पुराने समय में तप और मेहनत से ज्ञान प्राप्त करने वालों को श्रमण कहा जाता था। जैन धर्म प्राचीन भारतीय श्रमण परम्परा से ही निकला धर्म है। ऐसे भिक्षु या साधु, जो जैन धर्म के पांच महाव्रतों का पालन करते हों, को ‘जिन’ कहा गया। हिंसा, झूठ, चोरी, ब्रह्मचर्य और सांसारिक चीजों से दूर रहना इन महाव्रतों में शामिल हैं। …
Read More »Tag Archives: mahaaveer
कुण्डलपर में बधाई के नगरी में वीर जन्मे
बजे कुण्डलपर में बधाई, बजे कुण्डलपर में बधाई, बजे कुण्डलपर में बधाई, के नगरी में वीर जन्मे, के नगरी में वीर जन्मे, महावीर जी जागे भाग हैं त्रिशला माँ के, जागे भाग हैं त्रिशला माँ के, के त्रिभवन के नाथ जन्मे,के त्रिभवन के नाथ जन्मे, महावीर जी हो… शुभ घडी जनम की आई, हो… शुभ घडी जनम की आई, हो… …
Read More »ॐ जय महावीर प्रभु स्वामी जय महावीर प्रभु
ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु । कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभु ॥ सिध्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी । बाल ब्रह्मचारी व्रत, पाल्यो तप धारी ॥ आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी । माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति जारी ॥ जग में पाठ अहिंसा आप ही विस्तारयो । हिंसा पाप मिटा कर, सुधर्म परिचारियो ॥ अमर …
Read More »जय जय जय हनुमान गोसाईं कृपा करो महाराज
दोहा: बेगी हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो | कौन से संकट मोर गरीब को जो तुम से नहीं जात है टारो || जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करो महाराज | तन मे तुम्हरे शक्ति विराजे, मन भक्ति से भीना | जो जन तुम्हरी शरण मे आये, दुःख दरद हर लीना | महावीर प्रभु हम दुखियन के …
Read More »मंगल मुरति राम दुलारे आन पड़ा अब तेरे द्वारे
मंगल मुरति राम दुलारे, आन पड़ा अब तेरे द्वारे | हे बजरंगबली हनुमान , हे महावीर करो कल्याण || तीनो लोक तेरा उज्यारा, दुखिओं का तूने काज सावरा | हे जगवंदन, केसरी नंदन , कष्ट हरो हे कृपा निधन || तेरे द्वारे जो भी आया, खली नहीं कोई लोटाया | दुर्गम काज बनावन हारे, मंगलमय दीजो वरदान || तेरा सुमिरन …
Read More »महावीर हनुमान गोसाई हम है तुमरे शरणाई
महावीर हनुमान गोसाई, हम है तुमरे शरणाई। सिंधूर सजीली प्रतिमा, मंदिर में मेरे समाई। एक हाथ गदा तोहे सोहे, एह हाथ गिरिधारी। दर्शन करत मोरी अखियाँ, भक्ति की ज्योति जगाये॥ वानर मुखमंडल प्यारा,दर्शन से मिटे भय सारा। है दिव्य नयन, ज्योतिर्मय, हर ले जीवन अँधियारा। श्री राम नाम की चदरिया, तन पे तुम्हारे लहराई॥ जिसपर कृपा हो तुम्हारी, बन जाये …
Read More »हनुमान जी आप बजरंग बली महावीर
हनुमान जी आप बजरंग बली महावीर ||टेर|| भक्तजनों का काज सारिया, जब जब पडी भक्तों पर भीर ||1|| चारों जुगां मेँ विचरण करता, आपरो अजर अमर शरीर ||2|| संजीवनी कारण धौलागिरी धर लायो, जब लाग्यो लक्षमण रे तीर ||3|| कर कमल में गदा धारी, जडीया मोती नवलख हीर ||4|| मंगल शनि तो दिन आपरे, तेल सिँदूर शोभे शरीर ||5|| माता …
Read More »