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दुर्जन से नहीं उनके दुर्गणों से घृणा करो

संत राबिया किसी धर्मग्रंथ का अध्ययन कर रही थीं। अचानक उनकी निगाह एक शब्द पर आकर रुक गई। वह शब्द था, ‘दुर्जनों से घृणा करो?’ वे कुछ देर तक उसी को दोहराती रहीं फिर उन्होंने उस पंक्ति को काट दिया। कुछ समय बाद दो संत उनके घर आए सामने रखे ग्रंथ पर उनकी निगाह पड़ी तो वे उस ग्रंथ को …

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जहां धर्म वहां विजय

दोस्तों आज हम बात कर रहे हैं धर्म के बारे में। धर्म ही हमें जीना सिखाता है, हमें सही मार्ग पर चलना सिखाता है। या फिर कह सकते हैं कि धर्म इंसान के लिए ही बना है। संसार में बहुत सारे धर्म हैं। सभी धर्म हमें इंसानियत सिखाते हैं। धर्म कोई भी हो हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। …

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हतोत्साहित मन होता है पराजय की पहली सीढ़ी

हतोत्साहित मन होता है पराजय की पहली सीढ़ी

महाभारत का युद्ध चल रहा था। एक ओर अर्जुन थे, जिनके सारथी थे ‘श्री कृष्ण’। तो दूसरी ओर कर्ण थे और उनका सारथी ‘शल्य’। भगवान श्री कृष्ण ने कर्ण के सारथी से कहा- ‘तुम हमारे विरुद्ध जरूर लड़ना पर मेरी एक बात जरूर मानना।’ जब कर्ण प्रहार करे तब कहना कि, ‘यह भी कोई प्रहार होता है, तुम प्रहार करना …

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कलियुग का लक्ष्मण

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” भैया, परसों नये मकान पे हवन है। छुट्टी (इतवार) का दिन है। आप सभी को आना है, मैं गाड़ी भेज दूँगा।” छोटे भाई लक्ष्मण ने बड़े भाई भरत से मोबाईल पर बात करते हुए कहा। ” क्या छोटे, किराये के किसी दूसरे मकान में शिफ्ट हो रहे हो ?” ” नहीं भैया, ये अपना मकान है, किराये का नहीं …

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वसंत पंचमी पर क्या करें, क्या न करें

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वसंत पंचमी को अबुझ मुहूर्त रहता है अर्थात बिना पंचांग देखे ही कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ कर सकते है। ज्योतिष में पांचवी राशि के अधिष्ठाता भगवान सूर्यनारायण होते है। इसलिए वसंत पंचमी अज्ञान का नाश करके प्रकाश की ओर ले जाती है। इसलिए सभी कार्य इस दिन शुभ होते है।पंडित धर्मेन्द्र शास्त्री वसंत पंचमी के बारे में बताते हैं …

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माघ अमावस्या / मौनी अमावस्या का महत्‍व

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माघ में पडने वाली  को माघ अमावस्या या मौनी अमावस्या कहते हैं। मौनी अमावस्या  के दिन गंगा स्नान (का बडा ही महत्व होता है  बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। मौनी अमावस्‍या के दिन मौन रहने का भी महत्‍व है, मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने के पश्चात्‌ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, हिंदु धर्म के अनुसार सागर मंथन …

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शिवजी की प्रतिमा के सामने नंदीजी की मूर्ति स्थापित करने की कथा

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शिव की मूर्ति के सामने या उनके मंदिर के बाहर शिव के वाहन नंदी की मूर्ति स्थापित होती है। नंदी बैल को पुराणों में भी विशेष स्थान दिया गया है। नंदी अपने ईश्वर शिव का केवल एक वाहन ही नहीं बल्कि उनके परम भक्त होने के साथ-साथ उनके साथी, उनके गणों में सबसे ऊपर और उनके मित्र भी हैं। कथा …

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माँ पाटेश्वरी जी व शहीद बाबा का मजार

माँ पाटेश्वरी जी

नगर बाजार(बस्ती)उ०प्र० के बस्ती जनपद से आठ कि.मी.की दूरी पर स्थित ऐतिहासिक कस्बा नगर बाजार का नाम इतिहास के पन्नों मे सुनहरे अक्षरों मे लिखा है !इसी कस्बे मे माँ पाटेश्वरी जी व शहीद बाबा का मजार हिन्दू मुस्लिम ऐकता का मिशाल बना है !नगर बाजार कस्बे मे स्थित माँ पाटेश्वरी जी के मन्दिर का कोई ऐतिहासिक प्रमाण तो नही …

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करवा चौथ का महत्त्व, कैसे हुई इस व्रत की शुरुआत

KARVA CHAUTH

करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। महिलाएं करवाचौथ का व्रत बड़ी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ करती हैं। जो अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व खुद के सौभाग्यवती होने की कामना करती हैं। करवा चौथ पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला व्रत है, इस बात को तो सभी जानते हैं। लेकिन हम यहां आपको इस …

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बिल्व वृक्ष का महत्त्व जानकर हैरान हो जाएंगे आप।

bilv vrksh

भगवान शिव से जुड़े होने के कारण बेल के पेड़ या बिल्व वृक्ष का भी काफी धार्मिक महत्त्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव को बिल्वपत्र चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं। मंदिरों और घर के आसपास बेल का पेड़ होना शुभ माना जाता है। बिल्व अथवा बेल विश्व के कई हिस्सों में पाया जाने वाला वृक्ष है। भारत …

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