बात उस समय की है जब भारत में स्वाधीनता संग्राम चल रहा था। उन दिनों काशी नरेश ने हिंदू समाज की समस्याओं पर एक सम्मेलन बुलाया। उसमें काला कांकर के राजा रामपाल सिंह भी आए। वे एक समाचार पत्र निकालते थे। राजा साहब ने उपस्थित श्रोताओं का मजाक उड़ाते हुए अपना भाषण शुरु किया। एक युवक को यह बात अच्छी …
Read More »Gyan Ganga
इसीलिए ‘क्रोध’ बुद्धि को खा जाता है
एक राजा था। उसे पक्षी पालने का बड़ा शौक था। उसने एक सुंदर चकोर पक्षी को पाला। एक बार की बात है, राजा वन में शिकार के लिए गया। वहां राजा रास्ता भटक गया। उसे बहुत प्यास लगी। राजा को दूर चट्टान से पानी रिसता दिखाई दिया। राजा ने उस रिसते हुए पानी के नीचे एक प्याला रख दिया। चकोर …
Read More »श्रीकृष्ण जी की के सात विशेष विग्रह (Seven special enunciations of Sri Krishna ji)
जय श्री कृष्णा जैसे की हम सब जानते हैं की वृंदावन वह स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अनेकों ही बाललीलाएं की और अनेकों ही राक्षसों का वध भी किया। यहां पर श्रीकृष्ण जी के विश्वप्रसिद्ध मंदिर भी हैं। आज हम आपको ऐसी ही श्रीकृष्ण जी की 7 चमत्कारी प्रतिमाओं के बारे में बताएँगे , जिनका संबंध वृंदावन से है। …
Read More »इस मानचित्र में मेरा बंगला कहां है?
बहुत पुरानी बात है, एक सेठ था दिल का उदार। उसके पास विलासिता की सभी वस्तुएं मौजूद थीं। एक दिन वह संत को अपना बंगला दिखाने लाया। संत अलमस्त थे और सेठ अपने बड़प्पन की डीगें हांकने में व्यस्त था। संत को उसकी हर बात में अहम् ही नजर आता था। संत ने उसकी मैं-मैं की महामारी मिटाने के उद्देश्य …
Read More »इस भाव में केंद्रित है जीत का मनोविज्ञान
बात उस समय की है जब जापान में दो राज्यों के बीच युद्ध चल रहा था। युद्ध अपने चरम पर था। आने वाला कल युद्ध का आखिरी दिन था। ऐसे कठिन समय में जापान के एक राज्य के सेनापति ने अपनी सेना के समस्त सरदारों के साथ बैठक की। बैठक में पक्ष और विपक्ष की शक्ति को लेकर चर्चा हुई। …
Read More »जब क्रोध आए तो कागज फाड़िए
सेना के एक प्रमुख अधिकारी ने अमेरिका के तत्कालीन रक्षा-मंत्री के आर्डर को ठीक से न समझ पाने के कारण कोई भूल कर दी। जब रक्षामंत्री को यह बात पता चली तो वो गुस्से से लाल हो गए। नजदीक ही अब्राहम लिंकन खड़े हुए थे। लिंकन के पूछने पर रक्षामंत्री ने उन्हें विस्तार से पूरी जानकारी दी और लिंकन से …
Read More »एक बरगद के पेड़ की मार्मिक कहानी
बरगद का पेड़ कोcमें पवित्र वृक्ष मना गया है। ऐसा ही एक बरगद का वृक्ष एक गांव में था। स्त्री हों या पुरुष त्योहारों पर उसकी पूजा करते थे। समय बीतता गया और वृक्ष बढ़ता गया। बरगद का वृक्ष बहुत पुराना हो गया तो उसकी डालियां सूखने लगीं और टूटकर बिखरने लगीं। बरगद के वृक्ष की हालत को मद्देनजर ऱखते …
Read More »हम सभी में मौजूद है एक बेकर
बात उन दिनों की है जब अमेरिका में c अपने पूरे चरम पर थी। वहां बेकर नाम का एक दास रहता था। वह लगन, मेहनत से काम करते रहने के कारण स्वामी का विश्वासपात्र व्यक्ति बन गया। एक दिन जब बेकर अपने मालिक के साथ बाजार गया तो उसने देखा कई दास बिकने के लिए खड़े थे। तब उसकी निगाह …
Read More »संत भी न रोक सके चंचल मन की शरारत
एक संत बड़े तपस्वी और बहुत संयमी थे। लोग उनके धैर्य की प्रशंसा करते थे। एक दिन उनके मन में विचार आया कि उन्होंने खान-पान पर तो संयम कर लिया, लेकिन दूध पीना उन्हें बहुत प्रिय था। उसे त्याग करने के बारे में मन बनाया। इस तरह संत ने दूध पीना छोड़ दिया। सभी लोगों को बड़ा आश्चर्य हुआ। उन्होंने …
Read More »विषम परिस्थितियों में प्रभु यीशु के चेहरे पर थी मुस्कान
एक बार शेख फरीद एक गांव में पहुंचे। लोगों ने क्रमशः अपनी-अपनी समस्याएं उनसे कह सुनाईं। एक व्यक्ति ने पूछा, ‘जब प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया तब उनके चेहरे पर खुशी थी। उनके साथ जुल्म किया गया लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। मुझे इस बात पर विश्वास नहीं होता।’ फरीद कुछ देर चुप रहे, फिर उन्होंने एक कच्चा …
Read More »
wish4me Your wish may come true today…