Breaking News

blog

blog

मां ज्वाला जी, हिमाचल प्रदेश

Maa Jawala Ji Himachal Pardesh

ज्वाला रूप में माता, ज्वालादेवी मंदिर में सदियों से बिना तेल बाती के प्राकृतिक रूप से नौ ज्वालाएं कई दशकों से जल रही हैं. कहा जाता है कि ये पावन जोतियां भक्तों की मनोकमनाएं पूरी करती है. wish4me in English jvaala roop mein maata, jvaalaadevee mandir mein sadiyon se bina tel baatee ke praakrtik roop se nau jvaalaen kaee dashakon …

Read More »

डूबा हुआ शिव मंदिर, वाराणसी

Duba Hua Shiv Mandir

सिंधिया घाट जिसे शिन्दे घाट भी कहते हैं, वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के उत्तरी ओर लगा हुआ है. इस घाट से लगा हुआ शिव मंदिर जिसकी खासियत यह है कि यह आंशिक रूप से गंगा नदी के जल में डूबा हुआ है. Wish4me in English sindhiya ghaat jise shinde ghaat bhee kahate hain, vaaraanasee mein manikarnika ghaat ke uttaree or …

Read More »

काल भैरव नाथ मंदिर, वाराणसी

Kall Bharav Nath Mandir

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है की यहाँ पर भगवान काल भैरव को मदिरा प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है और साथ ही यहां भक्तों को प्रसाद में भी मदिरा दी जाती है. wish4me in English sindhiya ghaat jise shinde ghaat bhee kahate hain, vaaraanasee mein manikarnika ghaat ke uttaree or laga hua hai. is ghaat se …

Read More »

स्तंभेशवर महादेव, गुजरात 

Satambheshver Mahadev Mandir

गुजरात के बढ़ोदरा में भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर है जो देखते ही देखते गायब हो जाता है और फिर अचानक ही दोबारा दिखने लगता है। इस मंदिर की इसी खूबी के कारण यह दुनियाभर में प्रसिद्ध और भोले के भक्त इस घटना को अपनी आंखों से देखने के लिए दौड़े चले आते हैं। आइए, जानते हैं इस मंदिर …

Read More »

चाइनीज काली मंदिर, कोलकाता 

chinese-kali-temple-kolkata

कोलकाता के टांगरा में ये 60 साल पुराना चाइनीज काली मंदिर स्थित है. इस मंदिर की एक ख़ास बात ये है कि दुर्गा पूजा के दौरान प्रवासी चीनी लोग इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं. इस मंदिर की एक दिलचस्प बात ये है कि यहां आने वाले मां के भक्तों को प्रशाद में नूडल, चावल और सब्जियों से बनी …

Read More »

कर्तव्यपरायणता का अद्भुत आदर्श

Kartavya Parayanta ka adbhut adarsh

प्राचीन काल में सर्वसमृद्धिपूर्ण वर्धमान नगर में रूपसेन नाम का एक धर्मात्मा राजा था। एक दिन उसके दरबार में वीरवर नाम का एक गुणी व्यक्ति अपनी पत्नी, कन्या एवं पुत्र के साथ वृत्ति के लिए उपस्थित हुआ। राजा ने उसकी विनयपूर्ण बातों को सुनकर प्रतिदिन एक सहस्त्र स्वर्णमुद्रा का वेतन नियत कर सिंहद्वार के रक्षक के रूप में उसकी नियुक्ति …

Read More »

नवरात्र में कलश स्थापना (प्रतिपदा)

Navratre main kyo karein ghatna sathapnaain kalesh sathapna

चैत्र के नवरात्र में शक्ति की उपासना तो प्रसिद्ध ही है, साथ ही शक्तिधर की उपासना भी की जाती है । उदाहरणार्थ एक ओर देवीभागवत, कालिकापुराण, मार्कण्डेयपुराण, नवार्णमंत्र के पुरश्चरण और दुर्गापाठ की शतसहस्त्रायुतचण्डी आदि होते हैं तो दूसरी ओर श्रीमद्भागवत, अध्यात्म – रामायण, वाल्मीकीय रामायण, तुलसीकृत रामायण, राममंत्र पुरश्चरण, एक तीन पांच सात दिन की या नवाह्निक अखण्ड रामनामध्वनि …

Read More »

नवरात्र में क्यों करें घटस्थापन ?

Navratre main kyo karein ghatna sathapnaain kalesh sathapna

किसी भी पूजन कार्यक्रम में घटस्थापना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । घटस्थापना के बिना किसी भी पूजन कार्यक्रम को सफल नहीं किया जा सकता है । आइये जानते हैं आखिर क्यों करते है घटस्थापना । 1- मंगलमयी कार्यक्रमों में वेद-पुराणों के अनुसार घट में इस सृष्टि के रचियता भगवान ब्रह्मा का निवास हैं, घटस्थापना से सभी देवी-देवताओं की पूजा …

Read More »

चक्रिक भील

अर्थात् ‘ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र और जो अन्य अन्त्यज लोग हैं, वे भी हरिभक्तिद्वारा भगवान की शरण होने से कृतार्थ हो जाते हैं, इसमें संशय नहीं है । यदि ब्राह्मण भी भगवान के विमुख हो तो उसे चाण्डाल से अधिक समझना चाहिए और यदि चाण्डाल भी भगवान का भक्त हो तो उसे भी ब्राह्मण से अधिक समझना चाहिये ।’ द्वापरयु …

Read More »

नवरात्र व्रत की कथा

प्राचीन काल में एक सुरथ नाम का राजा हुआ करता था । उसके राज्य पर एक बार शत्रुओं ने चढ़ाई कर दी । मंत्री गण भी राजा के साथ विश्वासघात करके शत्रु पक्ष के साथ जा मिले । मंत्जिसका परिणाम यह हुआ कि राजा परास्त हो गया, और वे दु:खी और निराश होकर तपस्वी वेष धारण करके वन में ही …

Read More »