१) गणेश जी को तुलसी न चढ़ाएं२) देवी पर दुर्वा न चढ़ाएं३) शिव लिंग पर केतकी फूल न चढ़ाएं४) विष्णु को तिलक में अक्षत न चढ़ाएं५) दो शंख एक समान पूजा घर में न रखें६) मंदिर में तीन गणेश मूर्ति न रखें७) तुलसी पत्र चबाकर न खाएं८) द्वार पर जूते चप्पल उल्टे न रखें९) दर्शन करके बापस लौटते समय घंटा …
Read More »Punaya Paap
अन्यों का विचार करने का महत्व !
बहुत समय पहले की बात है । एक विख्यात गुरुदेव का गुरुकुल हुआ करता था । उस गुरुकुल में बडे-बडे राजा-महाराजाओं के पुत्रों से लेकर साधारण परिवार के पुत्र भी शिक्षा लेते थे । अनेक वर्षोंसे शिक्षा प्राप्त कर रहे कुछ शिष्यों की शिक्षा पूर्ण हो चुकी थी । अब वे सभी बडे उत्साह के साथ अपने अपने घर लौटने …
Read More »गुरुभक्त संदीपक !
गोदावरी नदी के तट पर महात्मा वेदधर्मजी का आश्रम था । उनके आश्रम में अलग-अलग स्थानों से वेद अध्ययन करने के लिए विद्यार्थी आते थे । उनके शिष्यों में संदीपक नाम का अत्यंत बुद्धिमान शिष्य था । वह गुरुभक्त भी था । वेदों का अभ्यास पूर्ण होने पर उन्होंने अपने सभी शिष्यों को बुलाया और कहा कि, ‘‘मेरे प्रिय शिष्यों, …
Read More »नरकासुर वध
आज की यह कहानी दीपावली से संबधित है । भागवत पुराण में बताए अनुसार, भगवान श्रीविष्णु ने वराह अवतार धारण कर भूमि देवता को समुद्र से निकाला था । इसके बाद भूमि देवता ने एक पुत्र को जन्म दिया । उसका नाम भौम था । पिता एक परमदेव और माता पुण्यात्मा होने पर भी पर भौम क्रूर था, इसलिए उसका …
Read More »तपस्या का फल !
बहुत वर्ष पूर्व ऋषि-मुनी भगवान को पाने के लिए कठोर तपस्या करते थे । यह तपस्या कैसी रहती थी ? एक पांव पर खडे होकर नमस्कार की मुद्रा में भगवान का नामजप करना, पानी में नमस्कार की मुद्रा में खडे रहकर अखंड भगवान का नामजप करना, हिमालय जैसे पर्वत पर जाकर अत्यंत ठंड में एक ही जगह अनेक वर्षाें तक …
Read More »नामस्मरण का महत्त्व : भक्त प्रल्हाद
आज हम देवता के नामजप का महत्त्व और उसमें कितनी शक्ति होती है, यह, कथा के माध्यम से जानने का प्रयास करेंगे । जो देवता का नामजप करता है, वह देवता का भक्त हो जाता है । देवता अपनी भक्तों की सदा रक्षा करते हैं । भगवान ने भक्तों को वचन दिया है, ‘न मे भक्त: प्रणश्यती ।’ अर्थात ‘मेरे …
Read More »#जगन्नाथ_धाम, #पुरी की रसोई अत्यंत अद्भुत है…
172 साल पुराने इस मंदिर के एक एकड़ में फैली 32 कमरों वाली इस विशाल रसोई (150 फ़ीट लंबी, 100 फ़ीट चौड़ी और 20 फ़ीट ऊँची) में भगवान् को चढ़ाये जाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए 752 चूल्हे इस्तेमाल में लाए जाते हैं…और लगभग 500 रसोइए तथा उनके 300 सहयोगी काम करते हैं….ये सारा प्रसाद मिट्टी की जिन …
Read More »आइये आपको “आइये आपको “धरती पर भगवान हैं प्रमाणिकता सिद्ध किये गये लोगो के अनुभव देखे व परखे :-
१.👉🏻 “अमर नाथ जी” में शिव लिंग अपने आप बनता है ।२.👉🏻 “माँ ज्वालामुखी” में हमेशा ज्वाला निकलती है ।३.👉🏻 “मैहर माता मंदिर” में रात को आल्हा अब भी आते हैं ।४.👉🏻 सीमा पर स्थित “तनोट माता मंदिर” में 3000 बम में से एक का भी ना फूटना ।५.👉🏻 इतने बड़े हादसे के बाद भी “केदार नाथ मंदिर” का बाल …
Read More »श्री बाबा बालक नाथ चालीसा का पाठ
श्री बाबा बालक नाथ चालीसा का पाठ सभी दुःख-दर्द दूर करने वाला है। कहते हैं कि जो भी साफ़ अन्तःकरण से प्रतिदिन बाबा का स्मरण करता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ उनकी कृपा से पूर्ण हो जाती हैं। जो संतानहीन हैं, उन्हें बाबा के आशीर्वाद से निश्चित ही संतान-प्राप्ति होती है। भगवान श्री शिव की अमर कथा से यह बात स्पष्ट …
Read More »एक असहाय व्यक्ति दुकान पर जाता है
एक असहाय व्यक्ति दुकान पर जाता है दुकानदार से सामान खरीदना दुकानदार ₹10 कम नहीं करता है और खाना खिला देता है आखिर क्यों? एक सेठ-जी के पास एक ग्राहक कुछ समान लेने के लिए आया। उसने जितने का समान लिया उसमें 10 रूपये कम पड़ गए तो सेठ-जी ने कहा कुछ समान कम कर देता हूँ, हम उधार नहीं …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…