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बाहरी वेश-भूषा से व्यक्ति की सही पहचान नहीं हो सकती

Sikshapard Khaniya

एक नौजवान शिष्य अपने गुरु के पास पहुंचा और बोला , ” गुरु जी एक बात समझ नहीं आती , आप इतने साधारण वस्त्र क्यों पहनते हैं …इन्हे देख कर लगता ही नहीं कि आप एक ज्ञानी व्यक्ति हैं जो सैकड़ों शिष्यों को शिक्षित करने का महान कार्य करता है . गुरु जी मुस्कुराये . फिर उन्होंने अपनी ऊँगली से …

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बंसीधर बंसीधर बंसीधर कन्हाया

krishna

घनास्यमा सुंदरा गिरिधारी गोपा बाला बृंदावानविहारा राजा राजा गोपाला बृंदावानविहारा माधवा हारे मधुसूदना मुकुंडा राधेगोविंदा राधेगोविंदा राधेगोविंदा राधे राधे राधे राधे गोविंदा राधे राधे गोविंदा राधे राधे राधे गोविंदा राधे [To Enhlish wish4me] Ghanasyama Sundara Giridhari Gopa Bala Brindavanavihara Raja Raja Gopala Brindavanavihara Madhava Hare Madhusoodana Mukunda Radhegovinda Radhegovinda Radhegovinda Radhe Radhe Radhe Radhe Govinda Radhe Radhe Govinda Radhe Radhe …

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गणपति गोरी जी के नंदन

गणपति गोरी जी के नंदन ganpati gori ji ke nandan ganesh ji गणपति गोरी जी के नंदन गणेश जी, मैं शरण तुम्हारी आया हूँ , मेरी रक्षा करो हमेश जी ।सबसे पहले तुम्हे धयाऊँ , फिर देवों के दर्शन पाऊं । गज बदन मूसे की सवारी, गजब तुम्हारा भेस जी ॥तुम हो रिद्धि-सिद्धि के दाता, तुम बिन ज्ञान कोई न …

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माखन लेकर क्या करूँ, जब माखन चोर हैं मेरे पास

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दुर्योधन ने श्री कृष्ण की पूरी नारायणी सेना मांग ली थी। और अर्जुन ने केवल श्री कृष्ण को मांगा था। उस समय भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की चुटकी (मजाक) लेते हुए कहा: "हार निश्चित हैं तेरी, हर दम रहेगा उदास ।

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सुदामा का सत्कार

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सुदामा नाम के एक ब्राह्मण श्रीकृष्ण के परम मित्र थे। उन्होंने श्री कृष्ण के साथ गुरुकुल में शिक्षा पायी थी। वे ग्रहस्थ होने पर भी संग्रह- परिग्रह से दूर रहते हुए प्रारब्ध के अनुसार जो कुछ भी मिल जाता उसी में संतुष्ट रहते थे। भगवान की उपसना और भिक्षाटन यही उनकी दिनचर्या थी। उनकी पत्नी परम पतिव्रता और अपने पति के साथ हर अवस्था में सतुष्ट रहने वाली थी। एक दिन दु:खिनी पतिव्रता भूख से कांपते हुए अपने पति के पास गयी और बोली

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बेट द्वारका हनुमान दंडी मंदिर, गुजरात

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बेट द्वारका से चार मील की दूरी पर मकर ध्वज के साथ में हनुमानजी की मूर्ति स्थापित है। कहते हैं कि पहले मकरध्वज की मूर्ति छोटी थी परंतु अब दोनों मूर्तियां एक सी ऊंची हो गई हैं। अहिरावण ने भगवान श्रीराम लक्ष्मण को इसी स्थान पर छिपा कर रखा था। जब हनुमानजी श्रीराम-लक्ष्मण को लेने के लिए आए, तब उनका …

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जब हेरो थोरा ने 1 भारतीय किसान से मांगी माफी

भारतीय किसान से मांगी माफी

हेरो थोरो अमेरिका का एक मशहूर चिंतक और विचारक थे। थोरो भारतीय विचारधारा से प्रेरित थे। उन्हें अपने साहित्य में कालिदास, विष्णु पुराण, हरिवंश पुराण आदि के उदाहरणों को शामिल किया था। भारतीय विचारधारा से प्रभावित होकर, वो भारत में ही एक गांव में पहुंचे। आश्रम बनाने के लिए उन्होंने एक किसान से जमीन ली थी। लेकिन अगले ही दिन …

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यहां क्यों रहना चाहते थे चुआंग जू

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एक समय की बात है चीनी दार्शनिक चुआंग जू नदी किनारे मछली पकड़ रहे थे। उसी दौरान राजा के एक दूत ने आकार कहा, ‘सम्राट ने आपको अपना प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।’ चुआंग जू ने राजा के उस दूत से प्रश्न किया, सुना है कि सम्राट के संग्रहालय में किसी दिव्य कछुए की ढाल सुरक्षित है। बताओ, अगर वह कछुआ …

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एक दिन सभी को यहां जाना है

एक दिन एक व्यक्ति संत के पास गया और बोला, ‘महाराज! मुझे कोई ऐसा उपदेश दीजिए।जो जिंदगी भर याद रहे।क्योंकि मेरे पास इतना समय नहीं है, कि रोज आपके पास आऊं औऱ घंटों बैठकर आपका उपदेश सुनुं।’ संत ने कहा, ‘ठीक है तो चलो मेरे साथ।’ संत उस व्यक्ति को श्मशान ले गए। वह व्यक्ति घबरा रहा था।  उसने कहा, …

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पुरानी पेंटिंग

बहुत समय पहले की बात है ,उन्नीसवीं सदी के मशहूर पेंटर दांते गेब्रियल रोजेटी के पास एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति पहुंचा. उसके पास कुछ स्केच और  ड्राइंगस  थीं जो वो रोजेटी को दिखा कर उनकी राय जानना चाहता था की वे अच्छी हैं , या कम से कम उन्हें देखकर कलाकार में कुछ टैलेंट जान पड़ता है . रोजेटी ने …

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