Breaking News

Guru_Profile

जीती हूँ तुम्हे देख के मरती हूँ

जीती हूँ तुम्हे देख के मरती हूँ तुम्ही पे,तुम हो जहा साजन मेरी दुनिया है वही पर, इक तेरे भरोसे पे सब बैठी हु छोड़ के,उम्र यु ही गुजर जाए तेरे साथ गुजर जाए, आखियो के जरोको से मैंने देखा जो सँवारेतुम दूर नजर आये बड़ी दूर नजर आये,आखियो के जरोको से मैंने देखा जो सँवारेमन में तुम्ही मुस्काये मन …

Read More »

बांके बिहारी मेरा काम कर दे

Banke bihari teri aarti gau bhajan

बांके बिहारी मेरा काम कर देसारी दुनिया में मेरा नाम कर दे…. कोठी आगे हौंडा सिटी कार खड़ी होजेब मेरी नोटों से खचाखच भरी होनौकरों की जय हो जय होनौकरों की लंबी कतार कर दोसारी दुनिया में मेरा नाम कर दो….. हीरो की अंगूठी पहने दोनों हाथ मेंअरे बॉडीगार्ड चले मेरे साथ साथ मेंहीरे और मोतियों से झोली भर दोसारी …

Read More »

श्यामल छवि सुख धाम को

श्यामल छवि सुख धाम को,श्यामल छवि सुखधाम को,भज रे मन, तू भज रे मन,श्री राधे राधे श्याम को। मोहक सरल मनोहर है वो,शीतल धवल सरोवर है,दर्शन कर ले कमल नयन के,बन पंकज बृज धाम कोभज रे मन, तू भज रे मन,श्री राधे राधे श्याम को। यशोदा कंत नन्द के नंदन,जय गोपालक जय यदु नंदन,कुंज गलिन के कुञ्ज बिहारी,सुख सागर सुख …

Read More »

जहाँ धर्म, वहीं विजय

महानारायणोपनिषद् में कहा गया है, धर्मों विश्वस्य जगतः प्रतिष्ठा अर्थात् धर्म ही समस्त संसार की प्रतिष्ठा का मूल है। भगवान् श्रीकृष्ण भी कहते हैं कि प्राणों पर संकट भले ही आ जाए, फिर भी धर्म पालन से डिगना नहीं चाहिए। महाभारत युद्ध के दौरान दुर्योधन प्रतिदिन माता गांधारी के पास पहुँचकर विजय की कामना के लिए आशीर्वाद की याचना किया …

Read More »

अब तो लिया री हाथ तेरा थाम

हो गई हो गई रे घनी बदनाम हो कन्हिया मैं तो साड़ी मेंअब तो लिया री हाथ तेरा थाम हो डरो न इस वारे मेंहो गई हो गई रे घनी बदनाम……. घर घर मेरी और तुम्हारी चर्चा बरसाने मेंकरे श्याम से न्यारी राधा हिम्मत नही जमाने में,मैं तो भूल गई रे सब काम हो आत्मा मोहन प्यारी मेंअब तो लिया …

Read More »

नमो नमो वृंदावन चन्द

नमो नमो वृंदावन चन्दजहाँ विलाश करत प्रिया प्रियतमस्व इक्षा मई स्व इक्षा ….नमो नमो वृंदावन चन्द, कबहू जात नही ताको तज, नित्य किशोर बिहारीनित्य किशोर बिहारी….सेवत रहत ताहि निज कर सोवैकुण्ठादि विसारि … नमो नमो वृंदावन चन्द, और लोक अवतार अष्ट ली, यह निज वन राजधानीयह निज वन राजधानी…..चारो और भरयो जमना जलउज्ज्वल रस की खानी….नमो नमो वृंदावन चन्द, प्रेम …

Read More »

क्यों सताए मुझे क्यों रुलाये मुझे

क्यों सताए मुझे क्यों रुलाये मुझेइतना तो बोल दे मोहनचुप क्यों है बोल दे मोहनक्यों सताए मुझे…………. इतना बेदर्द क्यों हो गया है तूअब तू बोल ज़रा किस्से जाके कहूंइतना दर्द मिला मैं सहन कैसेअब तो सुन भी ले मोहनचुप क्यों है बोल दे मोहन.. सबके तो सामने मैं तो हंसती रहीआंसू आँखों में अपने छिपाती रहीअब तो आंसू मेरे …

Read More »

लालच में भक्ति नहीं

महिला संत राबिया अरब में बसरा शहर की एक झोंपड़ी में रहकर हर क्षण भगवान् की याद में खोई रहती थीं। वे कहा करती थीं कि प्रत्येक मनुष्य का जीवन क्षणभंगुर है तथा ईश्वर शाश्वत है । बसरा के लोगों ने एक दिन देखा कि राबिया एक हाथ में आग और दूसरे हाथ में पानी से भरी बाल्टी लिए दौड़ …

Read More »

Kanha murli se mithi mithi taan sunave

यमुना किनारे पे नंद का लाला गईयां चरावे,कान्हा मुरली से मीठी मीठी तान सुनावे…… मुरली को सुन कर के सखिया हो गई रे दीवानीसुध बुध बोली वो ऐसी होगी रे मस्तानीराधे ने मुरली से कान्हा कैसा जादू पावेकान्हा मुरली से मीठी मीठी तान सुनावे…… कान्हा की मुरली की जब से तान पड़ी काननं मेंदिल मुरली ले गई रे नींद ना …

Read More »

मैं हूँ अपने कृष्णा का

मैं हूँ अपने कृष्णा काकृष्णा है मेरे नाथजन्म जन्म का रिश्ता है यहजन्म जन्म का साथ है कृष्णा ही मेरे प्रीतम साजनकृष्णा मेरी हर सांस हैजन्म जन्म का रिश्ता है यहजन्म जन्म का साथ है रोम रोम यह कहता है किकृष्णा से मुझको प्यार हैकृष्णा भजन ही मेरा जीवनकृष्णा रटन ही काम हैसांस सांस से रट लो जी कृष्णानाम रटन …

Read More »