॥ दोहा॥बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम ।अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम ॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज ।जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज ॥ ॥ चौपाई ॥जय यदुनंदन जय जगवंदन। जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नट-नागर, नाग नथइया॥ कृष्ण कन्हइया धेनु चरइया॥ …
Read More »Punaya Paap
GAYATRI MANTRA KI SHAKTI || गायत्री मंत्र का जाप और उच्चारण विधि
GAYATRI MANTRA KI SHAKTI || गायत्री मंत्र का जाप और उच्चारण विधि
Read More »हरद्वार की महिमा
हरद्वार जिसे हरिद्वार के नाम से भी जाना जाता है। इसकी महिमा अनन्त है, जिसे शास्त्रो अथवा पुराणों में बहुत गाया और बताया गया है..
Read More »गणेश मंत्र
इस मंत्र के जाप से मन को शांति मिलती है आपकी काम के प्रति एकाग्रता बनी रहती है और मन के साथ शरीर भी स्वस्थ बना रहता है।
Read More »रावण से बदला क्यों लेना चाहती थी शूर्पणखा
शूर्पणखा के पति का नाम विद्धुत जिह्वा था और वो राजा कालकेय का सेनापति था। कालकेय के साथ हुए युद्ध में रावण ने विद्धुत जिह्वा को मार डाला था
Read More »यह अपमान बंद होना चाहिए
तलवार के लिए कई सारी बातें और परंपरा राजपूतो में युगों युगों से चली आ रही है जैसे कि 1 राजपूतो की बेटी का गठबंधन तलवार के साथ होता है पति के साथ नहीं अगर पति उपस्थित नहीं हो तो तलवार के साथ फेरे लिए जा सकते हैं 2 तलवार सत्ता का प्रतीक है राजचिनहो में से एक है 3 …
Read More »Shrimad Bhagwat Geeta Mahatmya Adhyay3
श्रीमद्भगवद्गीता तीसरे अध्याय के पाठ का महत्व श्री नारायण बोले- हे लक्ष्मी एक महामूर्ख व्यक्ति अकेला ही एक वन में रहता था, गलत कार्यों से उसने बहुत सा धन इकट्ठा किया। किसी कारण से वह सब धन जाता रहा। अब वह व्यक्ति बहुत चिंतित रहने लगा। किसी से पूछता कि ऐसा उपाय बताओं जिससे पृथ्वी में गड़ा धन मुझे मिले। …
Read More »भगवान जो करता है अच्छे के लिए ही करता है…
एक बार एक रघु नाम का लडका था. उस के माता- पिता नहीं थे. मंदिर में ढोलकी बजा कर जो पैसे मिलते उस से अपना गुजारा करता. एक दिन जिस सेठ ने मंदिर बनवाया था उस की मृत्यु हो गई. और मंदिर का संचालन उसके बेटे के पास आ गया. जो विदेश से पढ़ कर आया था. उसने एक नियम …
Read More »नाग पंचमी
प्राचीन काल में एक सेठजी के सात पुत्र थे। सातों के विवाह हो चुके थे। सबसे छोटे पुत्र की पत्नी श्रेष्ठ चरित्र की विदूषी और सुशील थी, परंतु उसके भाई नहीं था। एक दिन बड़ी बहू ने घर लीपने को पीली मिट्टी लाने के लिए सभी बहुओं को साथ चलने को कहा तो सभी डलिया (खर और मूज की बनी …
Read More »मैं इस_VIP दर्शन का विरोध करता हूं
ना #मस्जिदों में VIP टिकट है, ना #गुरुद्वारा में और ना ही किसी #Church में, वहां #अमीर #गरीब सब एक साथ अपने ईश्वर का पूजा करते है, इसी से उनमें एकता है ,अब आते हैं हमारे हिंदू धर्म में, हाल में ही मेरे मित्र #विश्वनाथजी के मन्दिर गया था बनारस, आज से कुछ वर्ष पहने वहां ना वीआईपी लाइन थी …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…