गीता वेदों को बहुत आदर देती है । भगवान अपने को समस्त वेदों के द्वारा जाननेयोग्य, वेदान्तका रचनेवाला और वेदों को जाननेवाला कहकर उनका महत्तव बहुत बढ़ा देते हैं । संसार रूपी अश्वत्थवृक्षका वर्णन करते हुए भगवान कहते हैं कि ‘मूलसहित उस वृक्षको तत्व से जाननेवाला ही वास्तव में वेद के तत्व को जाननेवाला है’ । इससे भगवान ने यह …
Read More »Gyan Ganga
सबसे बड़ा दान क्या है ?
यज्ञ में युधिष्ठिर से प्रश्न किया गया ‘श्रेष्ठ दान क्या है’ ? इस पर युधिष्ठिर ने उत्तर दिया, ‘जो सत्पात्र को दिया जाएं । जो प्राप्त दान को श्रेष्ठ कार्य में लगा सके, उसी सत्पात्र को दिया दान श्रेष्ठ होता है । वहीं पुण्यफल देने में समर्थ है ।’ कर्ण ने अपने कवज का शिवि ने अपने मांस का, जीमूतवाहन …
Read More »दक्षिणा क्यों है महत्त्वपूर्ण
दक्षिणा प्रदान करने वालों के ही आकाश में तारागण के रूप में दिव्य चमकीले चित्र हैं, दक्षिणा देने वाले ही भूलोक में सूर्य की भांति चमकते हैं, दक्षिणा देने वालों को अमरत्व प्राप्त होता है और दक्षिणा देने वाले ही दीर्घायु होकर जीवित रहते हैं । शास्त्रों में दक्षिणारहित यज्ञ को निष्फल बताया गया है । जिस वेदवेत्ता ने हवन …
Read More »गुरु का महत्त्व क्यों ?
भारतीय संस्कृति में ‘आचार्य देवो भव’ कहकर गुरु को असीम श्रद्धा का पात्र माना गया है । गुरु शब्द में ‘गु’ का अर्थ अंधकार तथा ‘रु’ का दूर करने से लगाया जाता है । अर्थात जो अंधकार को दूर कर सके, वहीं गुरु है । वैसे, हमारे शास्त्रों में गुरु के अनेक अर्थ बताएं गए हैं । गुरु का महत्त्व …
Read More »पैर उतने ही पसारो जितनी चादर की लम्बाई हो
एक कछुआ यह सोचकर बड़ा दुखी रहता था कि पक्षीगण बड़ी आसानी से आकाश में उड़ा करते हैं , परन्तु मैं नही उड़ पाता । वह मन ही मन यह सोचविचार कर इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि यदि कोई मुझे एक बार भी आकाश में पहुँचा दे तो फिर मैं भी पक्षियो की तरह ही उड़ते हुये विचरण किया करूँ …
Read More »सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में
हिन्दू धर्म में सोमनाथ मंदिर का अपना एक अलग ही स्थान है। सोमनाथ मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला स्थान प्राप्त है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इतना ही नहीं, कहते हैं महादेव अपने दरबार से किसी भी भक्त को खाली नहीं लौटने …
Read More »सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में
कैलाश मानसरोवर कैलाश पर्वत और मानसरोवर को धरती का केंद्र माना जाता है। यह हिमालय के केंद्र में है। मानसरोवर वह पवित्र जगह है, जिसे शिव का धाम माना जाता है। पुराणों के अनुसार यहाँ शिवजी का स्थायी निवास होने के कारण इस स्थान को 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह हिन्दुओं के लिए प्रमुख तीर्थ स्थल है। …
Read More »सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में
महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है। यह मध्य प्रदेश के उज्जैन नगर में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है। ज्योतिर्लिग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी स्थापना अपने आप हुई है। इस स्थल पर जो भी श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनी मनोकामना लेकर आता है, उसकी मनोकामनाएं निश्चित रूप से पूरी …
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श्री वैद्यनाथ शिवलिंग समस्त ज्योतिर्लिंगों में नौवें स्थान पर है। यह झारखंड के देवघर जिले में स्थित है। देवघर शब्द का अर्थ है – ऐसा स्थान जहां देवी-देवता निवास करते हों। इसलिए इसे देवघर या बाबा धाम भी कहा जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसी भी द्वादश ज्योतिर्लिंग से अलग यहां के मंदिर के …
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भगवान शिव का ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। इस स्थान पर नर्मदा के दो धाराओं में विभक्त हो जाने से बीच में एक टापू सा बन गया है। इस टापू को मांधाता पर्वत या शिवपुरी कहते हैं। नदी की एक धारा इस पर्वत के उत्तर और दूसरी दक्षिण होकर बहती है। दक्षिण वाली …
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