काया नही रे सुहाणी भजन बिनबिना लोण से दाल आलोणी भजन बिन गर्भवास म्हारी भक्ति क भूली नबाहर हूई न भूलाणीमोह माया म नर लिपट गयोसोयो तो भूमि बिराणी भजन बिन हाड़ मास को बणीयो रे पिंजरोउपर चम लिपटाणीहाथ पाव मुख मस्तक धरीयाँआन उत्तम दीरे निसाणी भजन बिन भाई बंधु और कुंटूंब कबिलाइनका ही सच्चा जायराम नाम की कदर नी …
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श्रीकृष्ण – चरित्र (Krishna – Character)
समदर्शिता भगवान श्रीकृष्ण समदर्शी थे, और उनकी समदर्शिता की सीमा में केवल मनुष्य – समाज ही आता हो, सो बात नहीं, पशु – पक्षी, लता – वृक्ष आदि सभी के लिए उसमें स्थान था । उन्होंने गौओं की सेवा कर पशुओं में भी भगवान का वास दिखलाया । कदंब आदि वृक्षों के तले वन में विहार कर, उभ्दिज्ज – जगत …
Read More »भक्त और भगवान का एक प्यारा रिश्ता
कृष्णा हर दिन एक बाग़ में जाया करते थे और उस बाग़ के सभी पुष्पों को प्यार किया करते थे | बदले में वे सभी पुष्प भी कृष्णा की तरफ अपना प्यार दर्शाया करते थे | उन सभी पुष्पों के चेहरों पर कृष्ण को देखकर एक मधुर मुस्कान आ जाया करती थी | उसी बाग़ में एक बबूल का पेड़ …
Read More »श्रीकृष्ण जी की के सात विशेष विग्रह (Seven special enunciations of Sri Krishna ji)
जय श्री कृष्णा जैसे की हम सब जानते हैं की वृंदावन वह स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अनेकों ही बाललीलाएं की और अनेकों ही राक्षसों का वध भी किया। यहां पर श्रीकृष्ण जी के विश्वप्रसिद्ध मंदिर भी हैं। आज हम आपको ऐसी ही श्रीकृष्ण जी की 7 चमत्कारी प्रतिमाओं के बारे में बताएँगे , जिनका संबंध वृंदावन से है। …
Read More »जब से नैन लड़े गिरधर से
एक दिन मोहे मिल गओवाह छैला नन्द कुमारलूट लिया ये दिल मेरोसाखि लूट लिया ये दिल मेरुआंखियन में अंखिया दार जब से नैन लड़े गिरधर सेमेरी अकाल गयी बौराए जने कैसा जादू डालाचारो और नज़र वो खुमायेवृन्दावन की कुञ्ज गलियन मेंजब से देखा नन्द का लालामेरी अँखियाँ आगे डो’उसका मुखड़ा भोला भालाउसके मतवारे नैनोमेरे दिल को लिया चुराएजब से……. उसकी …
Read More »बनू दास जनम जनम तक यो ही आयो मांग ने
बनू दास जनम जनम तक यो ही आयो मांग नेमैया थारे आगने, मंगल गाऊ घर घर जा कर था सु मिलयो उपकारदे के सेवा ही जन्म में बहुत कियो उपकारमौज उडावा मैं तो दादी थारे कारनेमैया थारे आगने, मानव तन जो पाऊ फिर से मंगल मैं गाऊपंशी जीवन म्हाने देयो यो जो ही मैं चाहूबन के मोरी यो मैं नाचू …
Read More »ऐसे लोग होते हैं ईश्वर
एक दिन कन्फ्यूशियस के पास सम्राट ने आकर कहा, ‘राज्य में बेईमानी बढ़ती जा रही है, जहां देखो वहां छल-कपट और धोखेबाजी के दर्शन किए जा सकते हैं। क्या राज्य में ऐसा कोई आदमी होगा, जो सदाचारी और गुणों के देवता की कृपा रखता हो।’ कन्फ्यूशियस ने जबाव दिया, ‘ऐसा व्यक्ति है। एक तो स्वयं आप क्योंकि सत्य को जानने …
Read More »कृपा का अनुभव
कृपा का अनुभव एक बार गायों को चराते हुए भगवान श्री कृष्ण और बलराम जी को भूख लगीं तो उन्होंने अपने सखाओं से कहा -हे मित्र ! यहाँ पास ही में कुछ ब्राह्मण यज्ञ कर रहे हैं तुम उनसे हम सबके लिए कुछ भोजन माँग लाओ। ग्वाल-बाल गए और बड़े विनम्र भाव से प्रार्थना कर भोजन सामग्री माँगी परंतु ब्राह्मण …
Read More »इस दुनिया में होता है सभी का अपना अपना मूल्य
रामकृष्ण परमहंस के पास एक बार एक सेठ आया। सेठ अहंकारी और लोभी था। अपने अहंकार की पुष्टि के लिए उसने एक कीमती दुशाला रामकृष्ण को भेंट की। स्वामी जी ने उस दुशाला को स्वीकार कर लिया। कुछ दिनों बाद जब सेठ फिर आया तो देखा दुशाला तो नीचे बिछा हुआ है। वह मन ही मन बहुत चिंतित हुआ। उसे …
Read More »माखन लेकर क्या करूँ, जब माखन चोर हैं मेरे पास
दुर्योधन ने श्री कृष्ण की पूरी नारायणी सेना मांग ली थी। और अर्जुन ने केवल श्री कृष्ण को मांगा था। उस समय भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की चुटकी (मजाक) लेते हुए कहा: "हार निश्चित हैं तेरी, हर दम रहेगा उदास ।
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…