Breaking News

Gyan Ganga

‎शिक्षाप्रद कहानियां- कोध्र पर विजय‬

Kodhr par vijay‬

गोदावरी नदी के तट पर संत एकनाथ बैठे हुए थे। उनके दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते थे। वह जिस गांव में रहते थे, वहां एक चबूतरा था। जहां दिनभर संत विरोधियों का जमघट रहता था। एक दिन वहां एक व्यक्ति आया और तब उन्होंने कहा, तुम संत एकनाथ को नाराज करके दिखाओ। इसके बदले में हम तुम्हें धन …

Read More »

सोमनाथ मंदिर

somanaath-mndir

सोमनाथ एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है।  गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह पर स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। इसे अब तक 17 बार नष्ट किया गया है और …

Read More »

भागीरथी गंगा

Bhaageerathee gngaa

सगर पौत्र अंशुमन के द्वितीय पुत्र दिलीप हुए। दिलीप ने भी गंगावतरण के लिए खूब तप किया। परंतु तपस्या करते-करते वे काल- कवलित हो गए। दिलीप के भगीरथ नाम के पुत्र हुए। जिन्होंने करोड़ों वर्ष तपस्या की और गंगा पृथ्वी पर अवतरित होने को तैयार हो गई। ज्ञान गंगा भी तो कई जन्मों के बाद ही प्राप्त होती है। गंगा …

Read More »

सूर्योदय क्या है?

Sooryoday kyaa hai

सांझ हो रही थी। कहीं पर अंधेरा तो कहीं पर धीरे-घीरे मंद पड़ता प्रकाश दिखाई पड़ रहा था। इसी अंधेरे में एक बरगद का पेड़ भी खड़ा था। तभी पेड़ की कोटर से एक चमकादड़ निकलकर शाखा पर आ बैठा। कुछ देर में एक मैना भी वहीं आकर बैठी और उससे बोली- “भाई चमगादड़! तुमने सुबह का सूरज देखा था? …

Read More »

वैष्णो देवी मंदिर

Vaishno Devi Templ

भारत में हिन्दूओं का पवित्र तीर्थस्थल वैष्णो देवी मंदिर है जो त्रिकुटा हिल्स में कटरा नामक जगह पर 1700 मी. की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर के पिंड एक गुफा में स्थापित है, गुफा की लंबाई 30 मी. और ऊंचाई 1.5 मी. है। लोकप्रिय कथाओं के अनुसार, देवी वैष्णों इस गुफा में छिपी और एक राक्षस का वध कर दिया। …

Read More »

भगवान बुद्ध का ‪उपदेश‬

Bhagavaan buddh kaa ‪upadesh‬

एक बार मगध के व्यापारी को व्यापार में बहुत लाभ हुआ, अपार धन-संपत्ति पाकर उसका मन अहंकार से भर गया। उसके बाद से वह अपने अधीनस्थों से अहंकारपूर्ण व्यवहार करने लगा। व्यापारी का अहंकार इतना प्रबल था कि उसको देखते हुए उसके परिवार वाले भी अहंकार के वशीभूत हो गए। किंतु जब सभी के अहंकार आपस में टकराने लगे तो …

Read More »

आंवले के वृक्ष की उत्पत्ति

Aanvale ke vrikṣ kee utpatti

पूर्वकाल में जब सारा जगत एकार्णव के जल में निमग्न हो गया था। समस्त प्राणी नष्ट हो गये थे, उस समय देवाधिदेव सनातन परमात्मा ब्रह्माजी अविनाशी परब्रह्म का जप करने लगे थे। ब्रह्मा का जप करते-करते उनके आगे श्वास निकला। साथ ही भगवान दर्शन के अनुरागवश उनके नेत्रों से जल निकल आया। प्रेम के आसुओं से परिपूर्ण वह जल की …

Read More »

भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार

Bhagavaan viṣṇau kaa matsy avataar

मत्स्य पुराण में उल्ले‍ख है कि सत्यव्रत नाम के राजा एक दिन कृतमाला नदी में जल से तर्पण कर रहे थे। उस समय उनकी अंजुलि में एक छोटी सी मछली आ गई। सत्यव्रत ने मछली को नदी में डाल दिया तो मछली ने कहा कि इस जल में बड़े जीव-जंतु मुझे खा जाएंगे। यह सुनकर राजा ने मछली को फिर …

Read More »

महाभारत का कारण

Mahaabhaarat kaa kaaraṇa

एक समय राजाधिराज युधिष्ठिर अपने भाइयों सहित श्रीकृष्ण के साथ मयदानव द्वारा बनाई सभा में स्वर्ण सिंहासन पर देवराज इन्द्र के समान विराजमान थे। मयदानव निर्मित भवन में दुर्योधन को जल-स्थल का भान नहीं हुआ और दुर्योधन गिर पड़े। इस पर भीम ने हास्य-व्यंग्य किया जिससे की दुर्योधन ने अपमानित महसूस किया। इस प्रसंग पर लोग कहते हैं कि दुर्योधन …

Read More »

सिद्घिविनायक मंदिर, मुंबई

Siddhivinayak Temple

सिद्घिविनायक गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी की जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं। सिद्धि विनायक की महिमा अपरंपार है, वे भक्तों की मनोकामना को तुरंत पूरा करते हैं। मान्यता है कि ऐसे गणपति बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं और …

Read More »