होली एक रंगबिरंगा मस्ती भरा पर्व है। इस दिन सारे लोग अपने पुराने गिले–शिकवे भूल कर गले लगते हैं और एक दूजे को गुलाल लगाते हैं। बच्चे और युवा रंगों से खेलते हैं। फाल्गुन मास की पुर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है। होली के साथ अनेक कथाएं जुड़ीं हैं। होली मनाने के एक रात पहले होली को जलाया जाता …
Read More »Gyan Ganga
जीवन मिथ्या, मृत्यु मिथक; फिर सत्य क्या है!!
जीवन में दो बड़े सत्य हैं, जन्म और मृत्यु। दोनों के मध्य अनंत कार्य हैं उनमें से एक है प्रेम। जन्म भी कई बार झूठा लगता है क्योंकि हम बार-बार जन्मते हैं। आत्मा सिर्फ शरीर बदलती है, नया वस्त्र ले लेती है। तो फिर इसे नया जन्म क्यों मानें, जन्म का रूप परिवर्तन क्यों न कहें !! इस जन्म के …
Read More »Bhagavad Gita :अध्याय 11 श्लोक 11 – 43 ,
आप इस चर तथा अचर सम्पूर्ण दृश्यजगत के जनक हैं । आप परम पूज्य महान आध्यात्मिक गुरु हैं । न तो कोई आपके तुल्य है, न ही कोई आपके समान हो सकता है । हे अतुल शक्ति वाले प्रभु! भला तीनों लोकों में आपसे बढ़कर कोई कैसे हो सकता है? तात्पर्य भगवान् कृष्ण उसी प्रकार पूज्य हैं, जिस प्रकार पुत्र …
Read More »Vainaiki Ganesh Chaturthi Vrat
वैनायकी गणेश 4 व्रत वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत अथवा दुर्वा गणपति व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष में चतुर्थी तिथि को किया जाता है। यह दुर्वा गणपति चतुर्थी के नाम से प्रसिद्ध है। गणेश जी का उद्भव यानी जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था। हालांकि, श्रद्धालु पूरे साल के प्रत्येक पक्ष में गणेश जी के निमित्त चतुर्थी तिथि …
Read More »संकष्टी गणेश चतुर्थी
हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल चतुर्थी को हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार गणेश चतुर्थी मनाया जाता है। गणेश पुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार इसी दिन समस्त विघ्न बाधाओं को दूर करने वाले, कृपा के सागर तथा भगवान शंकर और माता पार्वती के पुत्र श्री गणेश जी का आविर्भाव हुआ था। भगवान विनायक के जन्मदिवस पर …
Read More »Sheetala Ashtami
पुराणों का वर्णन Sheetala माता भगवान ब्रह्मा के द्वारा बनाई गई हो. भगवान ब्रह्मा उससे वादा किया था कि वह धरती पर पूजा किया जाएगा, लेकिन वह दाल के बीज लेकर की जरूरत है. वह अपने साथी के रूप में Jvara Asura (बुखार दानव), जो भगवान शिव के पसीने से बनाया गया था के लिए कहा.Sheetala माता की कहानी का …
Read More »Meena Sankranti
Meena Sankranti marks the beginning of the twelfth and last month in Hindu Solar Calendar. All twelve Sankrantis in the year are highly auspicious for Dan-Punya activities. Only certain time duration before or after each Sankranti moment is considered auspicious for Sankranti related activities. For Meena Sankranti sixteen Ghatis after the Sankranti moment are considered Shubh or auspicious and the …
Read More »पापमोचनी व्रत Papmochani Ekadasi Vrat
एकादशी व्रत में श्री विष्णु जी का पूजन किया जाता है. पापमोचनी एकादशी व्रत करने के लिये उपवासक को इससे पूर्व की तिथि में सात्विक भोजन करना चाहिए. एकादशी व्रत की अवधि 24 घंटों की होती है. इसलिए इस व्रत को प्रारम्भ करने से पूर्व स्वयं को व्रत के लिये मानसिक रुप से तैयार कर लेना चाहिए. एकाद्शी व्रत में …
Read More »सूर्य ग्रहण Surya Grahan
अंतरिक्ष में जब चन्द्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है तब उस समय को सूर्य ग्रहण कहते हैं। सूर्यग्रहण और ज्योतिष (Surya Grahan Remedies in Hindi) मत्स्य पुराण के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय सूर्य से जुड़े मंत्रों का जाप करते रहना चाहिए जैसे गायत्री मंत्र आदि। साथ ही इस दौरान अन्न, वस्त्र, गौ दान आदि का बेहद महत्व …
Read More »Chaitra Navratri
Chaitra Navratri, also known as Basant or Vasant Navratri, is the nine days festival dedicated to the worship of Goddess Shakti. Chaitra Navratri starts from the first day of Shukla Paksh in the month of Chaitra and end on the ninth day on Ram Navami. Since Lord Rama was born on the ninth day in the month of Chaitra, hence these …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…