अस कछु समुझि परत रघुराया ! बिनु तव कृपा दयालु ! दास-हित ! मोह न छूटै माया ॥ १ ॥ जैसे कोइ इक दीन दुखित अति असन-हीन दुख पावै । चित्र कलपतरु कामधेनु गृह लिखे न बिपति नसावै ॥ ३ ॥ जब लगि नहिं निज हृदि प्रकास, अरु बिषय-आस मनमाहीं । तुलसिदास तब लगि जग-जोनि भ्रमत सपनेहुँ सुख नाहीं ॥ ५ ॥ …
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राम नाम लौ लागी
राम नाम लौ लागी । अब मोहे राम नाम लौ लागी ॥ उदय हुआ शुभ भाग्य का भानु, भक्ति भवानी जागी ॥१॥ मिट गये संशय भव भय भारे, भ्रांति भूल भी भागी ॥२॥ पाप हरण श्री राम चरण का, मन बन गया अनुरागी ॥३॥ raam naam lau laagee . ab mohe raam naam lau laagee . uday hua shubh bhaagy …
Read More »हरि को नामु सदा सुखदाई
हरि को नामु सदा सुखदाई ॥जाको सिमरि अजामिल तरियो गनिका हू गति पाई ॥ पांचाली को राज सभा में राम नाम सुधि आई ॥ताको दुःख हरयो करुणामय, अपनी पैज बढाई ॥ जेहि नर जसु कृपानिधि गायो ता को भयो सहाई ॥कहु नानक मै यही भरोसो आन गयो शरनाई || wish4me in English hari ko naamu sada sukhadaee .jaako …
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राम नाम लौ लागी अब मोहे । राम नाम लौ लागी । मिट गये संशय भव भय भारी, भ्रांति भूल भी भागी । उदय हुआ शुभ भाग्य का भानु, भक्ति भवानी जागी । मिट गये संशय भव भय भारी, भ्रांति भूल भी भागी । पाप हरण श्रीराम चरण का, मन बन गया अनुरागी । राम नाम लौ लागी अब मोहे …
Read More »प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर
प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा . अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा .. जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा . उसको गोकुल में माखन पर सौ सौ बार मचलते देखा .. जिसके चरणकमल कमला के करतल से न निकलते देखा . उसको ब्रज की कुंज गलिन में …
Read More »खुद तो बाहर ही खड़े रहे
खुद तो बाहर ही खड़े रहे, भीतर भेजा पांचाली को; यतिवर बाबा के चरणों में, जाकर अपना मस्तक रख दो । अर्धरात्रि की बेला में, भीषम की लगी समाधी थी; मन प्रभु चरणों में लगा हुआ, उस जगह न कोई व्याधा थी । कृष्णा ने जाकर सिर रक्खा, चरणों पर भीष्म पितामह के; चरणों पर कौन झुका, देखूँ, बाबा भीषम …
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राम नाम लौ लागी अब मोहे । राम नाम लौ लागी । मिट गये संशय भव भय भारी, भ्रांति भूल भी भागी । उदय हुआ शुभ भाग्य का भानु, भक्ति भवानी जागी । मिट गये संशय भव भय भारी, भ्रांति भूल भी भागी । पाप हरण श्रीराम चरण का, मन बन गया अनुरागी । राम नाम लौ लागी अब मोहे …
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प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा . अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा .. जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा . उसको गोकुल में माखन पर सौ सौ बार मचलते देखा .. जिसके चरणकमल कमला के करतल से न निकलते देखा . उसको ब्रज की कुंज गलिन में …
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खुद तो बाहर ही खड़े रहे, भीतर भेजा पांचाली को; यतिवर बाबा के चरणों में, जाकर अपना मस्तक रख दो । अर्धरात्रि की बेला में, भीषम की लगी समाधी थी; मन प्रभु चरणों में लगा हुआ, उस जगह न कोई व्याधा थी । कृष्णा ने जाकर सिर रक्खा, चरणों पर भीष्म पितामह के; चरणों पर कौन झुका, देखूँ, बाबा भीषम …
Read More »दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा
दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा | अगर चरणों की सेवा में लगा लोगे तो क्या होगा ||कि नामी पातकी मैं हूँ कि नामी पाप हर हो तुम | जो लज्जा दोनों नामों की बचा लोगे तो क्या होगा || दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा | जिन्होंने तुमको करुणा कर पतित पावन बनाया …
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