एक दिन मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) शाम की प्रार्थना सभा में बोलते-बोलते बहुत परेशान हो गए। उन्होंने कहा, जो गलती मुझसे हुई है, वह असाधारण और अक्षम्य है। कई बरस पहले मुझे इसका पता लगा, पर तभी मैंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस कारण से कई वर्ष नष्ट हो गए। मुझसे बहुत बड़ा पाप हो गया है। दरिद्रनारायण की …
Read More »Gyan Ganga
महात्मा गांधी जब साइकिल से पहुंचे सभास्थल
महात्मा गांधी समय के बड़े पाबंद थे। एक बार उन्हें एक सभा में भाषण देने का निमंत्रण मिला। निमंत्रण देने वाले सज्जन ने ठीक साढ़े तीन बजे गांधी जी को लेने के लिए आने का वादा किया। अगले दिन अपनी आदत के अनुसार गांधी जी ठीक साढ़े तीन बजे तैयार हो गए, पर कोई उन्हें लेने के लिए नहीं आया। …
Read More »ऐसा करेंगे तो असंभव केवल एक शब्द रह जाएगा
ब्रिटेन में एक डॉक्टर थे ‘रॉजर बैनिस्टर’। उन्हें जब भी समय मिलता, तब वह दौड़ने का अभ्यास करने में जुट जाते। दिलचस्प बात यह थी कि उन दिनों तक कोई भी तेज धावक एक मील की दौड़ चार मिनट से कम में पूरी नहीं कर पाया था। यह बात जब रॉजर ने अपने दोस्त से सुनी तो उन्होंने कहा, लेकिन …
Read More »रामनाम और महात्मा गांधी
राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ निवासी बालूराम अढ़तिया रामनाम के आढ़ती के नाम से विख्यात थे। वे अपने साथ एक बही रखते और किसी भी प्रमुख व्यक्ति के पास पहुंचकर उनसे प्रार्थना करते कि आप इस बही में अपने हाथ से लिखें कि भगवान के इतने हजार नामों का जप प्रतिदिन किया करेंगे। एक बार गांधीजी मुंबई आए हुए थे। आढ़तिया भाई …
Read More »उस मनहूस चेहरे में छिपा था एक राज
मशहूर होने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते लेकिन एक व्यक्ति इस बात के लिए मशहूर था कि, ‘उसका चेहरा मनहूस था।’ यह किस्सा काफी पुराना है। हुआ यूं कि उस व्यक्ति की शिकायत लोगों ने राजा से कर दी। लेकिन, लोगों की बातों पर राजा को विश्वास नहीं हुआ। तब राजा ने स्वंय ही उस व्यक्ति के चेहरे …
Read More »बापू ने बताया दान और व्यापार का महत्व
एक दिन एक व्यक्ति महात्मा गांधी के पास आकर अपना दुःख सुनाने लगा। उसने गांधी जी से कहा कि बापू, यह दुनिया बड़ी बेईमान है। आप तो यह अच्छी तरह से जानते हैं कि मैनें पचास हजार रुपए दान देकर धर्मशाला बनवाई थी। पर अब उन लोगों ने मुझे ही उसकी प्रबंध समिति से हटा दिया है। धर्मशाला नहीं थी …
Read More »ऐसे पाएं प्रपंचों से मुक्ति
महान संत गोरखनाथ ने घोर तपस्या के बल पर अनेक सिद्धियां प्राप्त की थीं। वह चाहते थे कि यह सिद्धियां किसी सुयोग्य संत को ही दी जाएं। एक दिन गोरखनाथ जी काशी में गंगा नदी के किनारे बैठे हुए थे। उन्होंने वहां एक दंडी संन्यासी को गंगा में अपना दंड प्रवाहित करते हुए देखा। गोरखनाथ जी उनके पास पहुंचे। और …
Read More »चाणक्य कहते हैं, इन चीज़ों को करने के बाद जरुर स्नान करें
चाणक्य कहते हैं कि संभोग के बाद बिना स्नान किये घर से बहार नहीं निकलना चाहिए। यह साफ-सफाई और अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है। चाणक्य कहते हैं, इन चीज़ों को करने के बाद जरुर स्नान करें हमारे प्राचीन शास्त्रों में बताया गया है कि रोज़ स्नान करने से शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है साथ ही मांसपेशियों पर …
Read More »ऐसे कीजिए अच्छे और बुरे की पहचान
गुरु द्रोणाचार्य ने शिक्षा पूरी होने पर कौरव और पांडव वंश के राजकुमारों दुर्योधन और युधिष्ठिर को परीक्षा के लिए बुलाया। गुरु द्रोण ने सबसे पहले युधिष्ठिर और दुर्योधन को एक अच्छा व्यक्ति ढूंढकर लाने को कहा। दोनों राजुकमार चल दिए। सारा दिन खाली हाथ भटकने के बाद शाम को वापिस गुरुकुल आए। दुर्योधन बोला, गुरुजी मुझे तो कोई भी …
Read More »जानिए जीतने का रहस्य
एक बार देवों और असुरों में घोर युद्ध हो रहा था। राक्षसों के शस्त्र, बल, और युद्ध कौशल के सामने देवता नहीं टिक पाए। वे हार कर जान बचाने के लिए भागे। सभी देवता महर्षि दत्तात्रेय के पास पहुंचे और उन्हें अपनी विपत्ति सुनाई। महर्षि ने उनको धैर्य बांधते हुए कहा ‘आप सभी पुनः युद्ध की तैयारी करें, देवताओं ने …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…