” मैं हैरान हूं यह सोचकर ,किसी औरत ने क्यों नहीं उठाई उंगली ?तुलसी दास पर ,जिसने कहा ,“ढोल ,गंवार ,शूद्र, पशु, नारी,ये सब ताड़न के अधिकारी।” मैं हैरान हूं ,किसी औरत नेक्यों नहीं जलाई “मनुस्मृति”जिसने पहनाई उन्हेंगुलामी की बेड़ियां ? मैं हैरान हूं ,किसी औरत ने क्यों नहीं धिक्कारा ?उस “राम” कोजिसने गर्भवती पत्नी सीता को ,परीक्षा के बाद …
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डरपोक पत्थर
बहुत पहले की बात है एक शिल्पकार मूर्ति बनाने के लिए जंगल में पत्थर ढूंढने गया। वहाँ उसको एक बहुत ही अच्छा पत्थर मिल गया। जिसको देखकर वह बहुत खुश हुआ और कहा यह मूर्ति बनाने के लिए बहुत ही सही है। जब वह आ रहा था तो उसको एक और पत्थर मिला उसने उस पत्थर को भी अपने साथ …
Read More »गाजी पनडुब्बी की जल समाधि
1971 के अंतिम महीनों में यह तय हो चुका था भारत और पाकिस्तान का युद्ध किसी भी दिन शुरू हो सकता है। दोनों देशों के रणनिति कार युद्ध की रूप रेखा पर दिन रात लगे हुऐ थे। सैनिकों और युद्ध सामग्रियों को देखते हुऐ भारत का पलड़ा बहुत भारी था। भारत के पास उस समय नौ सेना की शान विमान …
Read More »हमारा भी एक जमाना था
खुद ही स्कूल जाना पड़ता था। क्योंकि साइकिल बस आदि से भेजने की रीत नहीं थी, स्कूल भेजने के बाद कुछ अच्छा बुरा होगा ऐसा हमारे मां-बाप कभी सोचते भी नहीं थे, उनको किसी बात का डर भी नहीं होता था, 🤪 पास/नापास यही हमको मालूम था… परीक्षा में % से हमारा कभी भी संबंध ही नहीं था…😛 ट्यूशन लगाई …
Read More »बावनी इमली
Bawani Imli बावनी इमली एक प्रसिद्ध इमली का पेड़ है जो भारत में एक शहीद स्मारक भी है। इसी इमली के पेड़ पर 28 अप्रैल 1858 को गौतम क्षत्रिय , जोधा सिंह अटैया और उनके इक्यावन साथी फांसी झूले थे। यह स्मारक #उत्तर_प्रदेश के #फतेहपुर जिले के बिन्दकी उपखण्ड में खजुआ कस्बे के निकट बिन्दकी तहसील मुख्यालय से तीन किलोमीटर …
Read More »वो बंद दरवाजे बुलाते हैं पर कोई नहीं आता
किसी दिन सुबह उठकर एक बार इसका जायज़ा लीजियेगा कि कितने घरों में अगली पीढ़ी के बच्चे रह रहे हैं? कितने बाहर निकलकर नोएडा, गुड़गांव, पूना, बेंगलुरु, चंडीगढ़,बॉम्बे, कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बड़ौदा जैसे बड़े शहरों में जाकर बस गये हैं? कल आप एक बार उन गली मोहल्लों से पैदल निकलिएगा जहां से आप बचपन में स्कूल जाते समय या दोस्तों …
Read More »गौरवशाली अतुल्य भारत
*हल खींचते समय यदि कोई बैल गोबर या मूत्र करने की स्थिति में होता था, तो किसान कुछ देर के लिए हल चलाना बन्द करके बैल के मल-मूत्र त्यागने तक खड़ा रहता था ताकि बैल आराम से यह नित्यकर्म कर सके,यह आम चलन था। **हमनें (ईश्वर वैदिक) यह सारी बातें बचपन में स्वयं अपनी आंखों से देख हुई हैं। जीवों …
Read More »“मन्दिर का घण्टा बजाने वाला”
एक मन्दिर था। उसमें सभी लोग पगार पर थे। आरती वाला, पूजा कराने वाला आदमी, घण्टा बजाने वाला भी पगार पर था। घण्टा बजाने वाला आदमी आरती के समय, भाव के साथ इतना मसगुल हो जाता था कि होश में ही नहीं रहता था। घण्टा बजाने वाला व्यक्ति पूरे भक्ति भाव से खुद का काम करता था। मन्दिर में आने …
Read More »सरकार द्वारा दी जा रही राहत पर एक अर्थशास्त्री की सटीक व्याख्या…
राहत पैकेज को ऐसे समझें… एक बार 10 मित्र जिनमें कुछ फटेहाल, कुछ ठीक ठाक और कुछ सम्पन्न लग रहे थे, एक ढाबे में खाना खाने गए। बिल आया 100 रु। 10 रु की थाली थी। मालिक ने तय किया कि बिल की भागीदारी देश की कर प्रणाली के अनुरूप ही होगी। इस प्रकार – पहले 4 बेहद गरीब (बेचारे) …
Read More »अपनी मान्यताओं और परम्पराओ को समझे
#पढ़ेऔरसमझे =============== ✍🏻✍🏻 एक गांव मे अंधे पति-पत्नी रहते थे। इनके यहाँ एक सुन्दर बेटा पैदा हुआ। पर वो अंधा नही था। एक बार पत्नी रोटी बना रही थी। उस समय बिल्ली रसोई में घुस कर बनाई रोटियां खा गई। बिल्ली की रसोईं मे आने की रोज की आदत बन गई इस कारण दोनों को कई दिनों तक भूखा सोना …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…