1.तुम्हारे कर्म ही तुम्हारी अच्छाई का निर्माण करते हैं। जैसे चाहकर भी तुम परछाई को अपने से अलग नहीं कर सकते ठीक इसी प्रकार तुम्हारे कर्म भी तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ते। 2.जैसे प्रकाश के अभाव में परछाई नहीं दिखती ऐसे ही अज्ञान के अन्धकार में तुमको अपने कर्मों का परिणाम भी नजर नहीं आता तो यह मान लेते हो कि …
Read More »Gyan Ganga
बधैया बाजे
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे .. राम, लखन, शत्रुघन, भरतजी, झूलें कंचन पालने में . बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे .. राजा दसरथ रतन लुटावै, लाजे ना कोउ माँगने में . बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे .. प्रेम मुदित मन तीनों रानी, सगुन मनावैं मन ही मन में . बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे .. राम …
Read More »कौशल्या रानी अपने लला को दुलरावे
कौशल्या रानी अपने लला को दुलरावे सुनयना रानी अपनी लली को दुलरावे मुख चू्मे और कण्ठ लगावे मन में मोद में मनावे कौशल्या रानी मन में मोद में मनावे शिव ब्रह्मा जाको पार न पावे निगम नेति कहि गावे कौशल्या रानी निगम नेति कहि गावे हरि सहचरि बड़ भाग्य निराली अपनी गोद खिलावे कौशल्या रानी अपनी गोद खिलावे wish4me In …
Read More »रघुबर तुमको मेरी लाज
रघुबर तुमको मेरी लाज सदा सदा मैं शरण तिहारी तुम हो ग़रीब नेवाज रघुबर तुम हो ग़रीब नेवाज रघुबर तुमको मेरी लाज पतित उधारन विरद तिहारो श्रवन न सुनी आवाज हूँ तो पतित पुरातन कहिये पार उतारो जहाज रघुबर पार उतारो जहाज रघुबर … अघ खण्डन दुख भंजन जन के यही तिहारो काज रघुबर यही तिहारो काज तुलसीदास पर किरपा …
Read More »बीत गये दिन
बीत गये दिन भजन बिना रे। भजन बिना रे भजन बिना रे॥ बाल अवस्था खेल गवांयो। जब यौवन तब मान घना रे॥ लाहे कारण मूल गवाँयो। अजहुं न गयी मन की तृष्णा रे॥ कहत कबीर सुनो भई साधो। पार उतर गये संत जना रे॥ wish4me In English Psalm day passed without Ray. Without Ray Ray without hymns hymns. Gwanyo game …
Read More »हे गोविन्द राखो शरन
हे गोविन्द हे गोपाल हे गोविन्द राखो शरन अब तो जीवन हारे नीर पिवन हेत गयो सिन्धु के किनारे सिन्धु बीच बसत ग्राह चरण धरि पछारे चार प्रहर युद्ध भयो ले गयो मझधारे नाक कान डूबन लागे कृष्ण को पुकारे द्वारका मे सबद दयो शोर भयो द्वारे शन्ख चक्र गदा पद्म गरूड तजि सिधारे सूर कहे श्याम सुनो शरण हम …
Read More »नाम जपन क्यों छोड़ दिया
नाम जपन क्यों छोड़ दिया क्रोध न छोड़ा झूठ न छोड़ा सत्य बचन क्यों छोड दिया झूठे जग में दिल ललचा कर असल वतन क्यों छोड दिया कौड़ी को तो खूब सम्भाला लाल रतन क्यों छोड दिया जिन सुमिरन से अति सुख पावे तिन सुमिरन क्यों छोड़ दिया खालस इक भगवान भरोसे तन मन धन क्यों ना छोड़ दिया नाम …
Read More »पलकों के झपकने के पीछे की कथा
पुराणों में छोटी-छोटी बातों का भी वर्णन आता है. हम समय-समय पर इनसे जुड़ी कथाएं लेकर आते रहते हैं. आज मैं आपको हमारी पलकों के झपकने के पीछे की कथा लेकर आया हूं. पलकें झपकने को लेकर देवी भागवत पुराण एवं अन्य पुराणों में एक कथा है. इस कथा का संबंध माता सीता के पूर्वजों से हैं. आज वह कथा …
Read More »नृसिंहावतार
हिरण्याक्ष के वध से उसका भाई हिरण्यकशिपु बहुत दु:खी हुआ। वह भगवान का घोर विरोधी बन गया। उसने अजेय बनने की भावना से कठोर तप किया। उसे देवता, मनुष्य या पशु आदि से ना मरने का वरदान मिला। वरदान पाकर वह अजेय हो गया। हिरण्यकशिपु का शासन इतना कठोर था कि देव- दानव सभी उसके चरणों की वंदना करते रहते …
Read More »कृपा करो श्री राम
कृपा करो श्री राम , सब पर कृपा करो मैं ना जानू किस विधि रीझो अपनी नज़र मेहर की कीजो आनंदकंद घनश्याम सब पर कृपा करो आज तलक तो कोई सवाली तेरे दर से गया न खाली भर दो घर में धन धान्य सब पर कृपा करो गहरी नदिया निशा अंधेरी ये निर्दोष शरण है तेरी लो गिरते को तुम थाम सब पर कृपा करो राम राम राम सिया …
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wish4me Your wish may come true today…