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भेदभाव का अंत

bhedabhaav ka ant

एक बार की बात है। एक गांव में एक संत रहते थे। लोग उनके पास अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते थे। वह कठिन से कठिन समस्याओं को पल भर में सुलझा देते थे। एक बार उनका एक भक्त रोते हुए उनके पास पहुंचा और हाथ जोड़कर बोला, महाराज, मेरे परिवार में पर्याप्त सुख है, अपार धन-संपत्ति है, संतान …

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उसकी भोग ही भोग की जिंदगी थी।

Bure Samye Main Khud Ko Shant Rakhe

एक राजकुमार बुद्ध के पास दीक्षित हुआ। श्रोण उसका नाम था। वह भोगी था, महाभोगी था। उसके भोग की कथाएं सारे देश में प्रचलित थीं। बुद्ध तक भी उसकी कथाएं बहुत बार पहुंची थीं। Budh रात भर जागता था—नाच—गाना, शराब; और दिन भर सोता था। सीढ़ियां भी चढ़ता था तो नग्न स्त्रियां सीढ़ियों के दोनों तरफ खड़ी कर रखी थीं, रेलिंग …

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भगवान विष्णु के ‎हयग्रीवावतार‬ की कथा

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एक समय की बात है। हयग्रीव नाम का एक परम पराक्रमी दैत्य हुआ। उसने नदी के तट पर भगवती महामया की प्रसनन्ता के लिए बड़ी कठोर तपस्या की। वह बहुत दिनों तक बिना कुछ खाये भगवती के मायाबीज एकाक्षर महामन्त्र का जप करता रहा। उसकी इंन्द्रियाँ उसके वश में हो चुकी थीं। सभी भोगों का उसने त्याग कर दिया था। …

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नैया ले चल पार्ली पर

Naiya le chal parli pr Bhajan

नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर जहा विराजे राधा रानी जहा विराजे महारानी अलबेली सरकार हो नैया ले चल पार्ली पर कन्हैयाले चल पार्ली पर गुण …

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मां से बढ़कर कोई नहीं

Ma Se Badh Kar Koi Nahi Story

स्वामी विवेकानंद जी से एक जिज्ञासु ने प्रश्न किया, मां की महिमा संसार में किस कारण से गाई जाती है? स्वामी जी मुस्कराए, उस व्यक्ति से बोले, पांच सेर वजन का एक पत्थर ले आओ। जब व्यक्ति पत्थर ले आया तो स्वामी जी ने उससे कहा, अब इस पत्थर को किसी कपड़े में लपेटकर अपने पेट पर बाँध लो और …

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भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

bhagwan jagannath ki rath yatra

  ✨ जगन्नाथ रथयात्रा भारत में मनाए जाने वाले धार्मिक महामहोत्सवों में सबसे प्रमुख तथा महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। यह रथयात्रा न केवल भारत बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी ख़ासी दिलचस्पी और आकर्षण का केंद्र बनती है। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार जगन्नाथ की रथयात्रा का पुण्य सौ यज्ञों के बराबर माना जाता है। सागर तट पर …

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शिक्षाप्रदकहानियां- अपना काम खुद करें

shikshaaprad-

एक बार एक किसान के गेंहू के खेत में एक चिड़िया ने घोंसला बना रखा था। उस घोंसले में उसने अंडे दिये। कुछ समय बाद अंडो में से बच्चे निकले।चिड़िया दाना चुगने के लिए दूर जंगल में जाती थी और अपने बच्चों के लिये दाना लेकर लौटती थी। इस दौरान उसके बच्चे घोंसले में अकेले रहते थे। जब चिड़िया दाना …

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शिक्षाप्रदकहानियां- सफलता का रहस्य

Shikshapard Khaniya

एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है? सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो। वो लड़का अगले दिन नदी के किनारे सुकरात से मिला, फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा। वे दोनों नदी में आगे बढ़ने लगे और …

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शिक्षाप्रदकहानियां – खुश रहने का रहस्य

Sikshapard Khaniya

बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक महात्मा रहते थे। आसपास के गाँवो के लोग अपनी समस्याओं और परेशानियों के समाधान के लिए महात्मा के पास जाते थे और संत उनकी समस्याओं, परेशानियों को दूर करके उनका मार्गदर्शन करते थे। एक दिन एक व्यक्ति ने महात्मा से पूछा – गुरुवर, संसार में खुश रहने का रहस्य क्या …

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देवशयनी एकादशी आज, जानिए कैसे करें पूजन

Devyani Akadshi aaj

आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं। इस साल यह पर्व 15 जुलाई यानि आज है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है। कहीं-कहीं इस तिथि को ‘पद्मनाभा’ भी कहते हैं। पुराणों का ऐसा भी मत है कि भगवान विष्णु इस दिन से चार मासपर्यंत …

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