ऋषि-मुनियों, संत-महात्माओं तथा भक्तों ने भगवान् से अपने अवगुणों को अनदेखा कर शरण में लेने की प्रार्थना की है। संत कवि सूरदास ‘प्रभु मेरे अवगुण चित न धरो’ पंक्तियों में विनयशीलता का परिचय देते हुए शरणागत करने की प्रार्थना करते हैं, तो तुलसीदास रामजी से पूछते हैं, ‘काहे को हरि मोहि बिसारो। संत पुरंदरदास खुद को दुर्गुणों का दास बताते …
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मोक्ष के उपाय
प्रत्येक प्राणी किसी-न-किसी रूप में हर क्षण खुश रहने की आकांक्षा रखता है। वह किसी ऐसे अमृतरूपी अमोघ साधन की खोज में लगा रहता है, जो उसे सुखी-समृद्ध व स्वस्थ रखे। वेदों में वायु, जल, अन्न, औषधि, विद्या, सत्य, विज्ञान, पवित्रता, सौंदर्य, कांति आदि को आत्मा-परमात्मा का नाम बताया गया है। इन सबके सदुपयोग से व्यक्ति अमर हो जाता है। …
Read More »सत्य और सुख
खलील जिब्रान से किसी ने पूछा, ‘आज दानवता, हिंसा और अनैतिकता का बोलबाला क्यों हो रहा है? जिब्रान ने उसे बताया, ‘ईश्वर ने जब आदमी को दुनिया में भेजा, तो उसके दोनों हाथों में एक-एक घड़ा थमा दिया था। परमात्मा ने उससे कहा, एक घड़े में सत्य भरा है, जिसका पालन कल्याणकारी होगा। दूसरे घड़े में सुख है, जो विषय-वासना …
Read More »बहुत ज़रूरी होती शिक्षा
बहुत ज़रूरी होती शिक्षा,सारे अवगुण धोती शिक्षा.चाहे जितना पढ़ लें हम पर,कभी न पूरी होती शिक्षा.शिक्षा पाकर ही बनते हैं,नेता, अफ़सर शिक्षक.वैज्ञानिक, यंत्री व्यापारी,या साधारण रक्षक.कर्तव्यों का बोध कराती,अधिकारों का ज्ञान.शिक्षा से ही मिल सकता है,सर्वोपरि सम्मान.बुद्धिहीन को बुद्धि देती,अज्ञानी को ज्ञान.शिक्षा से ही बन सकता है,भारत देश महान. Education was very Important Education was very importantEducation washes away all …
Read More »घर आये मेहमान
राहुल अपनी पत्नी सीमा और अपनी माँ के साथ रहता था। गर्मियों की छुट्टी में राहुल की बुआ, फूफा अपने लड़के सोनू के साथ उनके घर रहने आये। घर आते ही फूफा जी राहुल से बोले की यहाँ तो बहुत गर्मी है। घर में कोई AC नहीं है क्या? राहुल की माँ ने बोला भाईसाहब अभी कुछ दिन पहले ही …
Read More »मेहनत का फल
एक गांव में दो मित्र नकुल और सोहन रहते थे। नकुल बहुत धार्मिक था और भगवान को बहुत मानता था। जबकि सोहन बहुत मेहनती थी। एक बार दोनों ने मिलकर एक बीघा जमीन खरीदी। जिससे वह बहुत फ़सल ऊगा कर अपना घर बनाना चाहते थे। सोहन तो खेत में बहुत मेहनत करता लेकिन नकुल कुछ काम नहीं करता बल्कि मंदिर …
Read More »दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम
दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम ‘एक’ सेठ जी भगवान “कृष्ण” जी के परम भक्त थे। निरंतर उनका जाप और सदैव उनको अपने दिल में बसाए रखते थे।* *वो रोज स्वादिष्ट पकवान बना कर कृष्ण जी के मंदिर मे जाते थे अपने कान्हा जी को भोग लगाने। घर से तो सेठ जी निकलते पर रास्तें में ही …
Read More »केले का पत्ता यानी द्वैत में अद्वैत
केले का पत्ता यानी द्वैत में अद्वैत जब रावण की सेना को हरा कर और सीता जी को लेकर श्री राम चन्द्र जी वापस अयोध्या पहुंचे – तो वहां उन सब के लौटने की ख़ुशी में एक बड़े भोज का आयोजन हुआ | वानर सेना के सभी लोग भी आमंत्रित थे – लेकिन बेचारे सब ठहरे वानर ही न ? …
Read More »सुदामा और श्रीकृष्ण
सुदामा ने एक बार श्रीकृष्ण से पूछा कान्हा, मैं आपकी माया के दर्शन करना चाहता हूं… कैसी होती है?”**********श्री कृष्ण ने टालना चाहा, लेकिन सुदामा की जिद पर श्री कृष्ण ने कहा, “अच्छा, कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा। और फिर एक दिन कृष्ण कहने लगे… सुदामा, आओ, गोमती में स्नान करने चलें| दोनों गोमती के तट पर गए। वस्त्र उतारे| …
Read More »बेरोजगारी का कारण
बेरोजगारी* काकारण क्या है नीचे पढ़िये*एक लड़का मेरे पास आया और बोला- भैया मैं बेरोजगार हूँ, कहीं नौकरी नहीं मिल रही है, बहुत परेशान हूँ। आप ही बताइये मोदी जी ने कहा था कि हर साल लाखों युवाओं को रोजगार दूँगा, सात साल होने को जा रहे है, कुछ भी नहीं मिला।*मैंने उससे कुछ प्रश्न पूछे और सारे प्रश्नों का …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…