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रोमक कबूतर की कथा – जातक कथा !!

हिमालय पर्वत की किसी कंदरा में कभी रोमक नाम का एक कपोत रहता था। शीलवान्, गुणवान् और अतिमान वह सैकडों कपोतों का राजा भी था। उस पहाड़ के निकट ही एक सँयासी की कुटिया थी। रोमक प्राय: उस सँयासी के पास जाता और उसके प्रवचन का आनन्द उठाया करता था। एक दिन वह सँयासी अपनी उस कुटिया को छोड़ किसी दूसरी …

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टिटिहरी का जोडा़ और समुद्र का अभिमान!!

समुद्रतट के एक भाग में एक टिटिहरी का जोडा़ रहता था । अंडे देने से पहले टिटिहरी ने अपने पति को किसी सुरक्षित प्रदेश की खोज करने के लिये कहा । टिटिहरे ने कहा – “यहां सभी स्थान पर्याप्त सुरक्षित हैं, तू चिन्ता न कर ।”टिटिहरी – “समुद्र में जब ज्वार आता है तो उसकी लहरें मतवाले हाथी को भी …

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सबकी सोच एक जैसी – अकबर और बीरबल की कहानियाँ!!

दरबार की कार्यवाही चल रही थी। सभी दरबारी एक ऐसे प्रश्न पर विचार कर रहे थे जो राज-काज चलाने की दृष्टि से बेहद अहम न था। सभी एक-एक कर अपनी राय दे रहे थे।  बादशाह दरबार में बैठे यह महसूस कर रहे थे कि सबकी राय अलग है। उन्हें आश्चर्य हुआ कि सभी एक जैसे क्यों नहीं सोचते! तब बादशाह …

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रस्सी की गांठ बुद्ध कथा!!

ये कहकर वे रस्सी के दोनों छोरों को पकड़ कर खींचने लगे। शिष्य ने उन्हें रोकते हुए कहा, “तथागत! ये आप क्या कर रहे हैं। इस तरह तो खुलने के बजाय गांठे और कस जायेंगी। तब इन्हें खोलना और कठिन हो जायेगा।” “तो तुम ही बताओ कि इस रस्सी की गांठों को कैसे खोला जाये?” बुद्ध ने पूछा। महात्मा बुद्ध …

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दो सिर वाला पक्षी!!

एक तालाब में भारण्ड नाम का एक विचित्र पक्षी रहता था । इसके मुख दो थे, किन्तु पेट एक ही था । एक दिन समुद्र के किनारे घूमते हुए उसे एक अमृतसमान मधुर फल मिला । यह फल समुद्र की लहरों ने किनारे पर फैंक दिया था । उसे खाते हुए एक मुख बोला—“ओः, कितना मीठा है यह फल ! …

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ब्राह्मण का सपना!!

एक नगर में कोई कंजूस ब्राह्मण रहता था । उसने भिक्षा से प्राप्त सत्तुओं में से थोडे़ से खाकर शेष से एक घड़ा भर लिया था । उस घड़े को उसने रस्सी से बांधकर खूंटी पर लटका दिया और उसके नीचे पास ही खटिया डालकर उसपर लेटे-लेटे विचित्र सपने लेने लगा, और कल्पना के हवाई घोड़े दौड़ाने लगा ।उसने सोचा …

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शहरयार और शाहजमाँ की कहानी – प्रारम्भ की कहानी – अलिफ़ लैला!!

फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा को प्रिय था। उस बादशाह के दो बेटे थे जिनमें बड़े लड़के का नाम शहरयार और छोटे लड़के का नाम शाहजमाँ था। दोनों राजकुमार गुणवान, वीर धीर और शीलवान थे। जब बादशाह …

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काले द्वीपों के बादशाह की कहानी ~ अलिफ लैला!!

उस जवान ने अपना वृत्तांत कहना आरंभ किया। उसने कहा ‘मेरे पिता का नाम महमूद शाह था। वह काले द्वीपों का अधिपति था, वे काले द्वीप चार विख्यात पर्वत हैं। उसकी राजधानी उसी स्थान पर थी जहाँ वह रंगीन मछलियों वाला तालाब है। मैं आपको ब्योरेवार सारी कहानी बता रहा हूँ जिससे आपको सारा हाल मालूम हो जाएगा। जब मेरा …

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अच्छाई की राह पर चलना

EK BAHUT HI ACHHI BAAT JARUR PADE मैंने ट्रेन के दरवाजे के पीछे लिखे नंबर पर कॉल लगाया,,,”आप रेनू जी बोल रहीं है”डरी ओर सहमी सी आवाज में रिप्लाई आया “जी हां, लेकिन आप कौन ओर आपको मेरा ये नंबर कहा से मिला””दरअसल वो ट्रेन,,,, दरअसल वो ट्रेन के डिब्बे में किसी ने आपका नंबर आपके नाम से लिख रखा …

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पाँच सौ रुपये कम पड गऎ, वरना

रौबीला चेहरा घुमावदार बड़ी बड़ी मूंछे ……आँखों में जबरदस्त चमक …हाथों में दोनाली बंदूक और पैरो के पास पड़ा हुआ कम से कम दस फूट का बब्बर शेर…पेंटिंग्स की दुकान में तस्वीरें देखते देखते बाबूलाल अचानक इस तस्वीर के सामने रुक गए थे और एकटक देख रहे थे उसे …तस्बीर ने जैसे बाबूलाल को जकड़ सा लिया था …5000 /-रु. …

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