एक बार की बात है सीतापुरी गांव में जीर्णधन नाम का एक बनिया रहता था। उसका काम कुछ अच्छा नहीं चल रहा था, इसलिए उसने धन कमाने के लिए विदेश जाने का फैसला किया। उसके पास कुछ ज्यादा पैसे या कोई कीमती वस्तु नहीं थी। सिर्फ उसके पास एक लोहे का तराजू थी। उसने वो तराजू साहूकार को धरोहर के …
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पंचतंत्र की कहानी: शिकार का ऐलान
सालों पहले एक घने से जंगल में कुछ जानवर रहा करते थे। उनमें से एक शेर था और उसकी सेवा में हरदम लोमड़ी, भेड़िया, चीता और चील रहते थे। लोमड़ी को शेर ने अपनी सेक्रेटरी, चीता को अपना अंगरक्षक और भेड़िये को अपना गृहमंत्री बना रखा था। इनके अलावा, चीता दूर-दूर की सारी खबरें लाकर शेर को देता था यानी …
Read More »मूर्ख बगुले और नेवले की कहानी |
कई सालों पहले की बात है, एक जंगल में एक बरगद का पेड़ था। उस बरगद के पेड़ पर एक बगुला रहा करता था। उसी पेड़ के नीचे एक बिल में एक सांप भी रहता था। वह सांप बड़ा ही दुष्ट था। अपनी भूख मिटाने के लिए वह बगुले के छोटे-छोटे बच्चों को खा जाया करता था। इस बात से …
Read More »हिरण का बच्चा
एक जंगल में हिरण का परिवार रहता था। उस हिरण एक प्यारा सा सुंदर सा बच्चा था। एक दिन खरगोश से दौड़ हुई , हिरण का बच्चा खरगोश से आगे भागने लगा। वह जंगल पार कर गया , खेत पार कर गया , नदी भी पार कर गया , पर पहाड़ पार नहीं कर पाया। चट्टान से टकराकर गिर गया और जोर – जोर …
Read More »चिड़ियाघर की सैर
अमन अपने माता-पिता के साथ चिड़ियाघर की सैर करने जाता है। अमन क्योंकि बच्चा है और वह अपनी मम्मी के गोदी में चलता है , इसलिए चिड़ियाघर में उसके लिए टिकट नहीं लगता। मम्मी – पापा ने अपना टिकट लिया और वह तीनों मिलकर चिड़ियाघर के अंदर चले। अमन ने चिड़ियाघर के अंदर देखा एक तालाब है उसमें ढेर सारे बत्तख और बगुला तैर रहे हैं। उसे बहुत ही अच्छा …
Read More »लड़ती बकरियां और सियार
बहुत समय पहले की बात है। एक जंगल में किसी बात को लेकर दो बकरियों के बीच झगड़ा हो गया। इस झगड़े को वहां से गुजर रहा एक साधु देख रहा था। देखते ही देखते दो बकरियों में झगड़ा इतना बड़ गया कि दोनों आपस में लड़ने लगीं। उसी समय वहां से एक सियार भी गुजरा। वह बहुत भूखा था। …
Read More »कर्म का फल
भीष्म पितामह रणभूमि में शरशैया पर पड़े थे। हल्का सा भी हिलते तो शरीर में घुसे बाण भारी वेदना के साथ रक्त की पिचकारी सी छोड़ देते। ऐसी दशा में उनसे मिलने सभी आ जा रहे थे। श्री कृष्ण भी दर्शनार्थ आये। उनको देखकर भीष्म जोर से हँसे और कहा…. आइये जगन्नाथ।.. आप तो सर्व ज्ञाता हैं। सब जानते हैं, …
Read More »kabhi ruthna na mujhse shyam sanware,meri jindgi h ab tere naam sawre- bhajan
कभी रूठना ना मुझसे,तू श्याम सांवरे, मेरी ज़िन्दगी है अब,तेरे नाम सांवरे।। मेरा सांवरे सवेरा,तेरे नाम से, तेरे नाम से ही,ज़िन्दगी की शाम सांवरे, कभी रूठना ना मुझसे,तू श्याम सांवरे, मेरी ज़िन्दगी है अब,तेरे नाम सांवरे।। चिंतन हो सदा,इस मन में तेरा, चरणो में तेरे,मेरा ध्यान रहे, चाहे दुःख में रहूँ,चाहे सुख में रहूँ, होंठो पे सदा,तेरा नाम रहे, तेरे …
Read More »पचास का नोट
एक व्यक्ति office में देर रात तक काम करने के बाद थका -हारा घर पहुंचा . दरवाजा खोलते ही उसने देखा कि उसका पांच वर्षीय बेटा सोने की बजाये उसका इंतज़ार कर रहा है . अन्दर घुसते ही बेटे ने पूछा —“ पापा , क्या मैं आपसे एक question पूछ सकता हूँ ?” “ हाँ -हाँ पूछो , क्या पूछना है ?” पिता ने कहा . बेटा – “ पापा , आप एक घंटे …
Read More »कुलदेवी के आशीर्वाद क्यों जरूरी हैं❓
इस विषय को समझते वक़्त सभी साधना, कुण्डलिनी, श्रीविद्या, दसमहाविद्या जो भी साधना आप कर रहे हो, सब एक बाजू रखें । क्योंकि कुलदेवी की कृपा का अर्थ है, सौ सुनार की एक लोहार की, बिना कृपा से किसीके कुल का वंश ही क्या कोई नाम कुछ भी आगे बढ नहीं सकता । लोग भावुक होकर अथवा आकर्षित होकर कई …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…