रानी अहिल्याबाई होल्कर मराठा साम्राज्य की एक प्रतिष्ठित और आदर्श शासिका थीं, जिन्होंने 18वीं शताब्दी में मालवा क्षेत्र पर शासन किया था। उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौड़ी गाँव में हुआ था। वे होल्कर वंश के मल्हारराव होल्कर की पुत्रवधू और खंडेराव होल्कर की पत्नी थीं। अहिल्याबाई होल्कर का शासन 1767 में अपने पुत्र …
Read More »Gyan Ganga
वह तो एक साधारण सी महिला थी
विनीता के घर के सामने बहुत से लोगों की भीड़ लगी हुई थी ।सब लोग विनीता के दर्शन करने के लिए खड़े थे । विनीता कोई नेता थी नहीं ईश्वर थी नहीं वह तो एक साधारण सी महिला थी । लोग उसे पतिव्रता कहते हैं । लोगों का कहना था कि उसका पति उसे इतना मारता पीटता था पर उसने …
Read More »मुझे माफ़ कर दो
मुझे माफ़ कर दो सुवर्णा अब मैं आ गया हूँ हमेशा के लिए… अब हम सब साथ रहेंगे हमेशा मैं तुम और हमारे बच्चे…हां यही तो चाहती थी मैं कि हम सब साथ रहें, हंसे खेले खाये… बस ये छोटा सा सपना संजोया था मैंने जो कि हर स्त्री संजोती होगी।शादी के सात साल बाद तुमने मुझे और मेरे बच्चों …
Read More »साधना
इस फिल्म में एक गाना था जिसे लोग आज भी गुनगुनाते हुए नजर आते हैं और वो है ‘मुड़ मुड़ के न देख मुड़ मुड़ के’। इस गाने में साधना कोरस गर्ल में नजर आई थीं। कहा जाता है कि इसी गाने की शूटिंग के दौरान साधना और राज कपूर की अनबन हो गई थी। यहां तक कि वह राज …
Read More »शर्म आनी चाहिए
अमेरिका में एक पंद्रह साल का लड़का था, स्टोर से चोरी करता हुआ पकड़ा गया। पकड़े जाने पर गार्ड की गिरफ्त से भागने की कोशिश में स्टोर का एक शेल्फ भी टूट गया।जज ने जुर्म सुना और लड़के से पूछा, “क्या तुमने सचमुच चुराया था ब्रैड और पनीर का पैकेट”?लड़के ने नीचे नज़रें कर के जवाब दिया- जी हाँ।जज :- …
Read More »हम सब ज़िम्मेदार हैं
अमेरिका में एक पंद्रह साल का लड़का था, स्टोर से चोरी करता हुआ पकड़ा गया। पकड़े जाने पर गार्ड की गिरफ्त से भागने की कोशिश में स्टोर का एक शेल्फ भी टूट गया। जज ने जुर्म सुना और लड़के से पूछा, “क्या तुमने सचमुच चुराया था ब्रैड और पनीर का पैकेट”?लड़के ने नीचे नज़रें कर के जवाब दिया- जी हाँ।जज …
Read More »शंकर जयकिशन
“बरसात” के बाद शैलेन्द्र आर के कैंप का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए थे। राज कपूर और शंकर जयकिशन से उनकी करीबी दोस्ती हुई थी। ख़ास कर शंकर से उनकी ज्यादा जमती थी। आर के की श्री 420 के लिए गीतों का काम चल रहा था। शैलेन्द्र ने एक गीत का मुखड़ा लिखा और शंकर को दिखाया, शंकर बोले वाह शैलेंदर …
Read More »तेरी मां मेरी मां नहीं
गाजियाबाद आते आते वो थोड़ा इसलिए परेशान हो गईं क्योंकि उनको जाना था कश्मीरी गेट और बस का आखिरी स्टॉपेज था आनंद विहार। यह बड़ी आम सी बात है कि दिल्ली की भीड़ से हर कोई घबराता है ख़ासकर बुजुर्ग को ज्यादा उलझन होती है।
Read More »प्रख्यात लेखक रामदरश मिश्र
रामदरश मिश्र की गजलों में प्रेम, प्रकृति, शहर, गांव, मनुष्य, घर परिवार, एवं निजी अनुभवों की तमाम यात्राएं शामिल हैं. सामाजिक राजनीतिक जीवन की विडंबनाए भी. धार्मिकता के स्याह चेहरे भी. पर आम आदमी के पक्ष में उनकी आवाज में करुणा नजर आती है. कविताएं रामदरश जी की रचनात्मकता का पुराना ठीहा हैं तो ग़ज़लें उनके कवित्व का नया विस्तार. …
Read More »अजीबोगरीब घटना
पठान बोला, (जो गांव का मुखिया भी था।) भला कब्र से कोई कैसे गायब हो सकता है? चारों ओर ढूंढा गया, आस पास के सब चोरों को पकड़ा गया, ऐसे लोग जो गड़बडिये होते हैं, उन्हें पकड़ा गया लेकिन कुछ पता नहीं चला .तब
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…