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story of sanskriti

भगवान शिवजी का गृहपति अवतार !

भगवान विष्‍णु के अनेक अवतार हुए हैं, वैसेही भगवान शिवजी के भी अवतार हुए है । भगवान शिवजी के अनेक अवतारों में से सातवे अवतार है गृहपति । आज हम उनके इस अवतार की कथा सुनेंगे । नर्मदा नदी के तट पर धर्मपुर नाम का एक नगर था । वहां विश्‍वानर नाम के एक ऋषि और उनकी पत्नी शुचिष्‍मती रहती …

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नामस्‍मरण का महत्त्व : भक्त प्रल्‍हाद

आज हम देवता के नामजप का महत्त्व और उसमें कितनी शक्‍ति होती है, यह, कथा के माध्‍यम से जानने का प्रयास करेंगे । जो देवता का नामजप करता है, वह देवता का भक्‍त हो जाता है । देवता अपनी भक्‍तों की सदा रक्षा करते हैं । भगवान ने भक्‍तों को वचन दिया है, ‘न मे भक्‍त: प्रणश्‍यती ।’ अर्थात ‘मेरे …

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गोदावरी नदी की जन्‍मकथा

आपने कभी नहाते समय बोला जानेवाला एक मंत्र सुना है ? गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्‍वती ।नर्मदे सिंधु कावेरि जलेऽस्‍मिन् सन्‍निधिं कुरु ॥ इस श्‍लोक का अर्थ है, हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्‍वती, नर्मदा, सिंधु, कावेरी नदियों ! मेरे स्नान के इस जल में आप सभी पधारिये और मुझे पवित्र कीजिए । भगवान शिवजी के बारह ज्‍योतिर्लिंग हमारी पवित्र …

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श्री कृष्णजी ने बनाया अपनी बंसूरी से श्रीराधा के लिए कुंड : आइए जाने

एक बार कंस ने भगवान श्रीकृष्‍ण का वध करने के लिए अरिष्टासुर नाम के दैत्‍य को भेजा । अरिष्टासुर गाय के बछडे का रूप लेकर श्रीकृष्‍ण की गायों में शामिल हो गया और उन्‍हें मारने लगा । भगवान श्रीकृष्‍ण ने बछडे के रूप में छिपे दैत्‍य को पहचान लिया । श्रीकृष्‍ण ने उसको पकडा और भूमी पर पटक पटककर उसका …

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लक्ष्मणजी की तपस्‍या प्रभु श्रीरामजी के साथ !

प्रभु श्रीरामजी के तीनों भाई अर्थात् लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्‍न उनकी सेवा करते थे । वे श्रीरामजी को पिता समान मानते थे और उनकी आज्ञा का पालन करते थे । प्रभु श्रीरामजी के साथ लक्ष्मणजी वनवास गए थे । प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण इनमें अगाध प्रेम था । रावण के साथ जब महाभयंकर युद्ध हुआ था, तब लक्ष्मणजी ने रावण …

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#जगन्नाथ_धाम, #पुरी की रसोई अत्यंत अद्भुत है…

172 साल पुराने इस मंदिर के एक एकड़ में फैली 32 कमरों वाली इस विशाल रसोई (150 फ़ीट लंबी, 100 फ़ीट चौड़ी और 20 फ़ीट ऊँची) में भगवान् को चढ़ाये जाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए 752 चूल्हे इस्तेमाल में लाए जाते हैं…और लगभग 500 रसोइए तथा उनके 300 सहयोगी काम करते हैं….ये सारा प्रसाद मिट्टी की जिन …

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आइये आपको “आइये आपको “धरती पर भगवान हैं प्रमाणिकता सिद्ध किये गये लोगो के अनुभव देखे व परखे :-

१.👉🏻 “अमर नाथ जी” में शिव लिंग अपने आप बनता है ।२.👉🏻 “माँ ज्वालामुखी” में हमेशा ज्वाला निकलती है ।३.👉🏻 “मैहर माता मंदिर” में रात को आल्हा अब भी आते हैं ।४.👉🏻 सीमा पर स्थित “तनोट माता मंदिर” में 3000 बम में से एक का भी ना फूटना ।५.👉🏻 इतने बड़े हादसे के बाद भी “केदार नाथ मंदिर” का बाल …

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माता शबरी बोली- यदि रावण का अंत नहीं करना होता तो राम तुम यहाँ कहाँ से आते?”

