“निशा!.पिछले महीने मैंने तुम्हें पचास हजार रुपए दिए थे रखने के लिए; उसमें से तुम मुझे दस हजार रुपए दे दो।” भोजन कर जल्दबाजी में कहीं बाहर जाने के लिए घर से निकलते नीरज की बात सुनकर निशा ने सर झुका लिया.. “वह रुपए तो अभी मेरे पास नहीं हैं।” “नहीं है का क्या मतलब हुआ?.कहां गए वो रुपए?” “जी …
Read More »India
शादी होती है तो…
शादी होती है तो संभोग होना लाज़मी है, एक लड़का शादी करता है तो उसके पीछे मुख्य कारण लड़की का शरीर है, लेकिन अगर गहराई से समझा जाए तो ऐसा नहीं है बात इससे कहीं ज्यादा बड़ी है मेरी शादी को छह साल हो चुके थे। मेरे पति, राकेश, एक साधारण इंसान थे। वह बैंक में नौकरी करते थे और …
Read More »राजकुमारी कार्विका
राजकुमारी कार्विका सिंधु नदी के उत्तर में कठगणराज्य की राजकुमारी थी । राजकुमारी कार्विका बहुत ही कुशल योद्धा थी। रणनीति और दुश्मनों के युद्ध चक्रव्यूह को तोड़ने में पारंगत थी। राजकुमारी कार्विका ने अपने बचपन की सहेलियों के साथ फ़ौज बनाई थी।जिस उम्र में लड़कियाँ गुड्डे गुड्डी का शादी रचना खेल खेलते थे उस उम्र में कार्विका को शत्रु सेना …
Read More »मेरा जादुई घर
आज मेरे लिए कुछ लिखो तो फिर मुझे विश्वास होगा कि तुम सच में एक अच्छे लेखक हो…फिर लेखक ने लिखा.. मेरा जादुई घरमैं,मेरी पत्नी और हमारे बच्चे,एक जादुई घर में रहते हैं….😀हम अपने गंदे कपड़े उतार देते हैं,जिन्हें अगले दिन साफ कर दिया जाता है😀हम स्कूल और ऑफिस से आते ही अपने जूते उतार देते हैं, फिर अगली सुबह …
Read More »सुपर पापा थे तब ये मेरे।
ना चाहते हुए भी धीरे धीरे उनसे लगाव कम होता जा रहा है। मैं चाहता हूँ कुछ देर बैठूँ उनसे बातें करूँ पर वो एक ही बात की रट लगाने लग जाते हैं। उन्हें लगता है मैंने सुना नहीं। सुनाई उन्हें कम देता है तो मुझे भी कुछ कहने के लिए जोर से बोलना पड़ता है या एक ही बात …
Read More »कर्ण का जन्म कैसे हुआ?
प्राचीन काल में मथुरा में एक प्रतापी नृपति राज्य करते थे| उनका नाम शूरसेन था| वे भगवान श्रीकृष्ण के पिता वसुदेव के पिता था| वे बड़े धर्मात्मा एवं प्रतिज्ञापालक थे| शूरसेन के एक अनन्य मित्र थे, जिनका नाम कुंतिभोज था| कुंतिभोज के पास सबकुछ तो था, किंतु संतान नहीं थी| वे संतान के अभाव में दिन-रात दुखी और चिंतित रहा …
Read More »शंकर जयकिशन
“बरसात” के बाद शैलेन्द्र आर के कैंप का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए थे। राज कपूर और शंकर जयकिशन से उनकी करीबी दोस्ती हुई थी। ख़ास कर शंकर से उनकी ज्यादा जमती थी। आर के की श्री 420 के लिए गीतों का काम चल रहा था। शैलेन्द्र ने एक गीत का मुखड़ा लिखा और शंकर को दिखाया, शंकर बोले वाह शैलेंदर …
Read More »प्लास्टिक सर्जरी
तीसरा मैसूर युद्ध 1790-1792 ई. के दौरान घटित हुआ था। इस युद्ध में टीपू सुल्तान और ब्रिटिश सेना के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें टीपू सुल्तान ने....
Read More »लाहौर से मुंबई तक
प्राण कृष्ण सिकंद, जो एक जाने-माने फिल्मी कलाकार थे, के जीवन के कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण पलों का वर्णन किया गया है। इन्हें उनकी धर्मपत्नी......
Read More »संघर्ष से सहयोग तक
यह कहानी एक परिवार के जीवन की ज़रूरी और गहरी बातों को बयान करती है, जैसे की विपरीत परिस्थितियों में साथ मिलकर कैसे संघर्ष किया जा सकता है...
Read More »
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…