वारिस बनते हैं लड़कियां नहीं। जहां पर भी कृतिका और अमृता के पापा आज है वहीं से देखकर गर्व से उनका सीना चौड़ा हो रहा होगा यह सोच कर कि "मेरे बाद मेरी बेटियों ने हमारा नाम ऊंचा रखा है, जीवित रखा।"
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मूर्तिकार की कल्पना
मूर्तिकार की कल्पना, उंगलियों की जादूगरी, छेनी की हजारों चोट और रेती की घिसाई। और इस तरह महीनों की तपस्या के बाद वह मूर्ति उभरती है, जिसमें देवता निवास करते हैं। पर मूर्ति से देवता होने की प्रक्रिया भी इतनी सहज कहाँ… सोच कर देखिये, पूरा संसार बड़े बड़े पत्थरों, पहाड़ों से भरा हुआ है। बड़े बड़े पहाड़ तोड़ कर …
Read More »अकवन को हिंदी में मदार कहते हैं
यह पौधा अपने आप ही कहीं पर भी उग जाता है हालांकि यह पौधा अपने आप में औषधीय गुणों से लबरेज है। मदार का वैज्ञानिक नाम कैलोत्रोपिस गिगंटी है।
Read More »सास बहु और ठाकुर जी
सासु माँ ने विचार किया के ठाकुर जी की सेवा का कार्य अब बहु को देना पड़ेगा लेकिन बहु को तो कोई अक्कल है ही नहीँ के ठाकुर जी की सेवा कैसे करनी हैँ।
Read More »रामायण के सभी पात्र और उनका परिचय
रामायण एक ऐसा ग्रन्थ है जो सदियो से मानव का मार्ग दर्शन कर रहा है । उसका हर एक पात्र अपने आप मे एक शिक्षा देता है | आपन उन किरदार के बारें में कितना ज्ञान रखते है | आपको सभी किरदार के बारें में बताते है, अगर कोई किरदार का नाम यहां पर नहीं है कृपा करके हमें बताये, हम उनका नाम और जानकारी भी दाल देंगे.
Read More »विभिन्न प्रकार के नमक
खाना पकाने के लिए विभिन्न प्रकार के नमक के लिए एक मार्गदर्शिकाभोजन को पकाने और संरक्षित करने के लिए नमक एक आवश्यक घटक है, और खाना पकाने के लिए आप जिस प्रकार के नमक का उपयोग करते हैं, वह आपके भोजन के स्वाद और बनावट पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। निम्नलिखित मार्गदर्शिका आपको यह चुनने में मदद करेगी कि …
Read More »मेरे प्राण माँग लो, लेकिन मोबाइल नम्बर नहीं दूँगा
मोबाइल नम्बर के दुरुपयोग अपनी Privacy को समझिये और cyber crime से बचने के लिये ज़रूर पढ़े। एक भाई शर्ट खरीदने के लिये एक प्रतिष्ठित शो रूम के लिए गाड़ी से जा रहा था कि फोन की घण्टी बज उठी,“सर, महावीर होटल से बोल रहे हैं, हमारे यहाँ गुजराती-फ़ूड-फेस्टिवल चल रहा है।पिछली बार भी आप आये थे। आप विजिटर बुक …
Read More »ओम जयंती मंगला काली, भद्रकाली कपालिनी।
ओम जयंती मंगला काली, भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिव धात्री, स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते॥ ओम जयंती मंगला काली, भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिव धात्री, स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते॥
Read More »पुरुषोतम मास /अधिक मास माहात्म्य अध्याय– 20
सूतजी बोले :- हे विप्रो! नारायण के मुख से राजा दृढ़धन्वा के पूर्वजन्म का वृत्तान्त श्रवणकर अत्यन्त तृप्ति न होने के कारण नारद मुनि ने श्रीनारायण से पूछा ॥ १ ॥ नारद जी बोले – हे तपोधन! महाराज दृढ़धन्वा ने मुनिश्रेष्ठ बाल्मीकि जी से क्या कहा? सो विस्तार सहित विनीत मुझको कहिये ॥ नारायण बोले – हे नारद! सुनिये। राजा दृढ़धन्वा ने महाप्राज्ञ …
Read More »पुरुषोतम मास/अधिक मास माहात्म्य अध्याय– 19
श्रीसूत जी बोले – हे तपस्वियो! इस प्रकार कहते हुए प्राचीन मुनि नारायण को मुनिश्रेष्ठ नारद मुनि ने मधुर वचनों से प्रसन्न करके कहा ॥ हे ब्रह्मन्!तपोनिधि सुदेव ब्राह्मण को प्रसन्न विष्णु भगवान् ने क्या उत्तर दिया सो हे तपोनिधे! मेरे को कहिये ॥ श्रीनारायण बोले – इस प्रकार महात्मा सुदेव ब्राह्मण ने विष्णु भगवान् से कहा। बाद भक्तवत्सल विष्णु भगवान् ने …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…