जय जय आरती वेणु गोपाला वेणु गोपाला वेणु लोला पाप विदुरा नवनीत चोरा जय जय आरती वेंकटरमणा वेंकटरमणा संकटहरणा सीता राम राधे श्याम जय जय आरती गौरी मनोहर गौरी मनोहर भवानी शंकर साम्ब सदाशिव उमा महेश्वर जय जय आरती राज राजेश्वरि राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि महा सरस्वती महा लक्ष्मी महा काली महा लक्ष्मी जय जय आरती आन्जनेय आन्जनेय हनुमन्ता जय जय …
Read More »Gyan Ganga
आरती – हर हर हर महादेव
हर हर हर महादेव ! सत्य, सनातन, सुंदर, शिव ! सबके स्वामी । अविकारी, अविनाशी, अज, अंतर्यामी ॥१॥ हर हर० आदि अनंत, अनामय, अकल, कलाधारी । अमल, अरूप, अगोचर, अविचल अघहारी ॥२॥ हर हर० ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर, तुम त्रिमूर्तिधारी । कर्ता, भर्ता, धर्ता तुम ही संहारी ॥३॥ हर हर० रक्षक, भक्षक, प्रेरक, तुम औढरदानी । साक्षी, परम अकर्ता कर्ता अभिमानी …
Read More »आरती – जय जगदीश हरे
जय जगदीश हरे प्रभु ! जय जगदीश हरे ! मायातीत, महेश्वर, मन-बच-बुद्धि परे ॥टेक॥ आदि, अनादि, अगोचर, अविचल, अविनाशी । अतुल, अनंत, अनामय, अमित शक्ति-राशी ॥१॥ जय० अमल, अकल, अज, अक्षय, अव्यय, अविकारी । सत-चित-सुखमय, सुंदर, शिव, सत्ताधारी ॥२॥ जय० विधि, हरि, शंकर, गणपति, सूर्य, शक्तिरूपा । विश्व-चराचर तुमही, तुमही जग भूपा ॥३॥ जय० माता-पिता-पितामह-स्वामिसुह्रद भर्ता । विश्वोत्पादक-पालक-रक्षक-संहर्ता ॥४॥ जय० …
Read More »आरती श्री रामायणजी की
आरती श्री रामायणजी की आरती श्री रामायणजी की . कीरति कलित ललित सिय पी की .. गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद . बालमीक बिग्यान बिसारद .. सुक सनकादि सेष और सारद . बरन पवन्सुत कीरति नीकी .. गावत बेद पुरान अष्टदस . छओं सास्त्र सब ग्रंथन को रस .. मुनि जन धन संतन को सरबस . सार अंस सम्म्मत सब ही …
Read More »आरती हनुमानजी की
आरति कीजै हनुमान लला की आरति कीजै हनुमान लला की .दुष्ट दलन रघुनाथ कला की .. जाके बल से गिरिवर काँपेरोग दोष जाके निकट न झाँके .अंजनि पुत्र महा बलदायीसंतन के प्रभु सदा सहायी ..आरति कीजै हनुमान लला की . दे बीड़ा रघुनाथ पठायेलंका जाय सिया सुधि लाये .लंका सौ कोटि समुद्र सी खाईजात पवनसुत बार न लाई ..आरति कीजै …
Read More »आरती कुँज बिहारी की
आरती कुँज बिहारी कीश्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. गले में वैजन्ती माला, मालाबजावे मुरली मधुर बाला, बालाश्रवण में कुण्डल झलकाला, झलकालानन्द के नन्द,श्री आनन्द कन्द,मोहन बॄज चन्दराधिका रमण बिहारी कीश्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. गगन सम अंग कान्ति काली, कालीराधिका चमक रही आली, आलीलसन में ठाड़े वनमाली, वनमालीभ्रमर सी अलक,कस्तूरी तिलक,चन्द्र सी झलकललित छवि श्यामा प्यारी कीश्री गिरिधर …
Read More »ॐ जय जगदीश हरे
Who wrote the famous Om Jai Jagdish hare aarti ? Om Jai Jagdish Hare (Hindi: ॐ जय जगदीश हरे) is one of the most famous Hindu religious song. Which is dedicated to supreme lord Vishnu and is mostly sung in Vishnu temples. Although the religious hymn is a Hindi-language composition, it is widely sung by Hindus. The prayer is sung …
Read More »भागवत भगवान की है आरती
भागवत भगवान की है आरती पापियों को पाप से है तारती ये अमर ग्रन्थ , यह मुक्ति पंथ , है पंचम वेद निराला , नव ज्योति जगाने वाला ! हरि ज्ञान यही , वरदान यही , जग मंगल की है आरती , पापियों को पाप से है तारती ये शांति दीप , पावन पुनीत , पापों को मिटाने वाला , …
Read More »जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी . बोलो जय अम्बे गौरी .. माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को मैया टीको मृगमद को उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको बोलो जय अम्बे गौरी .. कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे मैया रक्ताम्बर साजे रक्त पुष्प गले माला …
Read More »जगजननी जय जय
जगजननी जय! जय! माँ! जगजननी जय! जय! भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय। जगजननी ..तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा। सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥ जगजननी ..आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी। अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥ जगजननी ..अविकारी, अघहारी, अकल कलाधारी। कर्ता विधि, भर्ता हरि, हर संहारकारी॥ जगजननी .. तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया। मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी जाया॥ …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…