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Bhisham Sahani Achievements

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Life     Work    Media     Publication He has written more than a hundred short stories, compiled in several volumes, most notably Bhagya rekha (1953), Pahla patha (1956), Bhatakti rakha (1966), and Nischar(1983). His short stories reveal a fine sense of craft. Those considered among the masterpieces of Hindi literature include Chief ki davat and Amritsar a gaya hai. He has written …

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Bhisham Sahani Life

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 Achivments    Work    Media     Publication Sahni participated in the freedom struggle, joining the Indian National Congress during the Quit India Movement. When communal riots broke out in Rawalpindi in March 1947, he worked with the Relief Committee. Later he joined the Indian People’s Theatre Association in Bombay and worked as a performing artist under the guidance of Balraj Sahni, his …

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करवा चौथ का महत्त्व, कैसे हुई इस व्रत की शुरुआत

KARVA CHAUTH

करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। महिलाएं करवाचौथ का व्रत बड़ी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ करती हैं। जो अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व खुद के सौभाग्यवती होने की कामना करती हैं। करवा चौथ पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला व्रत है, इस बात को तो सभी जानते हैं। लेकिन हम यहां आपको इस …

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क्या अवतार छोटे बड़े भी होते हैं

क्या अवतार छोटे बड़े भी होते हैं

कहा जाता है कि राम द्वादश कला के पूर्ण अवतार थे और कृष्ण षोड्श कला पूर्ण थे, परशुराम जी चार ही कला के बतलाये जाते हैं। क्या इससे यह सिद्ध नहीं होता, कि राम कृष्ण से छोटे थे और परशुराम जी उन दोनों से भी छोटे थे। इस तरह कलाओं के तारतम्य से एक ही परमात्मा छोटा बड़ा और मंझोला …

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भगवान श्रीब्रह्मा

SHREE BRAHMA JI

महाप्रलय के बाद भगवान नारायण दीर्घ कालतक योगनिद्रा में निमग्र रहे। योगनिद्रा से जगने के बाद उनकी नाभि से एक दिव्य कमल प्रकट हुआ। जिसकी कर्णिकाओंपर स्वयम्भू श्रीब्रह्मा प्रकट हुए। उन्होंने अपने नेत्रों को चारों ओर घुमाकर शून्य में देखा। इस चेष्टा से चारों दिशाओं में उनके चार मुख प्रकट हो गये। जब चारों ओर देखने से उन्हें कुछ भी …

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गलतियों को सुधारने से जीवन आदर्श बनता है

GLTIYO KO SUHARNE KI STORY

एक पिता के दो पुत्र थे। दोनों ही युवा थे। दोनों का दावा था कि वे पिता के ह्दय से आज्ञाकारी थे और पिता भी ऐसा सुनकर काफी प्रसन्न होते थे। एक दिन पिता काफी बीमार हो गए। उन्हें लगा कि उनके शरीर में इतनी भी शक्ति नहीं है कि बगीचे में जाकर रोजमर्रा का काम कर पाएंगे। उन्होंने अपने …

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तो इसलिए पूजनीय है शमी वृक्ष

shamee vrksh

शमी वृक्ष के पूजन को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। लेकिन शमी वृक्ष के पूजन के पीछे एक वजह यह है भी बताते हैं कि महाभारत के युद्ध में पांडवों ने इसी वृक्ष के ऊपर अपने हथियार छुपाए थे जिसके बाद में उन्हें कौरवों से जीत प्राप्त हुई थी। इसी कारण क्षत्रियों में इस पूजन का महत्व ज्यादा है। मान्यता …

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बिल्व वृक्ष का महत्त्व जानकर हैरान हो जाएंगे आप।

bilv vrksh

भगवान शिव से जुड़े होने के कारण बेल के पेड़ या बिल्व वृक्ष का भी काफी धार्मिक महत्त्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव को बिल्वपत्र चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं। मंदिरों और घर के आसपास बेल का पेड़ होना शुभ माना जाता है। बिल्व अथवा बेल विश्व के कई हिस्सों में पाया जाने वाला वृक्ष है। भारत …

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Bhisham Sahani

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Life    Achivments    Work    Media     Publication Bhisham Sahni, born on Aug 08, 1915 at Rawalpindi in present day Pakistan, is a distinguished Hindi fiction writer, playwright, translator, teacher and polyglot. His works reflect his unflinching commitment to India’s pluralist ethos and secular foundations. Tamas (Darkness), his magnum opus, translated into English in 1988, gained worldwide acclaim for its sensitive and …

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