पितरों की शांति के लिए भौमवती अमावस्या व्रत श्रेष्ठ पितरों की शांति के लिए किए जाने वाला भौमावती अमावस्या का व्रत धर्म ग्रंथों के अनुसार मंगलवार को आने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या कहा जाता है। भौमवती अमावस्या के समय पितृ तर्पण कार्यो को करने का विशेष विधान शास्त्रों में बताया गया है। अमावस्या को पितरों के निमित पिंडदान और …
Read More »Gyan Ganga
पद्मिनी एकादशी व्रत Padmini Ekadashi Vrat
(Padmini Ekadashi Vrat Katha) पद्मिनी एकादशी (Padmini Ekadasi) भगवान को अति प्रिय है । इस व्रत का विधि पूर्वक पालन करने वाला विष्णु लोक को जाता है । इस व्रत के पालन से व्यक्ति सभी प्रकार के यज्ञों, व्रतों एवं तपस्चर्या का फल प्राप्त कर लेता है। इस व्रत की कथा के अनुसार: श्री कृष्ण कहते हैं त्रेता युग में …
Read More »योगिनी एकादशी व्रत कथा
आषाढ़ कृष्ण एकादशी धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि भगवन, मैंने ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के व्रत का माहात्म्य सुना। अब कृपया आषाढ़ कृष्ण एकादशी की कथा सुनाइए। इसका नाम क्या है? माहात्म्य क्या है? यह भी बताइए। श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे राजन! आषाढ़ कृष्ण एकादशी का नाम योगिनी है। इसके व्रत सेसमस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। यह इस लोक में …
Read More »परमा एकादशी
भगवान विष्णु इस दिन व्रत और दान को उत्तम बताया गया है। परमा एकादशी के बारे में एक कहानी प्रचलित है। सुमेधा नामक एक ब्राह्मण गरीबी में दिन गुजार रहे थे। एक दिन ब्राह्मण के घर कौण्डिल्य ऋषि पधारे। सुमेधा की सेवा से प्रसन्न होकर ऋषि ने परमा एकादशी का व्रत करने के लिए कहा। ऋषि ने ब्राह्मण को यह …
Read More »कर्क संक्रांति
कर्क संक्रांति का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। भगवान सूर्यदेव का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना संक्रांति कहलाता है और जब भगवान सूर्यदेव कर्क राशि में प्रवेश करता है तो इसे कर्क संक्रांति कहते है। कर्क संक्रांति के दिन पूजा, जप, दान का बड़ा ही महत्व है। इस दिन किये गए दान-पुण्य से कई गुना फल …
Read More »jagannath rathayatra
jagannath rathayatra bharat men manae jane vale dharmik mahamahotsavon men sabase pramukh tatha mahattvapoorn mani jati hai. yah rathayatra n keval bharat apitu videshon se ane vale paryatakon ke lie bhi khasi dilachaspi aur akarshan ka kendr banati hai. bhagavanshrikrishn ke avatar ‘jagannath’ ki rathayatra ka puny sau ygyon ke barabar mana jata hai.sagar tat par base puri shahar men hone vali ‘jagannath rathayatra utsav’ ke samay astha ka jo …
Read More »देवशयनी एकादशी व्रत
पद्म पुराण के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘देवशयनी’ एकादशी कहा जाता है। देवशयनी या देवदेवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरूआत मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु सोने चले जाते हैं और कार्तिक माह में जागते हैं। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह आदि नहीं किया जाता। देवशयनी …
Read More »गुरू पूर्णिमा
हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। नारदपुराण के अनुसार यह पर्व आत्मस्वरूप का ज्ञान पाने के अपने कर्तव्य की याद दिलाने वाला और गुरु के प्रति अपनी आस्था जाहिर करने वाला होता है। गुरु पूर्णिमा व्रत विधि (Guru Purnima Vrat …
Read More »कामिका एकादशी
कामिका एकादशी सावन माह के कृ्ष्ण पक्ष की एकादशीको मनाई जाती है. इस एकादशी के दिन भगवान श्री कृ्ष्ण की पूजा करने से फल मिलता है. वही फल गांअ, काशी और अन्य तीर्थ स्थानों में स्नान करने से मिलने वाले फल के समान होता है. इस एकादशी का व्रत करने के लिये प्रात: स्नान करके भगवान श्री विष्णु को भोग लगाना चाहिए. आचमन …
Read More »हरियाली तीज
आज देश भर के उत्तरी क्षेत्र में तीज त्यौहार की धूम है. श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज कहते हैं. उत्तरभारत में यह हरियाली तीज के नाम से भी जानी जाती है. तीज का त्योहार मुख्यत: स्त्रियों का त्योहार है. इस समय जब प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर सी बिछा देती है तो प्रकृति की …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…