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चतुर चीकू खरगोश

चतुर चीकू खरगोश

जग्गू ने चुन्नू हिरण से इतनी तेज़ भागने का कारण पूछा। चुन्नू हिरण ने उसको सारी बात बताई। जग्गू बन्दर ने कहा की मै तुमको बताना भूल गया था की वह एक खुनी झील है। जिसमे जो भी शाम के बाद जाता है वह वापिस नहीं आता। लेकिन उस झील में मगरमच्छ क्या कर रहा है। उसे तो हमनें कभी …

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Pancheda lal achi padiyo re ulti paati

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पंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटीईश्वर ने तू भूल गयो रै लख चौरासी काटीपंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी गर्भवास में दुःख पायो थारे घणां दीना री घाटीबाहर आय राम ने भूल्यों उल्टी पढ़ ली पाटीपंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी जीव जन्तु ने खाय खाय ने बदन बणायो बाटीअपने स्वारथ कारणे ने लाखा री गर्दन काटीपंछीड़ा …

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अभियंता दिवस विशेष

Happy engineer day to give real service you must add somethings which cannnot be bought oe measured with money

ब्रिटेन में एक ट्रेन द्रुत गति से दौड़ रही थी। ट्रेन अंग्रेजों से भरी हुई थी। उसी ट्रेन के एक डिब्बे में अंग्रेजों के साथ एक भारतीय भी बैठा हुआ था। डिब्बा अंग्रेजों से खचाखच भरा हुआ था। वे सभी उस भारतीय का मजाक उड़ाते जा रहे थे। कोई कह रहा था, देखो कौन नमूना ट्रेन में बैठ गया। तो …

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इंदिरा गांधी के मन में थी इनके प्रति असीम करुणा

भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ मदर टेरेसा की मित्रता थी। इंदिरा गांधी ने मदर के स्वागत में कहा था, ‘उनसे मिलने पर मन में असीम करुणा और नम्रता उपजती है। कोमलता की शक्ति और प्रेम की ऊर्जा महसूस होती है।’ इंदिरा गांधी मदर टेरेसा का बहुत सम्मान करती थीं। जब भी मदर का फोन आता तो …

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अनुशासन के बिना विकास नहीं

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प्राचीन समय में एक नगर था। वहां एक मठ था। उस मठ के एक वरिष्ठ भिक्षु रहते थे। उनके पास अनेकों सिद्धियां थीं, जिसके चलते उनका सम्मान होता था। सम्मान बहुत बड़ी चीज होती है ये वो जानते थे। इसलिए उनकी महत्वाकांक्षा और कुछ न थी। एक दिन दोपहर के समय वह अपने शिष्यों के साथ ध्यान कर रहे थे। …

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Sad Stories (‘एक दुःख भरी कहानी’)

Food-Waste

एक दिन ठेले पर भार अधिक होने के कारण रामू उसे ठीक से सम्भाल नहीं पाया और तेज गति से आती ट्रक से भिड गया। अगले ही पल उसकी मौत हो गयी और उसके पीछे रह गयी उसकी पत्नी जानकी और दो छोटे-छोटे बच्चे गुड्डी और गुडडू। एक तरफ रामू का अंतिम संस्कार किया जा रहा था और दूसरी तरफ …

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ईश्वर में विश्वास रखने की सीख देती प्रेरक कहानी

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4 साल से किशनगढ़ गाँव में बारिश की एक बूँद तक नहीं गिरी थी। सभी बड़े परेशान थे। हरिया भी अपने बीवी-बच्चों के साथ जैसे-तैसे समय काट रहा था। एक दिन बहुत परेशान होकर वह बोला, “अरे ओ मुन्नी की माँ, जरा बच्चों को लेकर पूजा घर में तो आओ…” बच्चों की माँ 6 साल की मुन्नी और 4 साल के राजू …

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नहीं थे राजा, हो रहे थे परेशान और जब मिले तो

एक बड़ा सा तालाब था उसमें सैकड़ों मेंढ़क रहते थे। तालाब में कोई राजा नहीं था। दिन पर दिन अनुशासनहीनता बढ़ती जाती थी और स्थिति को नियंत्रण में करने वाला कोई नहीं था। उसे ठीक करने का कोई यंत्र तंत्र मंत्र दिखाई नहीं देता था। नई पीढ़ी उत्तरदायित्व हीन थी। जो थोड़े बहुत होशियार मेंढ़क निकलते थे वे पढ़-लिखकर अपना …

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तो इसलिए महामना प्रार्थना पत्र पर लिख देते थे क्षमा

    बनारस कहें या काशी यहां के काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के कुछ ही समय बाद की बात है। कभी-कभी जब अध्यापक उद्दंड छात्रों को उनकी गलतियों के लिए आर्थिक दंड दे दिया करते थे। मगर छात्र दंड माफ कराने मदन मोहन मालवीय जी के पास पहुंच जाते और महामना माफ भी कर देते थे। यह बात शिक्षकों …

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कबाड़ी की नौकरी से लेखक बनने तक का सफर

    मैक्सिम गोर्की को बचपन से पढ़ना बहुत पसंद था, पर घर में पढ़ाई के लायक स्थितियां नहीं थीं। वह पढ़ना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने एक कबाड़ी के यहां नौकरी कर ली। कबाड़ी की दुकान में रोज हजारों पुस्तकें आती थीं। पुस्तकों को देखते ही गोर्की का मन उन्हें पढ़ने के लिए लालयित हो उठता था। काम के …

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