Breaking News

Gyan Ki Baat

कैसे वृंदा ने लिया तुलसी का रूप

Kaise Varinda Ne Liya Tulsi Ka Roop Story

पौराणिक कथा के अनुसार एक बड़ी ही सुशील कन्या थी। नाम था वृंदा। उसका जन्म राक्षस कुल में हुआ था लेकिन वृंदा बचपन से ही भगवान विष्णु जी की परम भक्त थी। बड़े ही प्रेम से भगवान की पूजा किया करती थी। जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया, जलंधर समुद्र …

Read More »

शिक्षाप्रद कहानियां – धन का मोह

dhan kaa moh

एक  नदी के किनारे एक महात्मा रहते थे। उनके पास दूर-दूर से लोग अपनी समस्याओं का समाधान पाने आते थे। एक बार एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला- महाराज! मैं लंबे समय से ईश्वर की भक्ति कर रहा हूं, फिर भी मुझे ईश्वर के दर्शन नहीं होते। कृपया मुझे उनके दर्शन कराइए। महात्मा बोले- तुम्हें इस संसार में कौन …

Read More »

हे शारदा माँ

बसंत पंचमी पर्व पर आप लोग को सरस्वती माता की कृपा हम सब को‌ प्रदान हो,  ये प्रार्थना बहुत मन से लिखी गई है ..इसकी हर पंक्ति सुन्दर है .. माँ शारदा का ये स्तुति गान बहुत सुखद है.. हे शारदे मां, हे शारदे मां अज्ञानता से हमें तार दे मां तु स्वर की देवी है संगीत तुझसे, हर शब्द …

Read More »

यह दुनिया आपके लिए स्वर्ग की तरह ही है.

 एक व्यक्ति ने अपने गुरु से पूछा,  मेरे कर्मचारी मेरे प्रति ईमानदार नहीं है,  मेरी पत्नी मेरे बच्चे और सभी दुनिया के लोग सेल्फिश हैं, कोई भी सही नहीं हैं,  गुरु थोडा मुस्कुराये और उसे एक स्टोरी सुनाई* एक गाँव में एक अलग सा कमरा था जिसमे 1000 शीशे लगे थे, एक छोटी लड़की उस कमरे में गई और खेलने …

Read More »

पंडित जी और नाविक

Gangapar

आज गंगा पार होनेके लिए कई लोग एक नौकामें बैठे, धीरे-धीरे नौका सवारियों के साथ सामने वाले किनारे की ओर बढ़ रही थी,एक पंडित जी भी उसमें सवार थे। पंडित जी ने नाविक से पूछा “क्या तुमने भूगोल पढ़ी है ?” भोला- भाला नाविक बोला “भूगोल क्या है इसका मुझे कुछ पता नहीं।” पंडितजी ने पंडिताई का प्रदर्शन करते कहा, “तुम्हारी पाव …

Read More »

कौवे की परेशानी

kauwa

यदि आपको सुखी रहना है तो किसी से अपनी तुलना नहीं करो । ‘आप’ आप ही हो। आप के समान कोई नहीं। फिर क्यों दूसरों से अपनी तुलना करना, इर्षा करना ? आइये इस बात को एक कहानी के माध्यम से समझते हैं – एक कौआ जंगल में रहता था और अपने जीवनसे संतुष्ट था। एक दिन उसने एक हंस को देखा,  “यह हंस कितना …

Read More »

सुकरात की कहानी

Sukrat

विश्व के महानतम दार्शनिकों में से एक सुकरात एक बार अपने शिष्यों के साथ बैठे कुछ चर्चा कर रहे थे। तभी वहां अजीबो-गरीब वस्त्र पहने एक ज्योतिषी आ पहुंचा। वह सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हुए बोला ,” मैं ज्ञानी हूँ ,मैं किसी का चेहरा देखकर उसका चरित्र बता सकता हूँ। बताओ तुममें से कौन मेरी इस विद्या को परखना चाहेगा?” …

Read More »

चावल का एक दाना

Chawal ka ek dana

शोभित एक मेधावी छात्र था। उसने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में पूरे जिले में टॉप किया था। पर इस सफलता के बावजूद उसके माता-पिता उसे खुश नहीं थे। कारण था पढाई को लेकर उसका घमंड ओर अपने बड़ों से तमीज से बात न करना। वह अक्सर ही लोगों से ऊंची आवाज़ मे बात किया करता और अकारण ही उनका …

Read More »

सच्ची दोस्ती

एक लंगड़ा आदमी था.इसलिए उसे चलने फिरने में बहुत परेशानी होती थी. एक दिन वह लंगडाते हुए किसी दुसरे गाँव जा रहा था.गाँव दूर था और रास्ता उबड़-खाबड़ था.इसलिए वह बहुत मुश्किल से धीरे-धीरे चल रहा था. तभी रास्ते के किनारे बैठे एक अंधे आदमी पर उसकी नजर पड़ी.वह धीरे-धीरे चलता हुआ अंधे के पास पहुंचा और उससे बातें करने …

Read More »

दृष्टिकोण

Drishtikon

एक बार दो भाई, रोहित और मोहित थे। वे 9 वीं कक्षा के छात्र थे और एक ही स्कूल में पढ़ते थे। उनकी ही कक्षा में अमित नाम का भी एक छात्र था जो बहुत अमीर परीवार से था। एक दिन अमित अपने जन्मदिन पर बहुत महंगी घड़ी पहन कर स्कूल आया, सभी उसे देख कर बहुत चकित थे। हर कोई उस घड़ी के …

Read More »