फिर भी तू है प्यासा हरी का नाम तो पास है बंदे फिर क्यू छ्चोड़े आशा नदी किनारे खड़ा है पगले फिर भी तू है प्यासा हरी का नाम तो पास है बंदे फिर क्यू छ्चोड़े आशा इश्स जाग की नादिया मे देखो प्रभु का जल है प्यारा च्चल च्चल कल कल निर्मल है जल प्रभु सुमिरन की धारा इश्स …
Read More »Gyan Ganga
लंबोदरा लकुमिकारा
लंबोदरा लकुमिकारा अंबा सूता अमरा विनुता लंबोदरा लकुमिकारा श्री गणनता सिंधुरा वरना करुणा सगरा करी वादना श्री गणनता सिंधुरा वरना करुणा सगरा करी वादना लंबोदरा लकुमिकारा अंबा सूता अमरा विनुता लंबोदरा लकुमिकारा सिद्धा चारणा गाना सेविता सिद्धि विनायका ते नामो नामो सिद्धा चारणा गाना सेविता सिद्धि विनायका ते नामो नामो लंबोदरा लकुमिकारा अंबा सूता अमरा विनुता लंबोदरा लकुमिकारा सक़ाला विद्या …
Read More »बृहस्पति देव
देव गुरु बृहस्पति पीत वर्ण के हैं। उनके सिरपर स्वर्ण मुकुट तथा गले में सुन्दर माला हैं । वे पीत वस्त्र धारण करते हैं तथा कमल के आसन पर विराजमान हैं । उनके चार हाथों में क्रमशः- दण्ड, रुद्राक्ष की माला , पात्र और वरमुद्रा सुशोभित हैं।महाभारत आदिपर्व के अनुसार बृहस्पति महर्षि अङ्गिरा के पुत्र तथा देवताओं के पुरोहित हैं। …
Read More »यह भी कट जाएगा
एक बार एक राजा की सेवा से प्रसन्न होकर एक साधू नें उसे एक ताबीज दिया और कहा कि राजन इसे अपने गले मे डाल लो और जिंदगी में कभी ऐसी परिस्थिति आये कि जब तुम्हे लगे कि बस अब तो सब ख़तम होने वाला है ,परेशानी के भंवर मे अपने को फंसा पाओ ,कोई प्रकाश की किरण नजर ना …
Read More »दिल को छू लेने वाली कहानी
छोटी मनु ने गुल्लक से सब सिक्के निकाल लिए और उनको बटोर कर जेब में रख लिया, घर से निकल पड़। पास में ही केमिस्ट की दुकान थी। उसके जीने वह धीरे धीरे चढ़ गयी | वो काउंटर के सामने जाकर खड़ी हो गयी। और बोलने लगी। पर छोटी सी मनु पर किसी का भी ध्यान नहीं गया। और न …
Read More »भक्ति की शक्ति
एक बार तुलसीदास जी वृन्दावन आये वहॉ पर वह नित्य ही कृष्ण स्वरूप श्री नाथजी के दर्शन को जाते थे उस मंदिर में एक महंत थे जिनका नाम परशुराम था एक दिन जब नित्य कि तरह तुलसी बाबा दर्शन करने पहुँचे तो उनहोंने देखा कि बंशी लकुट काछनी काछे मुकुट माथ माला उर आछे प्रभु के एक हाथ में बंशी …
Read More »भगवान शिव का ये मंदिर 5वीं शताब्दी का है, खुदाई में ऐसे और मंदिर मिलने की संभावना है
कहते हैं कि शिव ही सत्य और शक्ति हैं. बिना इनके दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती है. वैसे तो भगवान शिव की पूजा सदियों से होती आ रही है और वर्तमान में भी हो रही है. भगवान शिव अपने भक्तों का ध्यान रखते हैं, उनके सारे कष्टों का निवारण भी करते हैं. जो लोग भगवान शिव के अस्तित्व …
Read More »लुप्त होने की कगार पर है वैदिक शिक्षा के गढ़ ‘मंथनी गांव’ का गोमतेश्वर मंदिर
मंथनी के गोमतेश्वर मंदिर की टूटी-फूटी दीवारों और लताओं से ढकी मूर्तियों को देख कर आपको लगेगा जैसे आप हजारों साल पुराने किसी बीहड़ में आ गये हैं. ये जगह पहले वैदिक शिक्षा का गढ़ हुआ करती थी. ये गांव वेद शास्त्रियों से भरा हुआ था. माना जाता है कि मंथनी हजारों ब्राह्मणों का घर हुआ करता था. बुजुर्गों का …
Read More »परंपरा का निर्माण
जीवन के साथ आयुर्वेद का गहरा संबंध होने के कारण पितामह ब्रह्मा ने आयुर्वेद के पठन – पाठन की परंपरा स्थापित की । ब्रह्मा जी ने इस चिकित्सा – शास्त्र को अपने मानसपुत्र दक्ष को और दक्ष ने अश्विनीकुमारों को तथा अश्विनीकुमारों ने देवराज इंद्र को पढ़ाया । इस तरह यह परंपरा आजतक चलती चली आ रही है । यद्यपि …
Read More »चिकित्सकों के चिकित्सक भगवान शिव
भगवान रुद्र ने ओषधियों का निर्माण करके जगत का इतना कल्याण किया है कि वेद ने भी भगवान शंकर सम्पूर्ण शरीर को ही भेषज मान लिया है । कहा है कि – या ते रुद्र शिवा तनू शिवा विश्वस्य भेषजी । शिवा रुद्रस्य भेषजी तया नो मृड जीवसे ।। सचमुच आयुर्वेद भगवान शिव के रूप में ही अभिव्यक्त हुआ था, …
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