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ना स्वर है ना सरगम, ना लय ना तराना है,

thaare jhaanjh nagaada baaje re, baaje re

ना स्वर है ना सरगम, ना लय ना तराना है, हनुमान के चरनो मे एक फूल चढ़ना है, ना स्वर है ना सरगम, ना लय ना तराना है, हनुमान के चरनो मे एक फूल चढ़ना है, जब बाल रूप मे प्रभु, सूरज को निगल डाले, अभिमानी सुर्पति के सब मर्द मसल डाले, बजरंग हुए तब से संसार ने जाना है, ना स्वर …

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Atma Singh Khalsa Guruprem Kaur Khalsa

Atma Singh Khalsa Guruprem Kaur Khalsa from the teachings of Yogi Bhajan, Ph.D. ABOUT YOGI BHAJAN Yogi Bhajan is a Master of Kundalini Yoga and Meditation. He teaches, counsels and inspires people from every continent and all walks of life to live in their excellence, to be healthy, happy and holy. Since Yogi Bhajan arrived in the United States in …

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दूसरा दीपक

Dusra Deepak Story

एक बार की बात है , मगध साम्राज्य के सेनापति किसी व्यक्तिगत काम से चाणक्य से मिलने पाटलिपुत्र पहुंचे । शाम ढल चुकी थी , चाणक्य गंगा तट पर अपनी कुटिया में, दीपक के प्रकाश में कुछ लिख रहे थे। कुछ देर बाद जब सेनापति भीतर दाखिल हुए, उनके प्रवेश करते ही चाणक्य ने सेवक को आवाज़ लगायी और कहा …

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी

janamastmi

माधव, केशव, कान्हा, कन्हैया जैसे नामों से पुकारे जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण का जन्म दिन “जन्माष्टमी” के रूप में मनाया जाता है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण की जयंती मनाई जाती है। हिन्दू धर्मानुसार प्रत्येक मनुष्य को जन्माष्टमी का व्रत (Janmashtami Vrat) अवश्य करना चाहिए। जन्माष्टमी व्रत विधि (Janmashtami Vrat Vidhi in Hindi) भविष्य …

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विजय दशमी

 विजयादशमी / दशहरा  आश्विन शुक्ल दशमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत का ‘राष्ट्रीय त्योहार’ है। रामलीला में जगह–जगह रावण वध का प्रदर्शन होता है। क्षत्रियों के यहाँ शस्त्र की पूजा होती है। ब्रजके मन्दिरों में इस दिन विशेष दर्शन होते हैं। इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। यह त्योहार क्षत्रियों का माना जाता है। इसमें अपराजिता देवी की पूजा होती है। यह पूजन भी सर्वसुख देने …

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द्रौपदी और भीष्मपितामह

draupadi-aur-bhisma

महाभारत का युद्ध चल रहा था। भीष्मपितामह अर्जुन के  बाणों से घायल हो बाणों से ही बनी हुई एक शय्या पर पड़े हुए थे।  कौरव और पांडव दल के लोग प्रतिदिन उनसे मिलना जाया करते थे। एक दिन का प्रसंग है कि पांचों भाई और द्रौपदी चारो तरफ बैठे थे और पितामह उन्हें उपदेश दे रहे थे।  सभी श्रद्धापूर्वक उनके उपदेशों …

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सबसे बड़ा गुरू

गुरु द्रोणाचार्य, पाण्डवोँ और कौरवोँ के गुरु थे, उन्हेँ धनुर्विद्या का ज्ञान देते थे। एक दिन एकलव्य जो कि एक गरीब शुद्र परिवार से थे. द्रोणाचार्य के पास गये और बोले कि गुरुदेव मुझे भी धनुर्विद्या का ज्ञान प्राप्त करना है आपसे अनुरोध है कि मुझे भी आपका शिष्य बनाकर धनुर्विद्या का ज्ञान प्रदान करेँ। किन्तु द्रोणाचार्य नेँ एकलव्य को अपनी विवशता बतायी और …

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रमा एकादशी व्रत  Rama Ekadashi

Bhuvankosh Ka Sanshipt varnan

रमा एकादशी व्रत विधि (रामा एकादशी व्रत विधि इन हिन्दी) एकादशी व्रत के नियमों का पालन व्रत के एक दिन पहले यानि दशमी के दिन से ही शुरू हो जाता है। रमा एकादशी के दिन स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत संकल्प करना चाहिए। एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए है। इसके बाद भगवान विष्णु का धूप, …

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डरो मत ! स्वामी विवेकानंद प्रेरक प्रसंग

lakshye per dhyan story

स्वामी  विवेकानंद  बचपन  से  ही  निडर  थे , जब  वह  लगभग  8 साल  के  थे  तभी  से  अपने  एक  मित्र  के  यहाँ  खेलने  जाया  करते  थे  उस  मित्र  के  घर  में  एक  चम्पक  पेड़  लगा  हुआ  था . वह  स्वामी  जी  का  पसंदीदा  पेड़  था  और  उन्हें  उसपर  लटक कर  खेलना  बहुत  प्रिय  था . रोज  की  तरह  एक  दिन …

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वीर अभिमन्यु

Veer abhimanyu

कुरुक्षेत्रमें कौरवोंके रथी-महारथियोंसे अपने प्राणोंको दांवपर लगाकर लडते हुए वीरगतिको प्राप्त होनेवाला अभिमन्यु, अर्जुन एवं सुभद्राका पुत्र था । वह अर्जुनके समान ही शूर-वीर था । वह सभी प्रकारके शस्त्र-संचालनमें प्रवीण था । उस बालवीरद्वारा दिखाए गए अद्भुत शौर्यकी तुलना हो ही नहीं सकती  । कौरव-पाण्डवोंके मध्य युद्धके समय द्रोणाचार्य कौरवोंके सेनापति थे । वे पाण्डवोंकी सेनासे निरन्तर पराजित होनेके …

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