शनैश्चर का शरीर- कान्ति इन्द्रनील मणि के समान है। इनके सिरपर स्वर्ण मुकुट गले में माला तथ शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित हैं। ये गिद्ध पर सवार रहते हैं। हाथों में क्रमशः धनुष, बाण , त्रिशुल और वरमुद्रा धारण करते हैं।शनि भगवान सूर्य तथा छाया (संवर्णा) के पुत्र हैं। ये क्रूर ग्रह माने जाते हैं। इनकी दृष्टि में …
Read More »Story Katha
एक ऐसा तीर्थ जहां स्वयं प्रभु राम ने की थी शिव जी की आराधना
रामेश्वर ज्योतिर्लिंग में एकादशवें पर है श्री “रामेश्वर”। रामेश्वरतीर्थ को ही सेतुबन्ध तीर्थ कहा जाता है। यह स्थान तमिलनाडु के रामनाथम जनपद में स्थित है। यहाँ समुद्र के किनारे भगवान श्री रामेश्वरम का विशाल मन्दिर शोभित है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर श्रीरामचंद्रजी ने लंका के अभियान के पूर्व शिव की अराधना करके उनकी मूर्ति की स्थापना की …
Read More »ईश्वर पर विश्वास
किसी जंगल मे एक गर्भवती हिरणी थी, जिसका प्रसव होने को ही था | उसने एक तेज धार वाली नदी के किनारे घनी झाड़ियों और घास के पास एक जगह देखी जो उसे प्रसव हेतु सुरक्षित स्थान लगा| अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू होने लगी, लगभग उसी समय आसमान मे काले काले बादल छा गए और घनघोर बिजली कड़कने लगी …
Read More »क्या मरना भी मुहूर्त में ही?
मुहूर्त विज्ञान उपक्रम मे इस बात का उदाहण मिलता है कि यदि मरने का मुहूर्त नहीं बनता था तो वे लोग अपना मरना भी स्थगित कर देते थे। आर्य जाति के गौरवपूर्ण इतिहास ग्रंथ में वर्णन आता है कि महाभारत के संग्राम के समय जब नौ दिन में ही भीष्मजी द्वारा कौरव सेना का संचालन करते हुए पांडवों की आधी …
Read More »बुधवार को करें भगवान गणेश की पूजा!
श्री गणेश को सभी दुखों का पालनहार माना जाता है। गणेश जी को भौतिक, दैहिक और अध्यात्मिक कामनाओं के सिद्धि के लिए सबसे पहले पूजा जाता है। वे भक्तों की बाधा, संकट, रोग-दोष तथा दरिद्रता को दूर करते हैं। इसलिए इन्हें गणाध्यक्ष और मंगलमूर्ति कहा जाता हैं। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि श्री गणेश जी विशेष पूजा का …
Read More »माता सुमित्रा
महाराजा दशरथ की कई रानियाँ थीं। महारानी कौसल्या पट्टमहिषी थीं। महारानी कैकेयी महाराजा को सर्वाधिक प्रिय थीं और शेष में श्री सुमित्रा जी ही प्रधान थीं। महाराज दशरथ प्रायः कैकेयी के महल में ही रहा करते थे। सुमित्रा जी महारानी कौसल्या के सन्न्किट रहना तथा उनकी सेवा करना अपना धर्म समझती थीं। पुत्रेष्टि –यज्ञ समाप्त होने पर अग्नि के द्वारा …
Read More »मन की आवाज
किसी गांव के किनारे एक मंदिर था, मंदिर में एक साधु रहता था। गांव में एक चोर भी रहता था। चोर खाते पीते घर का बेटा था। चोर हो गया तो जिंदगी भी चोर की ही घसीटनी पड़ रही थी। किसी ने उसकी शादी नहीं की। चोर अपने ही गांव में हाथ मारता था, लोग उसे कबाड़ी चोर कहते थे। …
Read More »क्या मरना भी मुहूर्त में ही?
मुहूर्त विज्ञान उपक्रम मे इस बात का उदाहण मिलता है कि यदि मरने का मुहूर्त नहीं बनता था तो वे लोग अपना मरना भी स्थगित कर देते थे। आर्य जाति के गौरवपूर्ण इतिहास ग्रंथ में वर्णन आता है कि महाभारत के संग्राम के समय जब नौ दिन में ही भीष्मजी द्वारा कौरव सेना का संचालन करते हुए पांडवों की आधी …
Read More »जिंदगी का हर एक दिन खास मौका है
मेरे एक मित्र ने अपनी बीवी की अलमारी खोली और एक सुनहरे कलर का पेकेट निकाला, उसने कहा कि “ये कोई साधारण पैकेट नहीं है..!” उसने पैकेट खोला और उसमें रखी बेहद खूबसूरत सिल्क की साड़ी और उसके साथ की ज्वेलरी को एकटक देखने लगा। ये हमने लिया था 8-9 साल पहले, जब हम पहली बार न्युयार्क गए थे, परन्तु उसने ये कभी …
Read More »द्रौपदी- स्वयंवर की कथा
राजा द्रुपद के मन में यह लालसा थी कि मेरी पुत्री का विवाह किसी-न- किसी प्रकार अर्जुन के साथ हो जाये। परन्तु उन्होनें यह विचार किसी से प्रकट नहीं किया। अर्जुन को पहचानने के लिये उन्होनें एक धनुष बनवाया, जो किसी दूसरे से झुक न सके। इसके अतिरिक्त्त आकाश में ऐसा कृत्रिम यन्त्र टँगवा दिया, जो चक्कर काटता रहता था। …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…