अग्नि पुराण मंदिरों के निर्माण पर महत्वपूर्ण बल देता है। कहते हैं कि देवता के निमित्त मंदिर जलाशय आदि बनवाने की इच्छा रखने वाले के शुभ.......
Read More »Mantra Jaap
तपस्या करके साठ हजार पुत्रों की प्राप्ति
पौराणिक कथा के अनुसार राजा सगर ने तपस्या करके साठ हजार पुत्रों की प्राप्ति की। एक दिन राजा सगर ने देवलोक पर विजय प्राप्त करने के लिये एक.....
Read More »तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम:
हे सत् चित्त आनंद! हे संसार की उत्पत्ति के कारण! हे दैहिक, दैविक और भौतिक तीनो तापों का विनाश करने वाले महाप्रभु! हे श्रीकृष्ण! आपको कोटि....
Read More »भगवान जगन्नाथ की मूर्ति का रहस्य
भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ा तो उनका अंतिम संस्कार किया गया , उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक....
Read More »वृंदावन चन्द्रोदय मंदिर
दुनिया में अब तक का सबसे विशाल, भव्य और ऊंचा मंदिर वृंदावन में बनाया जा रहा है। भगवान कृष्ण को समर्पित इस मंदिर का नाम चन्द्रोदय मंदिर है।
Read More »आत्मा की स्थिति: चिन्ता से मुक्ति की ओर
क्यों व्यर्थ चिन्ता करते हो ? किससे व्यर्थ डरते हो ? कौन तुम्हे मार सकता है ? आत्मा न पैदा होती है, न मरती है ।जो कुछ हुआ वह अच्छा हुआ, जो...
Read More »श्री राम नाम महिमा
शास्त्रों के अनुसार संसार में 'राम' नाम से बढ़कर कुछ भी नहीं है। इसके हर अक्षर में सुख की प्राप्ति है। 'रा' के उच्चारण करने से सब पाप बाहर.
Read More »श्रीमद्भागवत महापुराण
भगवान का विराट शरीर कैसा हैं? कितना बड़ा हैं?यहाँ तो केवल एक ब्रह्माण्ड की दृष्टि से बताया गया है। ऐसे अनेक ब्रह्माण्ड हैं।तुलसी रामायण में..
Read More »मधुराष्टकम्
अधरं मधुरं वदनं मधुरंनयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।हृदयं मधुरं गमनं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ ॥वचनं मधुरं चरितं मधुरंवसनं मधुरं वलितं मधुरम्..
Read More »कृष्णा और सुदामा का मिलन
तीनो लोको के स्वामी सुधबुद्ध खोकर दौड़े चले जा रहे थे, पीछे पीछे रुक्मिणी, जाम्बवती, सत्यभामा, कालिंदी, मित्रबिन्दा, सत्या, लक्ष्मणा और भद्रा भी पागल सी दौड़ रही है, ये कौन आ गया जिसके लिए प्रभु श्री कृष्ण दौड़ रहे है | मंत्री, सेनापति, द्वारपाल सब जड़ होकर खड़े है, ऊपर ब्रह्मा जी , कैलाशपति, बृहस्पति, देवराज इंद्र, सूर्य, चन्द्र, यम,शनि …
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