विधि और कथा जिस दिन प्रकट हुए थे भगवान विष्णु मोहिनी रूप में करोड़ों वर्ष की तपस्या का फल देती है यह एकादशी जाने-अनजाने हुए पापों से मुक्ति दिलाने वाला व्रत इसलिए एकादशी में वर्जित है चावल खाना उत्तम संतान प्रदान करने वाला पुत्रदा एकादशी व्रत एकादशी व्रत का संबंध केवल पाप मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति से नहीं है। एकादशी …
Read More »Gyan Ganga
Vrishabha Sankranti
Vrishabha Sankranti is also known as Vrushabha Sankraman. Vrishabha Sankranti is the period during when Sun moving to Vrishabha Vrishabha rasi (Taurus zodiac) from Mesha rasi (Aries zodiac). Sankranti is the time when Sun changing direction from one rashi to another. In every month sun moves from one Rashi to another. There are 12 Sankranti times in a year. Vrishabha …
Read More »वट सावित्री
ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या तिथि को हिन्दू महिलाएं वट सावित्री का व्रत रखती हैं । शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत रखकर वट वृक्ष के नीचे सावित्री, सत्यवान और यमराज की पूजा करने से पति की आयु लंबी होती है और संतान सुख प्राप्त होता है। मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने यमराज के फंदे से अपने पति सत्यवान के …
Read More »Shani Jayanti
Shani Jayanti is observed to mark the birthday of Lord Shani as per Hindu mythology. According to astrology, Shani is referred to as Saturn which is known to have a strong influence upon people. According to believers, it is necessary to celebrate Shani Jayanti to ensure that bad omen stays away to the maximum extent. Ardent devotees belonging to different …
Read More »करवीर व्रत
करवीर व्रत कल, इस विधि से करें सूर्यदेव का पूजन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को करवीर व्रत किया जाता है। यह व्रत सूर्य उपासना से संबंधित है। यह महिला प्रधान व्रत है। इस व्रत की विधि इस प्रकार है- इस व्रत में कनेर के वृक्ष की पूजा का जाती है तथा उसे लाल वस्त्र ओढ़ाकर जल …
Read More »रम्भा तृतीया व्रत Rambha tritiya vrat
रम्भा तृतीया व्रत रम्भा तृतीया व्रत ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन रखा जाता है। इस दिन अप्सरा रम्भा की पूजा की जाती है। इसे रम्भा तीज भी कहा जाता है। हिन्दू मान्यतानुसार सागर मंथन से उत्पन्न हुए 14 रत्नों में से एक रम्भा थीं। कहा जाता है कि रम्भा बेहद सुंदर थी। कई साधक् रम्भा के नाम …
Read More »Ganga Dussehra
Ganga Dussehra Vrat Katha (गंगा दशहरा व्रत कथा) एक बार महाराज सगर ने व्यापक यज्ञ किया। उस यज्ञ की रक्षा का भार उनके पौत्र अंशुमान ने संभाला। इंद्र ने सगर के यज्ञीय अश्व का अपहरण कर लिया। यह यज्ञ के लिए विघ्न था। परिणामतः अंशुमान ने सगर की साठ हजार प्रजा लेकर अश्व को खोजना शुरू कर दिया। सारा भूमंडल …
Read More »निर्जला एकादशी व्रत Nirjala Ekadashi
साल की सभी एकादशीयों में निर्जला एकादशी बहुत ही महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। पद्म पुराण के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इसे ‘पांडव एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत में बिना पानी पिये उपवास किया जाता है। निर्जला एकादशी व्रत विधि (Nirjala Ekadashi vrat Vidhi in Hindi) …
Read More »प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर
प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा . अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा .. जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा . उसको गोकुल में माखन पर सौ सौ बार मचलते देखा .. जिसके चरणकमल कमला के करतल से न निकलते देखा . उसको ब्रज की कुंज गलिन में …
Read More »माता लक्ष्मी पांच काम की सीख लेकर आई हैं
1.तुम्हारे कर्म ही तुम्हारी अच्छाई का निर्माण करते हैं। जैसे चाहकर भी तुम परछाई को अपने से अलग नहीं कर सकते ठीक इसी प्रकार तुम्हारे कर्म भी तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ते। 2.जैसे प्रकाश के अभाव में परछाई नहीं दिखती ऐसे ही अज्ञान के अन्धकार में तुमको अपने कर्मों का परिणाम भी नजर नहीं आता तो यह मान लेते हो कि …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…