Breaking News

wish4me

हमारा स्टेशन आ गया है

इस वजह से अगली गाड़ी में तो कम से कम सफ़र सुखद हो, यह आशा मन में रखकर भगवान से प्रार्थना करते हुए दोनों सहेलियाँ स्टेशन पर उतर गयी । भागते हुए रिजरवेशन चार्ट तक वे पहुँची और चार्ट देखने लगी.चार्ट देख दोनों परेशान और भयभीत हो गयी क्योंकि उनका रिजर्वेशन कन्फर्म नहीं हो पाया था.

Read More »

राहचबेनी: एक अनूठी क़हानी

यह कहानी दिखाती है कि जीवन के अंत में भी कैसे एक इंसान दूसरों के लाभ के लिए कुछ कर सकता है। सावित्रीदेवी की इच्छा और मदन का समर्पण इस कहानी को अद्वितीय बनाता है।

Read More »

नींव की तलाश: एक सेठ की चिंता

seth-bujarg-majdoor

बड़े बाजार में एक शानदार हवेली बनाने की तैयारियाँ हो रही थीं। खबर थी यहाँ एक सेठ जी संगमरमर का सतखण्डा महल बनवाएँगे। लाखों रुपये खर्च होंगे। पूरा होने पर उस जैसी शानदार हवेली शहर में दूसरी कोई नहीं होगी। पूरे शहर में इस बात की चर्चा होने लगी।

Read More »

स्मोक्ड कॉर्न (भुट्टा)बरसात भुट्टे व माइक्रोसॉफ्ट

bhutta

भुट्टे में दाने अपनी जड़ों से जुड़े हुए होते हैं, शायद इसीलिए धरती मां का प्राकृतिक स्वाद अलग किए गए मक्के के दानों से दोबारा नहीं मिलता

Read More »

तीर्थ का अर्थ

tirth-ka-arth

मां बाहर दरवाजे पर खड़ी हुई उसकी राह देख रही थी अंदर आकर हाथ मुंह धोकर दोनों ने भोजन किया तो मां ने उसे प्रसाद देते हुए कहा आज गली के मोड़ वाली सुमन भी वैष्णो देवी मंदिर दर्शन कर आई बस एक में ही हूं जो कोई तीर्थ .....

Read More »

बड़ा भाई

do-bhai

क्योंकि वह अब समझ चुका था उसका बड़ा भाई उसे मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, छोटी परेशानियों से उसे अकेले तो कठिन परिस्थितियों में उसकी ढाल..

Read More »

लंदन तक तखत हिला

saheed-udham-singh

मैंने ब्रिटिश राज में अपने लोगों को मरते-कटते देखा है। मुझे इस मृत्यु से डर नहीं लग रहा। मैं अपनी जन्मभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मर रहा हूँ, इससे बड़ा सम्मान मेरे लिए क्या हो सकता है"

Read More »

मीनाकुमारी भूत-प्रेतों पर भी विश्वास

meena-kumari

अकेली थी। पूरी तरह से असहाय महसूस करते हुए, मैं भविष्य के बारे में सोच भी नहीं सकती थी जब मैंने एक सरसराहट की आवाज़ सुनी और अपने माथे पर एक हाथ महसूस किया। तभी एक धीमी आवाज़ ने मुझसे कहा: " हिम्मत रखो, डरो मत.'' मैं उठकर पापा के पास भागी

Read More »

शेखर जोशी की जीवन कहानी

शेखर जोशी का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में 10 सितम्बर 1932 में हुआ था। शेखर जोशी की प्रारंभिक शिक्षा अजमेर और देहरादून में हुई थी। माध्यमिक की पढ़ाई के दौरान ही सुरक्षा विभाग में जोशी जी का ई.एम.ई. अप्रेन्टिसशिप के लिए चयन हो गया, जहाँ वे वर्ष 1986 तक सेवा में रहे, तत्पश्चात स्वैच्छिक रूप से …

Read More »

सुकून मिलता है

lady-tailor

सितम्बर 1988 की बात है । पानागढ स्कूल में क्लास 3A की मैं क्लास टीचर थी । नयी - नयी नौकरी लगी थी , मैं दुनिया बदल दूँगी वाली उत्साह से भरी थी ।

Read More »