बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे .. राम, लखन, शत्रुघन, भरतजी, झूलें कंचन पालने में . बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे .. राजा दसरथ रतन लुटावै, लाजे ना कोउ माँगने में . बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे .. प्रेम मुदित मन तीनों रानी, सगुन मनावैं मन ही मन में . बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे .. राम …
Read More »Gyan Ganga
कौशल्या रानी अपने लला को दुलरावे
कौशल्या रानी अपने लला को दुलरावे सुनयना रानी अपनी लली को दुलरावे मुख चू्मे और कण्ठ लगावे मन में मोद में मनावे कौशल्या रानी मन में मोद में मनावे शिव ब्रह्मा जाको पार न पावे निगम नेति कहि गावे कौशल्या रानी निगम नेति कहि गावे हरि सहचरि बड़ भाग्य निराली अपनी गोद खिलावे कौशल्या रानी अपनी गोद खिलावे wish4me In …
Read More »रघुबर तुमको मेरी लाज
रघुबर तुमको मेरी लाज सदा सदा मैं शरण तिहारी तुम हो ग़रीब नेवाज रघुबर तुम हो ग़रीब नेवाज रघुबर तुमको मेरी लाज पतित उधारन विरद तिहारो श्रवन न सुनी आवाज हूँ तो पतित पुरातन कहिये पार उतारो जहाज रघुबर पार उतारो जहाज रघुबर … अघ खण्डन दुख भंजन जन के यही तिहारो काज रघुबर यही तिहारो काज तुलसीदास पर किरपा …
Read More »बीत गये दिन
बीत गये दिन भजन बिना रे। भजन बिना रे भजन बिना रे॥ बाल अवस्था खेल गवांयो। जब यौवन तब मान घना रे॥ लाहे कारण मूल गवाँयो। अजहुं न गयी मन की तृष्णा रे॥ कहत कबीर सुनो भई साधो। पार उतर गये संत जना रे॥ wish4me In English Psalm day passed without Ray. Without Ray Ray without hymns hymns. Gwanyo game …
Read More »हे गोविन्द राखो शरन
हे गोविन्द हे गोपाल हे गोविन्द राखो शरन अब तो जीवन हारे नीर पिवन हेत गयो सिन्धु के किनारे सिन्धु बीच बसत ग्राह चरण धरि पछारे चार प्रहर युद्ध भयो ले गयो मझधारे नाक कान डूबन लागे कृष्ण को पुकारे द्वारका मे सबद दयो शोर भयो द्वारे शन्ख चक्र गदा पद्म गरूड तजि सिधारे सूर कहे श्याम सुनो शरण हम …
Read More »नाम जपन क्यों छोड़ दिया
नाम जपन क्यों छोड़ दिया क्रोध न छोड़ा झूठ न छोड़ा सत्य बचन क्यों छोड दिया झूठे जग में दिल ललचा कर असल वतन क्यों छोड दिया कौड़ी को तो खूब सम्भाला लाल रतन क्यों छोड दिया जिन सुमिरन से अति सुख पावे तिन सुमिरन क्यों छोड़ दिया खालस इक भगवान भरोसे तन मन धन क्यों ना छोड़ दिया नाम …
Read More »पलकों के झपकने के पीछे की कथा
पुराणों में छोटी-छोटी बातों का भी वर्णन आता है. हम समय-समय पर इनसे जुड़ी कथाएं लेकर आते रहते हैं. आज मैं आपको हमारी पलकों के झपकने के पीछे की कथा लेकर आया हूं. पलकें झपकने को लेकर देवी भागवत पुराण एवं अन्य पुराणों में एक कथा है. इस कथा का संबंध माता सीता के पूर्वजों से हैं. आज वह कथा …
Read More »नृसिंहावतार
हिरण्याक्ष के वध से उसका भाई हिरण्यकशिपु बहुत दु:खी हुआ। वह भगवान का घोर विरोधी बन गया। उसने अजेय बनने की भावना से कठोर तप किया। उसे देवता, मनुष्य या पशु आदि से ना मरने का वरदान मिला। वरदान पाकर वह अजेय हो गया। हिरण्यकशिपु का शासन इतना कठोर था कि देव- दानव सभी उसके चरणों की वंदना करते रहते …
Read More »कृपा करो श्री राम
कृपा करो श्री राम , सब पर कृपा करो मैं ना जानू किस विधि रीझो अपनी नज़र मेहर की कीजो आनंदकंद घनश्याम सब पर कृपा करो आज तलक तो कोई सवाली तेरे दर से गया न खाली भर दो घर में धन धान्य सब पर कृपा करो गहरी नदिया निशा अंधेरी ये निर्दोष शरण है तेरी लो गिरते को तुम थाम सब पर कृपा करो राम राम राम सिया …
Read More »इतना तो करना स्वामी
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकलेश्री गंगा जी का तट हो, यमुना का वंशीवट हो मेरा सांवरा निकट हो जब प्राण तन से निकले इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले पीताम्बरी कसी हो छवि मन में यह बसी हो होठों पे कुछ हसी हो जब प्राण …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…