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दिल को दुनिया से न लगाएं

do-not-touch-the-heart-with-the-world

जैसे जैसे मेरी उम्र में वृद्धि होती गई, मुझे समझ आती गई कि अगर मैं Rs.300 की घड़ी पहनू या Rs.30000 की दोनों समय एक जैसा ही बताएंगी.. मेरे पास  Rs.300 का बैग हो या Rs.3000 का  इसके अंदर के सामान  मे कोई परिवर्तन नहीं होंगा। मैं 100 गज के मकान में रहूं या 3000 गज के मकान में तन्हाई का …

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अहंकार

The high thinking of the saint changed the life of a boy.

एक नगर में एक जुलाहा रहता था। वह स्वाभाव से अत्यंत शांत, नम्र तथा वफादार था।उसे क्रोध तो कभी आता ही नहीं था। एक बार कुछ लड़कों को शरारत सूझी। वे सब उस जुलाहे के पास यह सोचकर पहुँचे कि देखें इसे गुस्सा कैसे नहीं आता ? उन में एक लड़का धनवान माता-पिता का पुत्र था। वहाँ पहुँचकर वह बोला …

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चाहे दुःख हो या सुख हिसाब तो सबको देने ही होते हैं

whether-it-is-sorrow-or-happiness-then-everyone-has-to-give

एक सेठ जी बहुत ही दयालु थे । धर्म-कर्म में यकीन करते थे । उनके पास जो भी व्यक्ति उधार मांगने आता, वे उसे मना नहीं करते थे । सेठ जी मुनीम को बुलाते और जो उधार मांगने वाला व्यक्ति होता उससे पूछते कि भाई ! तुम उधार कब लौटाओगे ? इस जन्म में या फिर अगले जन्म में  जो …

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संसार में किस तरह के इन्सान को मुक्ति मिलती है

what-kind-of-person-gets-freedom-in-the-world

एक महात्मा था, उनके एक शिष्य ने सवाल किया कि संसार में किस तरह के इन्सान को मुक्ति मिलती है ? महात्मा अपने शिष्य को तेज बहाव की नदी पर लेकर गये और जाल डालकर मछलियों को पकडने के लिए कहा। शिष्य ने नदी में जाल फेंका और कुछ मछलियाँ जाल में फंस गई।फिर महात्मा ने शिष्य से सवाल किया …

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गोरा राम, काला राम

There were 2 disciples of a Guru

एक समय की बात है एक गुरु के २ शिष्य थे एक का नाम (गोरा राम) और दूसरे का नाम (काला राम) था, गुरु जी का ज्यादा लगाव (काले राम) के साथ था और गुरु जी उसको ज्यादा अहमियत देते थे, एक दिन एक शख्स ने उनसे से पूछा गुरु जी आप (गोरे) से ज्यादा (काले) को तवज्जो क्यूँ देते …

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भगवान विष्णु के दस अवतार

ten-incarnations-of-lord-vishnu

राम अवतार श्रीहरि के जय–विजय नाम के दो द्वारपाल थे। वे सनकादि ब्रह्मर्षियों के शाप से घोर निशाचर कुल में पैदा हुए। उनके नाम रावण और कुम्भकर्ण थे। उनके अत्याचारों से पृथ्वी कांप उठी। वह पाप के भार को सह न सकी। अन्त में वह ब्रह्मादि देवताओं के साथ भगवान की शरण में गयी। देवताओं की प्रार्थना से परब्रह्म परमात्मा …

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समुद्र मंथन से निकले थे चौदह रत्न

fourteen-gemstones-from-sea-churn

समुद्र मंथन से निकले थे चौदह रत्न, इनमें छिपी है हमारी जीवन पद्धति।पढ़े कौन कौन से हैं चौदह रत्न? मान्यता के अनुसार, धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा की जाती है। समुद्र मंथन से धन्वतंरि के साथ अन्य रत्न भी निकले थे। आज हम आपको समुद्र मंथन …

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अच्छे अच्छे महलों मे भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है

even-in-good-palaces-pigeons-make-their-nest-one-day

सेठ घनश्याम के दो पुत्रों में जायदाद और ज़मीन का बँटवारा चल रहा था और एक चार पट्टी के कमरे को लेकर विवाद गहराता जा रहा था , एक दिन दोनो भाई मरने मारने पर उतारू हो चले , तो पिता जी बहुत जोर से हँसे। पिताजी को हँसता देखकर दोनो भाई लड़ाई को भूल गये, और पिताजी से हँसी …

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अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते है

you-can-write-your-own-destiny-on-the-strength-of-your-self-confidence-and-hard-work

बाहर बारिश हो रही थी और अन्दर क्लास चल रही थी, तभी टीचर ने बच्चों से पूछा कि अगर तुम सभी को 100-100 रुपये दिए जाए तो तुम सब क्या क्या खरीदोगे ?.किसी ने कहा कि मैं वीडियो गेम खरीदुंगा, किसी ने कहा मैं क्रिकेट का बेट खरीदुंगा, किसी ने कहा कि मैं अपने लिए प्यारी सी गुड़िया खरीदुंगी,.तो किसी …

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चार आने का हिसाब एक शिक्षाप्रद कहानी

king of Chandanpur was a great prince

बहुत समय पहले की बात है , चंदनपुर का राजा बड़ा प्रतापी था , दूर–दूर तक उसकी समृद्धि की चर्चाएं होती थी, उसके.. महल में हर एक सुख–सुविधा की वस्तु उपलब्ध थी पर फिर भी अंदर से उसका मन अशांत रहता था। बहुत से विद्वानो से मिला, किसी से कोई हल प्राप्त नहीं हुआ.. उसे शांति नहीं मिली। एक दिन …

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