnath Lingam)
अमरनाथ शिवलिंग हिम से निर्मित होता. यह शिवलिंग अन्य शिवलिंगों की भांति सालों भर नहीं रहता है. वर्ष के कुछ महीनों में यहां हिम से स्वयं शिवलिंग का निर्माण होता है. स्वयं हिम से निर्मित शिवलिंग होने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग भी कहा जाता है. आषाढ़ पूर्णिमा से शिवलिंग का निर्माण होने लगता है जो श्रावण पूर्णिमा के …
Read More »स्वर्ण मन्दिर (Golden temple)
स्वर्ण मंदिर सिखों का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। जिस तरह हिंदुओं के लिए अमरनाथ जी और मुस्लिमों के लिए काबा पवित्र है उसी तरह सिखों के लिए स्वर्ण मंदिर महत्त्व रखता है। सिक्खों के लिए स्वर्ण मंदिर बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसे “अथ सत तीरथ” के नाम से भी जाना जाता है। सिखों के पांचवें गुरु अर्जुनदेव जी …
Read More »अमरनाथ धाम की कथा (story of Amarnath shrine)
माता पार्वती शिव के समान ही आदि शक्ति हैं. सृष्टि के आरम्भ से लेकर अंत तक की सभी कथाएं इन्हें ज्ञात है. एक समय की बात है देवी पार्वती के मन में अमर होने की कथा जानने की जिज्ञासा हुई. पार्वती ने भगवान शंकर से अमर होने की कथा सुनाने के लिए कहा. भगवान शंकर पार्वती की बात सुनकर चौंक …
Read More »श्री विमलनाथ जी
विमलनाथ जी जैन धर्म के तेरहवें तीर्थंकर हैं। प्रभु विमलनाथ जी का जन्म माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को भाद्रपद नक्षत्र में कम्पिला में हुआ। विमलनाथ जी के शरीर का रंग सुवर्ण (सुनहरा) और चिह्न शूकर था। विमलनाथ जी का जीवन परिचय (Life of Jain Tirthankar Vimalnath Ji) कालक्रम के अनुसार विमलनाथ जी ने राजपद का दायित्व भी …
Read More »कबीर भजन (काव्य)
उमरिया धोखे में खोये दियो रे। धोखे में खोये दियो रे। पांच बरस का भोला-भाला बीस में जवान भयो। तीस बरस में माया के कारण, देश विदेश गयो। उमर सब …. चालिस बरस अन्त अब लागे, बाढ़ै मोह गयो। धन धाम पुत्र के कारण, निस दिन सोच भयो।। बरस पचास कमर भई टेढ़ी, सोचत खाट परयो। लड़का बहुरी बोलन लागे, …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…