एक सेठ के पास अपार धन-संपत्ति थी, किंतु फिर भी उसके मन को शांति न थी। एक दिन किसी व्यक्ति ने बताया कि अमुक नगर में एक साधु रहता है। वह लोगों को ऐसी सिद्धि देता है, जिससे मनचाही वस्तु प्राप्त हो जाती है। सेठ उस साधु के पास के पास जाकर बोला, ‘महाराज मेरे पास बहुत पैसा है, लेकिन …
Read More »Gyan Ganga
ताकि मैं उन दिनों को न भूल जाऊं
हेनरी फोर्ड संसार के अग्रणी उद्योगपति थे। उन्होंने अमेरिका में फोर्ड मोटर कंपनी की स्थापना की। उनके नाम पर बनाई गई फोर्ड मोटर ने हर जगह नाम कमाया। एक भारतीय उद्योगपति ने मोटर का कारखाना लगाने से पहले हेनरी फोर्ड से भेंट करने निश्चय किया।अमेरिका पहुंचकर उसने हेनरी फोर्ड को फोन किया और मिलने की इच्छा व्यक्त की। फोर्ड ने …
Read More »मनुष्य कर्म से बनता है महान
स्वामी दयानंद का घर तब फर्रुखाबाद में था। एक दिन एक व्यक्ति एक थाली में दाल-भात परोसकर ले आया। वह व्यक्ति घर-गृहस्थीवाला था और मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट भरता था। उच्च कुल का नहीं होने के बावजूद स्वामीजी ने जब उसके हाथ का अन्न ग्रहण किया, तो ब्राह्मणों को बुरा लगा। नाराज होकर वे स्वामी …
Read More »शिकारी आएगा जाल बिछाएगा पर हम नहीं जाएंगे
एक बार एक साधु ने अपनी कुटिया में कुछ तोते पाल रखे थे। सभी तोते अपनी सुरक्षा के लिए एक गीत गाते थे। गीत कुछ इस तरह था कि ‘शिकारी आएगा जाल बिछाएगा पर हम नहीं जाएंगे’ एक दिन साधु भिक्षा मांगने के लिए पास के एक गांव में गए। इसी बीच एक बहेलिया ने देखा एक पेड़ पर तोते …
Read More »सही कहते हैं कि सत्य बोलने वाले के पास हिम्मत होती है
स्वामी विवेकानंद एक दिन कक्षा में मित्रों को कहानी सुना रहे थे। सभी इतने खोए हुए थे कि उन्हें पता ही नहीं चला कि कब मास्टरजी कक्षा में आए और पढ़ाना शुरू कर दिया। मास्टरजी को कुछ आवाज सुनाई दी। कौन बात कर रहा है? सभी ने स्वामी जी और उनके साथ बैठे छात्रों की तरफ इशारा कर दिया। मास्टरजी …
Read More »राजा भोज के राज्य में जब जटाधारी संत ने किया ‘स्वांग’
एक बहुरूपिए ने राजा भोज के दरबार में आकर राजा से पांच रुपए की याजना की। तब राजा ने कहा कि वे कलाकारों को पुरस्कार दे सकते हैं, दान नहीं। बहुरूपिए ने स्वांग प्रदर्शन के लि तीन दिन की मोहलत दी। अगले दिन नगर के बाहर टीले पर एक जटाधारी साधू दिखाई दिया। जो शांत बैठा था जिसके आस-पास चरवाहे …
Read More »कर्म तेरे अच्छे होगें तो भगवान भी तेरा साथ देगें
एक बार देवर्षि नारद अपने शिष्य तुम्बुरु के साथ कही जा रहे थे। गर्मियों के दिन थे एक प्याऊ से उन्होंने पानी पिया और पीपल के पेड़ की छाया में बैठे ही थे कि अचानक एक कसाई वहां से 25-30 बकरों को लेकर गुजरा उसमे से एक बकरा एक दुकान पर चढ़कर घांस खाने के लिए दौड़ पड़ा। दुकान शहर …
Read More »तो स्वामी विवेकानंद इनके पुत्र बनने को थे तैयार
एक विदेशी महिला स्वामी विवेकानंद के समीप आकर बोली मैं आपसे शादी करना चाहती हूं। विवेकानंद बोले क्यों?मुझसे क्यों ? क्या आप जानती नहीं कि मैं एक सन्यासी हूं?औरत बोली मैं आपके जैसा ही गौरवशाली, सुशील और तेजोमयी पुत्र चाहती हूं और वो वह तब ही संभव होगा। जब आप मुझसे विवाह करेंगे। विवेकानंद बोले हमारी शादी तो संभव नहीं …
Read More »शंकर की आधी प्रतिमा पुरुष की है और आधी स्त्री की – अर्धनारीश्वर
शंकर की आधी प्रतिमा पुरुष की है और आधी स्त्री की – अर्धनारीश्वर – यह तो अनूठी घटना है। लेकिन जो जीवन के परम रहस्य में जाना चाहते है, उन्हें शिव के इस रूप को समझना पड़ेगा। अर्धनारीश्वर का अर्थ यह हुआ कि आपका ही आधा व्यक्तित्व आपकी पत्नी और आपका ही आधा व्यक्तित्व आपका पति हो जाता है। आपकी …
Read More »ताकि ठोकर न लगे, और न कोई गिरे
एक गांव में विद्यार्थियों की टोली रोज दूसरे गांव की पाठशाला में जाती और साथ लौट आती। एक दिन वापिस लौटते समय उन्हें लगा कि उनमें से एक विद्यार्थी कम है। खोजने पर पता चला कि वह विद्यार्थी पीछे रह गया। सभी उसके पास पहुंचे। एक विद्यार्थी ने पूछा, ‘तुम पीछे क्यों रुक गए हो?’ उस विद्यार्थी ने वहीं से …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…