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मधुमक्खी का डंक !!

एक मधुमक्खी थी। वह दिनभर बड़े परिश्रम पूर्वक एक फूल से दूसरे फूल पर जाती और उनका रस चूसती। फिर वह अपने छत्ते पर जाकर उस रस से शहद बनाती। एक दिन उसने सोचा, ‘मैं दिनभर मेहनत करती हूँ और फूलों के रस से शहद बनाने के बाद हर समय डर लगा रहता है कि कहीं कोई मेरा शहद न …

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बाज और सियार !!

एक पेड़ की ऊँची शाखा पर एक बाज घोंसला बनाकर रहता था। उसी पेड़ के नीचे एक सियार का घर था। एक दिन जब सियार शिकार के लिए गया हुआ था, तभी बाज पेड़ से उतरकर नीचे आया और सियार के छोटे से बच्चे को उठाकर ले गया। जब सियार लौटकर आया तो उसको अपना बच्चा दिखाई नहीं दिया।   …

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दो पत्नियां !!

एक व्यक्ति की दो पलियाँ थीं। पहली पत्नी थोड़ी बूढ़ी थी, जबकि दूसरी पत्नी अभी जवान थी। एक दिन दूसरी पत्नी को पति के सिर में कंघी फेरते हुए कुछ सफेद बाल दिखाई दिए। उसने सोचा कि यदि लोगों ने मेरे पति के सिर में सफेद बाल देखे तो समझेंगे कि वे बूढ़े हो चले हैं। यह सोचकर उसने पति …

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मुर्गे की बांग !!

एक औरत ने घर के काम-काज के लिए दो नौकरानियाँ रखी हुई थीं। वह उनसे दिन भर कड़ी मेहनत कराती। उस औरत के पास एक मुर्गा था, जो हर सुबह चार बजे बांग देकर उन्हें उठा देता था। नौकरानियों को सुबह जल्दी उठना बिल्कुल पसंद नहीं था, इसलिए उन्हें उस मुर्गे से ही नफरत हो गई थी। एक दिन एक …

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जगदीश का भोलापन !!

जगदीश एक भोला भाला लड़का था, जो सबकी मदद किया करता था। एक दिन उसके मित्र ने उसे खाने पर बुलाया। खाना खाकर जब वह घर पहुँचा तो उसने देखा उसके माता, पिता और दोनों भाई पेट के दर्द से बेहाल थे।उसके पिता बोले-“दवा की दुकान में जाओ और पेट के दर्द की दवा, चार लोगों के लिए एक-एक खुराक …

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त्यागभूमि नहीं कर्मभूमि !!

विख्यात स्वतंत्रता सेनानी और साहित्यकार पंडित हरिभाऊ उपाध्याय के आमंत्रणपर लाला लाजपतरायजी 1927 में अजमेर पधारे। वहाँ राष्ट्रीय आंदोलन के संबंध में लालाजी का बड़ा प्रभावी भाषण हुआ। हरिभाऊजी को उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय भावनाओं के प्रचार के लिए प्रकाशित पत्रिका का नाम त्यागभूमि की जगह कर्मभूमि होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि त्याग और वैराग्य के उपदेश की जगह …

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भोला चूहा !!

एक बार एक गाँव में एक चूहे का परिवार रहता था। एक दिन सबसे छोटा चूहा खेलने के लिए बाहर निकला। अचानक उसने एक मुर्गे को देखा। उसकी बड़ी चोंच, पंख और उसके सिर के ऊपर लाल कलगी को देखकर वह डर गया। आगे उसे एक बहुत सुंदर बिल्ली दिखी। उसे आकर्षक आँखें और नर्म बाल उसे बहुत अच्छे लगे। …

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मैरी की भूल !!

जब संसार बनाया जा रहा था, तब देवताओं ने एक उत्तम रचना बनाने की सोची। इसलिए उन्होंने मैरी नाम की एक लड़की बनाई जो बुद्धिमान और कुशल थी। पृथ्वी पर भेजने से पहले वे उसे अपने राजा बृहस्पति के पास ले गए। राजा ने उसे एक संदेश दिया और कहा-“इसे कभी मत खोलना।” परंतु एक दिन मैरी को इतनी उत्सुकता …

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रानी और किसान !!

एक रानी ने शादी के लिए एक शर्त रखी। शर्त थी- “रानी उससे शादी करेगी, जिसकी तीन पहेलियों के उत्तर रानी न दे पाये।” कई लोग आए परंतु कोई कामयाब नहीं हुआ। एक दिन ईशान नामक किसान ने रानी से पूछा-“मैंने एक अच्छी चीज़ में एक अच्छी चीज़ को देखा। मैंने पहली अच्छी चीज़ में से दूसरी अच्छी चीज़ को …

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नीच का न्याय !!

एक जंगल के जिस वृक्ष पर मैं रहता था, उसके नीचे के तने में एक खोखल में किंजल नाम का एक चटक (तीतर) भी रहता था। एक दिन कपिजल अपने साथियों के साथ बहुत दूर के खेत में धान की नई-नई कोपलें खाने चला गया।   बहुत रात बीतने पर भी जब वह वापस न लौटा तो मुझे चिंता होने …

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