भगवान अपने भक्तों में किसी प्रकार का अंतर नहीं करता है. इसका प्रमाण है अमरनाथ धाम. हिन्दु जिस अमरनाथ धाम की यात्रा को अपना सौभाग्य मानते हैं उस अमरनाथ धाम के विषय में बताने वाला एक मुस्लिम गड़रिया था. जिसे पशु चराते बाबा हिमानी अमरनाथ का पता उसी प्रकार लगा जिस तरह बैजू को बाबा बैद्यनाथ का पता चला. आज …
Read More »Religion Information
भगवान मानव रूप नहीं ले सकते (God can not take human form)
सिख धर्म का अवतारवाद में विश्वास नहीं है। सिख धर्म इस बात का पुरजोर विरोध करता है कि भगवान अवतार लेते हैं या भगवान के कई रूप होते हैं। सिख धर्म की मान्यता है कि भगवान ना तो जीवन लेते हैं और ना मृत्यु को प्राप्त होते हैं। वह एक ऐसी शक्ति हैं जो इस संसार में सदैव व्याप्त है। …
Read More »श्री गायत्री चालीसा
ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड ॥ शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखण्ड ॥ १॥ जगत जननी मङ्गल करनि गायत्री सुखधाम । प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम ॥ २॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी । गायत्री नित कलिमल दहनी ॥॥ अक्षर चौविस परम पुनीता । इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता ॥॥ शाश्वत सतोगुणी सत रूपा । …
Read More »अमरनाथ धाम की कथा (story of Amarnath shrine)
माता पार्वती शिव के समान ही आदि शक्ति हैं. सृष्टि के आरम्भ से लेकर अंत तक की सभी कथाएं इन्हें ज्ञात है. एक समय की बात है देवी पार्वती के मन में अमर होने की कथा जानने की जिज्ञासा हुई. पार्वती ने भगवान शंकर से अमर होने की कथा सुनाने के लिए कहा. भगवान शंकर पार्वती की बात सुनकर चौंक …
Read More »श्री विमलनाथ जी
विमलनाथ जी जैन धर्म के तेरहवें तीर्थंकर हैं। प्रभु विमलनाथ जी का जन्म माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को भाद्रपद नक्षत्र में कम्पिला में हुआ। विमलनाथ जी के शरीर का रंग सुवर्ण (सुनहरा) और चिह्न शूकर था। विमलनाथ जी का जीवन परिचय (Life of Jain Tirthankar Vimalnath Ji) कालक्रम के अनुसार विमलनाथ जी ने राजपद का दायित्व भी …
Read More »जानिए जैन धर्म को (Know the Jainism)
पुराने समय में तप और मेहनत से ज्ञान प्राप्त करने वालों को श्रमण कहा जाता था। जैन धर्म प्राचीन भारतीय श्रमण परम्परा से ही निकला धर्म है। ऐसे भिक्षु या साधु, जो जैन धर्म के पांच महाव्रतों का पालन करते हों, को ‘जिन’ कहा गया। हिंसा, झूठ, चोरी, ब्रह्मचर्य और सांसारिक चीजों से दूर रहना इन महाव्रतों में शामिल हैं। …
Read More »श्री कृष्ण चालीसा
श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa in Hindi) ॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ जय यदुनंदन जय जगवंदन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नटनागर, नाग नथइया॥ कृष्ण …
Read More »श्री लक्ष्मी चालीसा
॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं। सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥ ॥ चौपाई ॥ सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥ तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरवहु आस हमारी॥ जय जय जगत जननि …
Read More »जानिए सिख धर्म को (Know Sikhism)
सिख धर्म का उदय गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के साथ होता है। सिख का अर्थ है शिष्य। जो लोग गुरु नानक जी की शिक्षाओं पर चलते गए, वे सिख हो गए। यह धर्म विश्व का नौवां बड़ा धर्म है। भारत के प्रमुख चार धर्मों में इसका स्थान भी है। सिख धर्म की पहचान पगड़ी और अन्य पोशाकों से …
Read More »गौतम बुद्ध
बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुद्ध थे। एक राज परिवार में जन्मे राजकुमार सिदार्थ से लेकर भगवान बुद्ध बनने तक सफर बेहद रोचक रहा। गौतम बुद्ध बौद्ध लुम्बावनी के राजा शुद्धोधन और रानी महामाया के पुत्र थे। इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था। आत्म ज्ञान की प्राप्ति के बाद इन्हें महात्मा गौतम बुद्ध के नाम से जाना जाने लगा। माना …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…