रानी ने शिकायती लहजे में अपने भाई मोहन से कहा.... फैक्ट्री से घर लंच करने आएं मोहन ने भी जैसे ही पहला कौर सब्जी के साथ लगाकर खाया तो वह भी गुस्से से बोला.... सुधा ये क्या हैं ध्यान कहां रहता है तुम्हारा सब्जी में इतना ज्यादा नमक
Read More »wish4me
स्वर्ग से सुंदर ससुराल
शादी के बाद पहली बार मायके में आई आरोही अपने मम्मी सुधा और पिता मोहनबाबू के साथ शाम की चाय का लुत्फ उठा रही थी सामने टीवी पर चल रहे सीरियल को देखकर अचानक ही वह बोली.
Read More »अधिकार सबका है बराबर
फूल पर हँसकर अटक तो, शूल को रोकर झटक मत, ओ पथिक ! तुझ पर यहाँ अधिकार सबका है बराबर ! बाग़ है ये, हर तरह की वायु का इसमें गमन है, एक मलयज की वधू तो एक आँधी की बहन है, यह नहीं मुमकिन कि मधुऋतु देख तू पतझर न देखे, कीमती कितनी कि चादर हो पड़ी सब पर …
Read More »कलम का सिपाही
एक ग़रीब नौजवान को हीले से लगाना उनके लिए मुशकिल बात न थी। नवाब के बारे मे उनका ख़्याल भी अच्छा था। सीधा, सच्चा, जहीन, मेहनती लड़का है। मगर बहुत ग़रीब है। बेकन साहब ने यहाँ-वहाँ दो-एक ख़त लिखे और मुंशीजी की नियुक्ति २ जुलाई
Read More »श्री खाटू श्याम देवाय नमो नमः
मोर मुकुट बाले की जय 🌷तीन बाण धारी की जय हो 🌹शीश के दानी की जय हो 🌹 हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा 🌷पाँडव कुल की देवी हिंगलाज माता जी को कोटि कोटिवार नमन 🔴परम आदर्णीय श्री खाटू श्याम जी बाबा ,
Read More »माँ दुर्गा जी
परम आदर्णीय माँ दुर्गा जी को चरण स्पर्श स्वीकार हो भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने बालीं माँ दुर्गा जी की सारे संसार में हरपल जय हो
Read More »स्वामी परमानंद जी महाराज की वाणी
है आज नही तो कल नही परसो मतलब ये गया जैसे 40, 50 बर्ष गए जीवन के गए न 45,35 गए पता नही चल पाया अभी सुख की खोज में ही लगे हुऐ है सुख के साधनों को ही जुटा रहे हैं
Read More »सॉरी रांग नम्बर
अच्छा पापा, मैं भी निकलता हूँ ऑफिस से, बस दस मिनट में स्टेशन पहुँच जाऊँगा। आप वेटिंग रूम में बैठ जाइएगा” कहकर अंकित ने फोन काट दिया। उधर ट्रेन में बैठे राजेन्द्र जी और उनकी पत्नी उर्मिला ने भी बड़े उत्साह से अपना बैग-अटैची सँभाल ली क्योंकि दिल्ली का स्टेशन आने वाला ही था। गाड़ी भी रेंगने लगी थी।
Read More »दोपहर का भोजन
अचानक उसे मालूम हुआ कि बहुत देर से उसे प्यास लगी हैं। वह मतवाले की तरह उठी और गगरे से लोटा-भर पानी लेकर गट-गट चढ़ा गई। ख़ाली पानी उसके कलेजे में लग गया और वह ‘हाय राम’ कहकर वहीं ज़मीन पर लेट गई।
Read More »ताऊजी, हमें लेलगाड़ी (रेलगाड़ी) ला दोगे
ताऊजी, हमें लेलगाड़ी (रेलगाड़ी) ला दोगे? कहता हुआ एक पंचवर्षीय बालक बाबू रामजीदास की ओर दौड़ा।बाबू साहब ने दोंनो बाँहें फैलाकर कहा
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…