महानारायणोपनिषद् में कहा गया है, धर्मों विश्वस्य जगतः प्रतिष्ठा अर्थात् धर्म ही समस्त संसार की प्रतिष्ठा का मूल है। भगवान् श्रीकृष्ण भी कहते हैं कि प्राणों पर संकट भले ही आ जाए, फिर भी धर्म पालन से डिगना नहीं चाहिए। महाभारत युद्ध के दौरान दुर्योधन प्रतिदिन माता गांधारी के पास पहुँचकर विजय की कामना के लिए आशीर्वाद की याचना किया …
Read More »Gyan Ki Baat
मानव में भगवान्
रामचंद्र डोंगरेजी महाराज परम विरक्त व ब्रह्मनिष्ठ संत थे। उन्होंने अपने जीवन में सौ से अधिक कथाएँ सुनाई, पर दक्षिणा में एक पैसा भी स्वीकार नहीं किया। कथा के चढ़ावे के लिए आने वाला तमाम धन वे असहाय व अभावग्रस्तों के लिए भोजन की व्यवस्था और गरीब कन्याओं के विवाह के लिए भेंट कर देते थे। अन्नदान को वे सर्वोपरि …
Read More »तृष्णा के दुष्परिणाम
तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ काशी नरेश राजा विश्वसेन के पुत्र थे। पिता ने सोलह वर्ष की आयु में ही उन्हें सत्ता सौंप दी थी, लेकिन कुछ ही वर्षों में सांसारिक सुखों से उन्हें विरक्ति होने लगी। एक दिन उन्होंने अपने पिताश्री से कहा, ‘मैंने काफी समय तक राजा के रूप में सांसारिक सुख-सुविधाओं का उपभोग किया है, फिर भी सुख के …
Read More »इनाम अकबर बीरबल कहानी
अकबर ने अपने दरबार को सभी के लिए खोल रखा था उसमें चाहे कोई व्यक्ति अपनी फ़रियाद लेकर आये या फिर अपनी प्रतिभा का प्रद्रशन करने आये। एक बार की बात है एक रामदेव नाम का गायक अपने संगीत को अकबर के दरबार में दिखाने की मंशा से राजस्थान से आया। वह अकबर के महल में प्रवेश करने लगा लेकिन …
Read More »ब्रह्मविद्या का ज्ञान
सतयुग में महर्षि दध्यंग आथर्वण अग्रणी ब्रह्मवेत्ता के रूप में विख्यात थे। देव शिरोमणि इंद्र उनकी ख्याति सुनकर एक दिन उनके आश्रम में पहुँचे। इंद्र ने कहा, ‘महर्षि, मेरी मनोकामना पूर्ण करने के लिए मुझे वरदान देने का वचन दें। महर्षि आतिथ्य स्वीकार को बहुत महत्त्व देते थे, अतः उन्होंने वचन देकर उनसे बैठने को कहा। महर्षि ने पूछा, ‘अतिथिवर, …
Read More »जब शिशु माँ के गर्भ में होता है
जब शिशु माँ के गर्भ में होता है तो वहाँ बहुत छोटी सी जगह होती है,शिशु करवट भी नहीं ले सकता ऐसी जगह होती है और रहता कहाँ हैमाँ के मल-मूत्र में लिपटा हुआ रहता है और वो भी उल्टा लटका होता है,मल- मूत्र में लिपटे हुए पूरे नौ महीने हर मनुष्य रहता है, पैसे वाला बनेगा बाद में गरीब …
Read More »जरूरी नहीं कि शिक्षा / महंगे कपड़े मानवता की शिक्षा दे
श्री टी.एन. शेषन जब मुख्य चुनाव आयुक्त थे, तो परिवार के साथ छुट्टीयां बिताने के लिए मसूरी जा रहे थे। परिवार के साथ उत्तर प्रदेश से निकलते हुऐ रास्ते में उन्होंने देखा कि पेड़ों पर गौरैया के कई सुन्दर घोंसले बने हुए हैं। यह देखते ही उनकी पत्नी ने अपने घर की दीवारों को सजाने के लिए गौरैया के दो …
Read More »ऐसे मित्र न चुने जो खुदगर्ज़ हो
एक लड़के के अनेक मित्र थे जिसका उसे बहुत घमंड था जबकि उसके पिता का एक ही मित्र था लेकिन था सच्चा। एक दिन पिता ने बेटे को बोला कि तेरे बहुत सारे दोस्त है उनमें से आज रात तेरे सबसे अच्छे दोस्त की परीक्षा लेते है। बेटा खुशी से तैयार हो गया। रात को 1 बजे वे दोनों, बेटे …
Read More »Don;t waste your energy to prove yourself everytime
चीते की प्रतियोगिता कुत्तों से हो रही थी, लोग तुलना करना चाहते थे कि कौन तेज है?सभी हैरान थे कि चिता अपनी जगह से बाहर ही नही आया,लोगों ने रेस संयोजक से पूछा कि आखिर हुआ क्या?रेस संयोजक ने प्रतिक्रया दी, कृपया इस तस्वीर पर गौर करें।कभी-कभी यह साबित करने की कोशिश करना कि आप सबसे अच्छे हैं “एक अपमान …
Read More »प्राइवेसी (privacy)
विदेश में इतनी दूर आई थी बेटे के पास अकेला रहता था, सोंचा था कि चलो कुछ समय उसके साथ बिताएगी। बेचारे को अच्छा खाना भी तो नसीब नहीं होता होगा हालांकि कभी रितेश ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी परन्तु वो ऐसा सोंचती थी। बड़ी आशाएँ लेकर अमेरिका की धरती पर उतरी थी। बेटा लेने आया पर समय …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…