रात को बेटा बहू उस कमरे मे गये! साथ मे उनका बेटा भी था! बहू बोली बहुत गंदा हो गया था कमरा! सांस लेने मे मुश्किल हो रही थी!
Read More »Story Katha
गणेश मंत्र
इस मंत्र के जाप से मन को शांति मिलती है आपकी काम के प्रति एकाग्रता बनी रहती है और मन के साथ शरीर भी स्वस्थ बना रहता है।
Read More »मुझे जाने दो
कृपया बिना रोए पढ़ें। यह मैंसेज मेरे दिल को छू गया है।* *अगर पत्नी है तो दुनिया में सब कुछ है। राजा की तरह जीने और आज दुनिया में अपना सिर ऊंचा रखने के लिए अपनी पत्नी का शुक्रिया कीजिए। आपकी सुविधा – असुविधा, आपके बिना कारण के क्रोध को संभालती है। तुम्हारे सुख से सुखी है और तुम्हारे दुःख …
Read More »गंगा नदी
गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है | गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से सात्त्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है | वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन संपूर्ण …
Read More »मैं कौन हूँ
उसने सोचा कि यह व्यक्ति बहुत अमीर लगता है, इससे भीख़ माँगने पर यह मुझे जरूर अच्छे पैसे देगा। वह उस सेठ से भीख़ माँगने लगा।*भिख़ारी को देखकर उस सेठ ने कहा, “तुम हमेशा मांगते ही हो, क्या कभी किसी को कुछ देते भी हो?”भिख़ारी बोला, “साहब मैं तो भिख़ारी हूँ, हमेशा लोगों से मांगता ही रहता हूँ, मेरी इतनी …
Read More »बृहस्पतिवार को बाल ना धोने का रहस्य
हम अक्सर अपने घरो में देखते हैं या सुनते हैं कि जब भी कभी बृहस्पतिवार का दिन होता हैं और उस दिन अगर किसी कारणवश बालों को धोना पड़ जाये तो घर के बड़े जैसे दादी-नानी और मम्मी तुरंत मना कर देते हैं कि बृहस्पतिवार को बाल नहीं धोने चाहिये। आजकल की युवा पीढ़ी पुराने रीती-रिवाज,परम्पराओं को नहीं मानते हैं। …
Read More »कहानी एक बूढ़ी लाचार उदास माँ की
एक आलीशान से बँगले के बड़े से लिविंग रूम मेंवाल पेंटिंग के जैसे शानदार स्मार्ट टी वी दीवार पर टंगा हैऔर लाइव आ रहा है आई पी ऐल का फाइनलरोमांच है कि हर गेंद के साथ बस बढ़ता ही चला जा रहा हैलिपे पुते चेहरों पर तनाव है ख़िझ है और है ग़ुस्सा सा भीतो है कभी कभार राहत भी …
Read More »जय सनातन धर्म और संस्कृति की
कुछ लोग धर्म का मजाक उड़ाते हैं कुछ नास्तिक लोग कहते हैं कि भगवान है ही नहीं सारे ग्रंथ काल्पनिक है जो ब्राह्मणों ने अपने स्वार्थ के लिए लिखें तो “फिर यह क्या है”..! यह बरगद का वह पेड़ है जो 7000 साल से आज तक ऐसा ही है इस पेड़ पर सिर्फ तीन पत्ते आते हैं जबकि बरगद का …
Read More »मॉं -बाप को खाना भी नहीं खिला पाते हैं
हम लोग कानपुर में रहते थे मेरा छोटा बेटा उमेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ हमारे संग रहता था और हमारा बड़ा बेटा बच्चों के साथ सूरत रहता था। कानपुर में ही हमारे पड़ोस में गुप्ता जी सपरिवार रहते थे उनके यहॉं हमारा आना-जाना अच्छा -खासा था।एक दिन मेरे बड़े बेटे का सूरत से फोन आया बोला -मम्मी -पापा …
Read More »सन्यासी की प्रतीक्षा
एक वृद्ध सन्यासी ओंकारेश्वर क्षेत्र में एक गुफा के भीतर तपस्यारत था। शरीर की अवस्था अब ऐसी न थी कि वह यात्राएं कर सकें। सन्यासी का प्रभाव ऐसा था कि जो जंगली पशु सदा हिंसक रहते, वे गुफा के समीप आते ही शांत हो जाते। सन्यासी का सारा समय ध्यान में गुजरता, उसे प्रतीक्षा थी किसी के आगमन की। उसे …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…