राम गंभीर हुए। कहा, “भ्रम में न पड़ो अम्मा! राम क्या रावण का वध करने आया है? छी… अरे रावण का वध तो लक्ष्मण अपने पैर से वाण चला कर भी कर सकता है। राम हजारों कोस चल कर इस गहन वन में आया है तो केवल तुमसे मिलने आया है अम्मा, ताकि हजारों वर्षों बाद जब कोई पाखण्डी भारत …

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श्री बाबा बालक नाथ चालीसा का पाठ

श्री बाबा बालक नाथ चालीसा का पाठ सभी दुःख-दर्द दूर करने वाला है। कहते हैं कि जो भी साफ़ अन्तःकरण से प्रतिदिन बाबा का स्मरण करता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ उनकी कृपा से पूर्ण हो जाती हैं। जो संतानहीन हैं, उन्हें बाबा के आशीर्वाद से निश्चित ही संतान-प्राप्ति होती है। भगवान श्री शिव की अमर कथा से यह बात स्पष्ट …

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सनातन धर्म की जानकारी

1-अष्टाध्यायी पाणिनी2-रामायण वाल्मीकि3-महाभारत वेदव्यास4-अर्थशास्त्र चाणक्य5-महाभाष्य पतंजलि6-सत्सहसारिका सूत्र नागार्जुन7-बुद्धचरित अश्वघोष8-सौंदरानन्द अश्वघोष9-महाविभाषाशास्त्र वसुमित्र10- स्वप्नवासवदत्ता भास11-कामसूत्र वात्स्यायन12-कुमारसंभवम् कालिदास13-अभिज्ञानशकुंतलम् कालिदास14-विक्रमोउर्वशियां कालिदास15-मेघदूत कालिदास16-रघुवंशम् कालिदास17-मालविकाग्निमित्रम् कालिदास18-नाट्यशास्त्र भरतमुनि19-देवीचंद्रगुप्तम विशाखदत्त20-मृच्छकटिकम् शूद्रक21-सूर्य सिद्धान्त आर्यभट्ट22-वृहतसिंता बरामिहिर23-पंचतंत्र। विष्णु शर्मा24-कथासरित्सागर सोमदेव25-अभिधम्मकोश वसुबन्धु26-मुद्राराक्षस विशाखदत्त27-रावणवध। भटिट28-किरातार्जुनीयम् भारवि29-दशकुमारचरितम् दंडी30-हर्षचरित वाणभट्ट31-कादंबरी वाणभट्ट32-वासवदत्ता सुबंधु33-नागानंद हर्षवधन34-रत्नावली हर्षवर्धन35-प्रियदर्शिका हर्षवर्धन36-मालतीमाधव भवभूति37-पृथ्वीराज विजय जयानक38-कर्पूरमंजरी राजशेखर39-काव्यमीमांसा राजशेखर40-नवसहसांक चरित पदम् गुप्त41-शब्दानुशासन राजभोज42-वृहतकथामंजरी क्षेमेन्द्र43-नैषधचरितम श्रीहर्ष44-विक्रमांकदेवचरित बिल्हण45-कुमारपालचरित हेमचन्द्र46-गीतगोविन्द जयदेव47-पृथ्वीराजरासो चंदरवरदाई48-राजतरंगिणी कल्हण49-रासमाला सोमेश्वर50-शिशुपाल वध माघ51-गौडवाहो वाकपति52-रामचरित …

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