रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे . और सारे रंग धो कर रंग अपना रंग दे ..कितने ही रंगो से मैने आज तक है रंगा इसे . पर वो सारे फीके निकले तू ही गाढ़ा रंग दे ..रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे . तूने रंगे हैं ज़मीं और आसमां जिस रंग से . बस उसी …
Read More »Gyan Ganga
गोविन्द कबहुं मिले पिया मेरा
गोबिन्द कबहुं मिलै पिया मेरा। चरण-कंवल को हंस-हंस देखू राखूं नैणां नेरा। गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा। निरखणकूं मोहि चाव घणेरो कब देखूं मुख तेरा। गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा। ब्याकुल प्राण धरे नहिं धीरज मिल तूं मीत सबेरा। गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा। मीरा के प्रभु गिरधर नागर ताप तपन बहुतेरा। गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा। wish4me
Read More »अब मुझे राम भरोसा तेरा
अब मुझे राम भरोसा तेरा ॥ गूंजे मधुमय नाम की ध्वनि नाभि के धाम ह्रदय मस्तक कमल में राम राम श्री राम ॥ मुझे भरोसा राम का रहे सदा सब काल दीनबन्धु वह देव है हितकर दीन दयाल ॥ पकड़ शरण अब राम की सुदृढ निश्चय साथ तज कर चिंता मैं फिरूँ पा कर उत्तम नाथ ॥ अब मुझे राम …
Read More »प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर
प्रभु भगत के प्रेम के वश में आ जाते है | भगत के लिए वो कभी अपने सभी नियम भी बदल देते है प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा . अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा .. जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा . उसको गोकुल में …
Read More »खुद तो बाहर ही खड़े रहे
खुद तो बाहर ही खड़े रहे, भीतर भेजा पांचाली को; यतिवर बाबा के चरणों में, जाकर अपना मस्तक रख दो । अर्धरात्रि की बेला में, भीषम की लगी समाधी थी; मन प्रभु चरणों में लगा हुआ, उस जगह न कोई व्याधा थी । कृष्णा ने जाकर सिर रक्खा, चरणों पर भीष्म पितामह के; चरणों पर कौन झुका, देखूँ, बाबा भीषम …
Read More »गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है
श्री राम जय राम जय जय दयालु श्री राम जय राम जय जय कृपालु गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है कि भूलूँ कभी न मैं नाम तेरा निश दिन मैं तो तेरे गीत गाऊं श्री राम जय राम जय जय दयालु श्री राम जय राम जय जय दयालु श्री राम जय राम जय जय कृपालु देहान्तकाले तुम सामने हो मुरली बजाते …
Read More »प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर
प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा . अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा .. जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा . उसको गोकुल में माखन पर सौ सौ बार मचलते देखा .. जिसके चरणकमल कमला के करतल से न निकलते देखा . उसको ब्रज की कुंज गलिन में …
Read More »घूँघट का पट खोल रे
~ घूँघट के पट खोल ~ घूँघट के पट खोल रे, तोहे पिया मिलेंगे । घट घट मै तेरे साईं बसत है, कटुक बचन मत बोल रे । घूँघट के पट खोल रे, तोहे पिया मिलेंगे । धन जोबन का गरब ना कीजे, झूठा इन का मोल । घूँघट के पट खोल रे, तोहे पिया मिलेंगे । जाग यतन से …
Read More »बीत गये दिन
बीत गये दिन भजन बिना रे। भजन बिना रे भजन बिना रे॥ बाल अवस्था खेल गवांयो। जब यौवन तब मान घना रे॥ लाहे कारण मूल गवाँयो। अजहुं न गयी मन की तृष्णा रे॥ कहत कबीर सुनो भई साधो। पार उतर गये संत जना रे॥ wish4me
Read More »हे गोविन्द राखो शरन
हे गोविन्द हे गोपाल हे गोविन्द राखो शरन, अब तो जीवन हारे नीर पिवन हेत गयो सिन्धु के किनारे सिन्धु बीच बसत ग्राह चरण धरि पछारे चार प्रहर युद्ध भयो ले गयो मझधारे नाक कान डूबन लागे कृष्ण को पुकारे द्वारका मे सबद दयो शोर भयो द्वारे शन्ख चक्र गदा पद्म गरूड तजि सिधारे सूर कहे श्याम सुनो शरण हम …
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