सर्वव्यापक परमात्मा ही भगवान श्रीविष्णु हैं। यह सम्पूर्ण विश्व भगवान विष्णु की शक्ति से ही संचालित है। वे निर्गुण भी हैं और सगुण भी। वे अपने चार हाथों में क्रमश: शंक, चक्र, गदा और पद्म धारण करते हैं। जो किरीट और कुंडलों से विभूषित, पीतांबरधारी, वनमाला तथा कौस्तुभमणि को धारण करने वाले, सुंदर कमलों के समान नेत्र वाले भगवान श्रीविष्णु …
Read More »Story Katha
माखन लेने की अनोखी रीति
एक दिन दही मथकर माखन निकाल रहीं थीं। अचानक मां को आनन्द देने के लिए बलराम और श्याम उनके निकट पहुंच गए। कन्हैया ने मां की चोटी पकड़ ली और बलराम ने मोतियों की माला- दोनों मां को अपनी तरफ खींचने का प्रयास करने लगे। बलराम कहते थे, मां तुम पहले मेरी सुनों! और कन्हैया कहते थे कि नहीं, मां …
Read More »देवशयनी एकादशी, जानिए कैसे करें पूजन
आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं। इस साल यह पर्व 15 जुलाई यानि आज है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है। कहीं-कहीं इस तिथि को “पद्मनाभा” भी कहते हैं। पुराणों का ऐसा भी मत है कि भगवान विष्णु इस दिन से चार मासपर्यंत …
Read More »चांद- खिलौना
एक दिन की बात है। यशोदा मैया गोपिओं के साथ कान्हा की बाल-सुलभ लीलाओं की चर्चा कर रही थीं। खेलते-खेलते अचानक कन्हैया की दृष्टि चन्द्रमा पर पड़ी। उन्होंने पीछे से आकर यशोदा मैया का घूंघट उतार लिया। अपने कोमल करों से उनकी चोटी पकड़ कर खींचने लगे और बार-बार पीठ थपथपाने लगे। श्रीकृष्ण बोले मां! मैं लूंगा। जब मैया के …
Read More »शिक्षाप्रदकहानियां- बुरे समय में खुद को रखे शांत !
शाम का समय था। महात्मा बुद्ध एक शिला पर बैठे हुए थे। वह डूबते सूर्य को एकटक देख रहे थे। तभी उनका शिष्य आया और गुस्से में बोला, “गुरुजी” “रामजी” नाम के जमींदार ने मेरा अपमान किया है। आप तुरंत चलें, उसे उसकी मूर्खता का सबक सिखाना होगा। महात्मा बुद्ध मुस्कुराकर बोले, प्रिय तुम बौद्ध हो, सच्चे बौद्ध का अपमान …
Read More »हो रही है सावन की शुरुआत, ऐसे रखें सोमवार का व्रत
आदिकाल से ही सावन माह में सोमवारी व्रत का विशेष महत्त्व है। इस वर्ष सावन की शुरुआत 20 जुलाई से हो रही है। इस माह का प्रथम सोमवारी व्रत सोमवार 25 जुलाई 2016 को मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि सावन के सोमवार का व्रत करने से इच्छित वर की प्राप्ति होती है। सोमवार की पूजा विधि इस दिन प्रातः …
Read More »क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा, क्या है महत्त्व
आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा भी कहते है। इस दिन गुरु की पूजा का विधान है। कहते हैं कि इस दिन गुरु की पूजा करने से वर्ष भर की पूर्णिमाओं के सत्कर्मो का फल मिलता है। महाभारत के रचयिता वेद व्यास का जन्मदिन भी आज ही के दिन मनाया जाता है। उन्होंने चारो वेदों की भी रचना की …
Read More »भगवान विष्णु के हयग्रीवावतार की कथा
एक समय की बात है। हयग्रीव नाम का एक परम पराक्रमी दैत्य हुआ। उसने नदी के तट पर भगवती महामाया की प्रसनन्ता के लिए बड़ी कठोर तपस्या की। वह बहुत दिनों तक बिना कुछ खाये भगवती के मायाबीज एकाक्षर महामन्त्र का जप करता रहा। उसकी इंन्द्रियाँ उसके वश में हो चुकी थीं। सभी भोगों का उसने त्याग कर दिया था। …
Read More »शिक्षाप्रद कहानियां- सदा दुःखी रहता है समय गंवाने वाला
किसी गांव में एक व्यक्ति रहता था। वह बहुत ही भला था लेकिन उसमें एक दुर्गुण था वह हर काम को टाला करता था। वह मानता था कि जो कुछ होता है भाग्य से होता है। एक दिन एक साधु उसके पास आया। उस व्यक्ति ने साधु की बहुत सेवा की। उसकी सेवा से खुश होकर साधु ने पारस पत्थर …
Read More »विलक्षण गुरुदक्षिणा
आचार्य द्रोण का अपमान उनके सहपाठी पांचाल नरेश द्रुपद ने यह कह कर दिया कि एक राजा की तुम्हारे जैसे श्रीहीन और निर्धन मनुष्य के साथ कैसी मित्रता? इस तरह राजा द्रुपद से अपमानित हो बदला लेने की भावना से आचार्य द्रोण हस्तिनापुर में राजकुमारों को अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा देने लगे। एक दिन आचार्य द्रोण ने अपने शिष्यों से कहा …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…