तडपत है मन दर्श की खातिरश्याम मोहे तरसाओ नातडपत है मन दर्श की खातिरये सांसे कही रुक न जाए,आओ भगवन आओ नातडपत है मन दर्श की खातिर क्या मैं यत्न करू मोरे भगवनदर्श तेरा कर पाऊ मैंदर पर तेरे कब से खड़ा हुआके दर्श दिखाओ नतडपत है मन दर्श की खातिर मोर मुकट सिर सवाली सूरत,सोहे बंसुरिया होठो पर,एसी छवि …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…